Latest Updates
-
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय -
Sawan Mehendi Designs 2026: सावन में हाथों पर खूब जचेंगे ये 7 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ -
Mangla Gauri Vrat 2026: आज है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व -
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत -
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश
गांधी के बारे में 5 ऐसी बातें जो आप नहीं जानते
2007 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मोहनदास कर्मचंद गांधी के जन्मदिन, अक्तूबर 2, को अहिंसा का अंतर्राष्ट्रीय दिवस घोषित किया। यह नागरिक अधिकारों और स्वतंत्रता के पितामह के रूप में प्रसिद्ध व्यक्ति का जन्मदिन मनाने का कितना अच्छा और मार्मिक तरीका है।
गांधी के बारे में 5 ऐसी बातें जो आप नहीं जानते
1. महात्मा उनका नाम नहीं था: कई लोग ऐया मानते हैं कि गांधीजी का नाम महात्मा था जो सही नहीं है। हालांकि, यह केवल सम्मान है जो बंगाली कवि और दार्शनिक रवींद्रनाथ टैगोर ने इन्हें दिया था। संस्कृत के शब्दों महा(अर्थात् महान) और आत्मा से बना यह शीर्षक इस व्यक्ति के लिए उपयुक्त प्रतीत होता है। हालांकि, गांधीजी की आत्मकथा में यह पाया गया है कि इन्होंने इस शीर्षक को महत्पवूर्ण नहीं माना और उन्हें अकसर इससे दुख होता था।

2. उनका विवाह किशोरावस्था में हुआ था: मई,1883 में, 13 साल की उम्र में गांधीजी का विवाह 14 साल की कस्तूरबा माखनजी के साथ रीति रिवाज़ के साथ हुआ। कस्तूरबा और गांधीजी के चार बेटें थे तथा 1944 में अपनी मृत्यु तक उन्होंने गांधीजी के प्रयासों का समर्थन किया।
3. उन्होंने किताब एजेंटिंग में हाथ आज़माया: बैरिस्टर, अहिंसक कार्यकर्ता, शाकाहार वकील, भारत का पिता, महान नेता? जी हाँ। लेकिन, किताब एजेंट? वास्तव में। 1894 में दक्षिण अफ्रीका में कार्य करते हुए, गांधीजी ने ईसाई संघ के साहित्य को बढ़ावा देने के लिए एजेंट बनकर ईसाई धर्म में अपनी रुचि होने का संकेत दिया था।
4. वे एक प्रयोगात्मक समुदाय में रहते थे: निष्क्रिय प्रतिरोध की ओर गांधी के आंदोलन के सम्मान में मूलरूप से सत्याग्रह आश्रम कहा जाने वाला अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम 1917 से 1930 तक गांधीजी का निवास स्थान था। समुदाय का विकास करते हुए गांधीजी और उनके अनुयायियों ने सत्य और शांति की नई सामाजिक सोच की कल्पना की जो जीवन के समकालीन तरीकों में क्रांति लाने में सहायता कर सकती थी। इस समुदाय ने कृषि, पशुपालन, गाय प्रजनन, खादी और संबंधित गतिविधियों औा साथ ही साथ आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए शारीरिक श्रम पर केंद्रित स्कूल, कृषि और साक्षरता पर बल दिया।
5. उन्हें कभी भी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला: शायद किसी भी अन्य व्यक्ति की अपेक्षा शांति से अधिक जुड़े होने वाले व्यक्ति को कभी भी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला। 1937 से 1948 के बीच वे पाँच बार नामांकित हुए लेकिन, फिर भी 1937 और 1947 के बीच वे केवल छोटी सूची में ही आए। गांधीजी 1948 में नामांकित हुए लेकिन नामांकन बंद होने से पहले उनकी हत्या कर दी गई। नोबेल समिति के सदस्यों ने बाद में इस चूक के लिए खेद व्यक्त किया।



Click it and Unblock the Notifications