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प्रेगनेंसी के दौरान अपने पार्टनर को करें इमोशनली सपोर्ट
प्रेगनेंसी का समय किसी महिला के लिए सबसे सुखद एहसास होता है। पुरुष होने के नाते इस दौरान आपको उनका कई तरह से सपोर्ट करना होता है। वह अकेली ही प्रेगनेंसी की सारी पीड़ा को सहती है। इसलिए आपको उनकी हर संभव सपोर्ट करनी चाहिए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है इमोशनली सपोर्ट। अगर आप पत्नी की प्रेगनेंसी के दौरान भावनात्मक रूप से उनके साथ जुड़े रहेंगे तो उन्हें परेशानियों से पार पाने में आसानी होगी। इससे यह भी पता चलेगा कि आप अपनी पत्नी का कितना ख्याल रखते हैं।
साथ ही इससे आपके आपसी रिश्ते में भी मजबूती आएगी। इतना ही नहीं, इमोशनल सपोर्ट से पेट में पल रहे बच्चे पर भी साकारात्मक असर पड़ता है। यह बेहद महत्वपूर्ण है कि आप अपनी पत्नी के प्रति संवेदनशील रहें और किसी भी स्थिति को प्यार से सुलझाने की कोशिश करें।
प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोन में तेजी से बदलाव आता है। इससे महिलओं का मूड तेजी से बदलता है। आपका इमोशनल सपोर्ट उनकी भावनाओं को संतुलित रखने का काम करेगा और उनमें चिड़चिड़ापन भी नहीं आएगा। प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं काफी तनाव में होती है। इस तनाव से न सिर्फ महिला पर बुरा असर पड़ता है, बल्कि तनाव से पैदा होने वाले हार्मोन का बच्चे पर भी नाकारात्मक असर पड़ता है।

1. कम्युनिकेश
अगर आप प्रेगनेंसी के दौरान इमोशनली सपोर्ट करना चाहते हैं तो सबसे पहले उनसे पहले से ज्यादा बातचीत करें। अंतरंग स्तर पर उनके साथ जुड़ें। इस बात को जानने की कोशिश करें कि प्रेगनेंसी के दौरान वह किस तरह के बदलाव से गुजर रही है। अगर उन्हें आपसे किसी तरह का सपोर्ट चाहिए तो देने की पूरी कोशिश करें। ऐसा माहौल बनाएं, जिससे वह आपके सामने खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सके।
2. बच्चे से बात करें
मुझे पता है यह आपको पागलपन लग रहा होगा। पर पेट के जरिए बच्च से बात करने पर आपके पार्टनर और बच्चे पर काफी साकारात्मक असर पड़ता है। इससे तीनों के बीच संबंध और अधिक मजबूत होता है। साथ ही अगर आप ऐसा करेंगे तो इससे यह भी जाहिर होगा कि आप मां और बच्चे दोनों से प्यार करते हैं। इतना ही नहीं, इससे आपकी पत्नी को लगेगा कि उनकी प्रेगनेंसी को लेकर आप भी उत्साहित हैं।
3. उन्हें भरोसा दिलाएं
बच्चे को जन्म देने से पहले कई महिलाओं में घबराहट भी होती है। उन्हें इस बात का यकीन दिलाएं कि सारी चीजें अच्छी हो जाएगी और आप उनके लिए हमेशा मौजूद रहेंगे। इससे उनकी घबराहट कम होगी और बच्चे पर भी साकारात्मक असर पड़ेगा। आप उनसे हमेशा साकारात्मक बातें करें ताकि वह अच्छा महसूस करे।
4. ज्यादा से ज्यादा समय साथ में बिताएं
आम दिनों में भले ही आप अपने दोस्तों के साथ देर रात तक मौज मस्ती करें। इससे आपके पार्टनर को कोई परेशानी नहीं होगी। पर प्रेगनेंसी का समय आम दिनों से अलग होता है। यह बेहद जरूरी है कि आप अपने पार्टनर के साथ मौज मस्ती के ज्यादा से ज्यादा पल बिताएं। अगर आप उनके साथ फिल्म या टीवी देखेंगे तो उनको साकारात्मक संदेश जाएगा।
5. संवेदनशील बनें और शांत रहें
प्रेगनेंसी के दौरान आपके पार्टनर के हार्मोन में बदलाव होता है। हो सकता है कि सामान्य परिस्थिति में भी वह कुछ अलग बर्ताव करे। भले ही वह कितनों की आक्रमक और इमोशनल क्यों न हो जाए, आप उनके प्रति संवेदनशील रहें और मामले को ठंडे दिमाग से सुलझाएं।



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