बिटिया का कान छिदवाना है तो पढे़ं ये टिप्‍स

अगर आप अपनी बिटिया का कान छिदवाने की सोंच रहे हैं तो आपको अपने दिमाग में कुछ बाते सेट कर लेनी चाहिये। हर माता पिता को अपनी बेटी का कान छिदवाने के बाद बहुत सचेत रहना चाहिये। यह वह समय होता है जब आपकी बेटी को कान में इंफेक्‍शन हो सकता है। एक्‍सपर्ट का मानना है कि अगर आपके बच्‍चे के कान अभी हाल ही में छिदे हैं तो कोशिश यही होनी चाहिये कि वह बीमार ना पडे़। आपको यह भी ध्‍यान देना होगा कि कान छिदवाने से पहले आपके बच्‍चे की उम्र 6 महीने से ऊपर की हो चुकी हो।

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बिटिया का कान छिदवाना है तो पढे़ं ये टिप्‍स

1. जब भी आप अपनी बिटिया का कान छिदवाने जाएं तो कोशिश करें कि उसे हर प्रकार का टीक लग चुका हो। इससे वह इंफेक्‍शन लगने और बीमार होने से बच सकती है।

2. कान छिदवाने के लिये जब भी आप अपनी बच्‍ची को डॉक्‍टर के पास ले जा रहे हों तो उसको एक पेनकिलर खिला दें। इससे उसे आराम मिलेगा और ज्‍यादा दर्द नहीं होगा।

3. पेरेंट्स को एक बात का ख्‍याल रखना चाहिये कि जैसे ही बच्‍ची का कान छिद जाए, उसे तुरंत ही हाइड्रोजन पैराऑक्‍साइड या अल्‍कोहल लगा दें। इससे हल्‍की जलन होगी पर इंफेक्‍शन होने के चांस कम हो जाएंगे।

4. जब बच्‍ची को कान में इयररिंग पहनाई जाए तो उसे दिनर मे दो बार घुमाना ना भूलें। छे महीनों तक लगातार यह किया जाना चाहिये, जिससे कानों का छेद बंद ना हो।

5. बच्‍ची को साल भर कानों में इयररिंग पहनाई जानी चाहिये। कान छिदवाने के बाद कुछ दिनो तक कानों में हल्‍का सा नारियल तेल लगाया जाना चाहिये।

Story first published: Thursday, December 26, 2013, 16:01 [IST]
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