Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत
दीपावली..क्यों दी जाती है उल्लुओं की बलि, इस अंधविश्वास के पीछे है ये मान्यता
दीपावली यूं तो रोशनी का त्योहार अंधेरे को मिटाकर उजाला फैलाने के लिए मनाया जाने वाला त्योहार है। इस दिन भी लोग कई ऐसे काम करते है जो कि पूरी तरह से गलत होते है।
दिए की रोशनी में कई अंधविश्वास से भरे काम भी होते है जैसे कि इस दौरान उल्लुओं की बलि भी दी जाती है। इसके पीछे भी एक अंधविश्वास छिपा हुआ है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
इस समाज ने 21वीं सदी में तो कदम रख दिया है पर अंधविश्वास का अंधकार आज भी वैसा क्यों है ? आइए जानते है क्या है इसके पीछे का कारण...

बलि देने के पीछे है ये अंधविश्वास
कुछ लोगो का मानना है कि उल्लू, लक्ष्मी माता का प्रतीक होता है और धनतेरस या दीवाली वाले दिन इसकी बलि देने लक्ष्मी माता प्रसन्न होती है।
ये लोग इस अंधविश्वास के चलते ये काम करते है और उल्लू की बलि देकर अधिक लक्ष्मी माता को प्रसन्न करते है जो कि सिर्फ अंधविश्वास है।

उल्लू को ऐसा करते है तैयार
आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ लोग दीवाली से लगभग 45 दिन पहले ही उल्लू खरीद लेते है और उसको पूजा के लिए तैयार करने के लिए रोज शराब पिलाई जाती है।
दीपावली वाले दिन इसकी बलि देकर इसके कान, आंख और पंखों की भी पूजा करते है।

मंहगे-मंहगे बिकते है उल्लू
अगर आप किसी भी पक्षी को बाजार से खरीदते है तो सामान्यता वो आपको 400 से 500 तक मिल जाता है ऐसे ही उल्लू भी मिलता है।
दीपावली के समय उल्लू की तस्करी तक की जाती है क्योंकि इस समय उल्लू की शुरुआती कीमत लगभग 10000 रुपए होती है।

गैरकानूनी है उल्लू को मारना
अगर आप नहीं जानते है तो जान लें कि उल्लू को मारना या बलि देना दोनो गैरकानूनी है।
भारतीय कानून के अंतर्गत जो ऐसा करते पकड़ा गया उसको जेल तक हो सकती है। उल्लू की तस्करी करने की सजा 3 साल की तय की गई है।



Click it and Unblock the Notifications
