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'बच्चाबाजी' जहां मनोरंजन के नाम पर बच्चे होते हैं सेक्स गुलाम
बच्चाबाजी जहां युवा लड़के बूढ़े आदमियों के मनोरंजन के लिए नृत्य करते हैं और उनका मनोरंजन करने के अलावा सेक्स गुलाम होते हैं।
अफगानिस्तान में महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर डांस या गाने गाने की छूट नहीं है। इसलिए यहां पुरुषों के एक वर्ग में लड़को को लड़कियों की तरह शृंगार करवाकर सार्वजनिक स्थलों पर नचवाया जाता हैं। और उनके साथ यौनकृत्य भी किया जाता है।
अफगानिस्तान को हमेशा दुनिया के सबसे धार्मिक देशों में से एक माना जाता हैं। बाकी देशों में कहा जाता है कि अफगानिस्तान एक ऐसी जगह है जहां पुरुष और महिलाएं दोनो बहुत ही गम्भीरता के साथ इस्लाम को मानते हैं। लेकिन कई धारणाओं के पीछे एक खतरनाक सच भी हैं। यह देश ने अभी तक एक घिनौनाऔर उदासीन रहस्य छिपाकर रखा हुआ है। यह सच है यहां कि एक प्रथा जिसे बच्चा बाची कहा जाता हैं। इस देश की सरकार भी इस बात को पूरी तरह दबाने की कोशिश करती आई हैं।
आज हम अफगानिस्तान के बच्चा बाजी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कि अंग्रेजी के शब्द 'boy's play' का ट्रांसलेशन है। जहां युवा लड़के बूढ़े आदमियों के मनोरंजन के लिए नृत्य करते हैं और उनका मनोरंजन करते हैं। लेकिन सच्चाई तो कुछ और ही है दरअसल ये लड़के महिलाओं की जगह सेक्स सेल्व यानी यौन संबंध बनाने वाले गुलाम होते हैं।
जैसे ही इस वर्ग के लड़के 10 साल के हो जाते हैं उन्हें वृद्ध व्यक्तियों के हवाले कर दिया जाता है उनके यौन संतुष्टि के लिए। आइए जानते है इस बच्चा बाजी से जुड़ी घिनौनी हकीकत।

गरीबी की वजह
अफगानिस्तान में पिछले 15 सालों में गरीबी की वजह से यह घिनोनी व्यवस्था सामने आई है।

सेक्सुअल अब्यूज
इस कुप्रथा के तहत बच्चों को अपने मास्टर या ट्रेनर के साथ सेक्स करना होता है। फिर समारोह या किसी दूसरे कार्यक्रम में इन्हें अलग अलग लोगों से यौन यातनाएं सहनी और झेलनी पड़ती है।

पुलिस करती है संरक्षित
दूसरे देशों में इसे अपराध के तौर पर पीडोफेलिया कहा जाता है। लेकिन अफगानिस्तान में इस अपराध को करने वाले लोगों को पुलिस संरक्षण देती है। क्योंकि उनके ऊपर उच्च वर्ग और सत्ताधारी लोगो का दबाव बना रहता है।

बच्चों की सुंदरता ही इनकी ताकत होती है
इन बच्चों को रखने वाले को भगवान की तरह माना जाता है। जो जितने बच्चे खरीद सकता हैं, वो उतना ही अमीर कहलाता है। कहा जाता है कि ये लड़के देखने में जितने सुंदर होते है वो अपने मालिक को उतना ही शक्तिशाली दिखाते हैं। उनकी खूबसूरती पर उनकी शक्ति निर्भर करती है। इन बच्चों को खरीदने के लिए इन्हें खूब सारा पैसा देना होता है और इनके खाने पीने रहने और कपड़ों का खर्चा वहन करना होता है।

नशे के आदी होते हैं।
वयस्क होने के बाद इन बच्चों के पास कोई ज्यादा विकल्प नहीं होता है। ज्यादातर लोगों को समाज के बाहर फेंक दिया जाता है। इनमे से ज्यादा तो ड्रग्स्टि और शराबी बन जाते हैं।

डराए जाते है।
यह लड़के बच्चा बाजी में फंसकर असहाय हो जाते है। ये लोग भाग भी नहीं सकते है। ऐसे करने पर इन्हें मारने और हत्या करने की धमकी दी जाती है।

बंदी बना दिया जाता है।
अगर कोई बच्चा यौन शौषण होने के बाद पुलिस के पास जाता है और शिकायत करता है तो उल्टा उसे ही बंदी बना दिया जाता है।

कमजोर न्याय
इस देश में कमजोर न्याय प्रणाली और गरीबी की वजह से ऐसे हजारो बच्चें सड़को पर अपना जीवन यापन करने की कोशिश कर रहे हैं।



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