Latest Updates
-
नाखूनों से होली का पक्का रंग छुड़ाने के लिए आजमाएं ये घरेलू उपाय, मिनटों में दूर हो जाएंगे सारे निशान -
Holi 2026: रंगों की मस्ती में न आए कोई परेशानी, इन सावधानियों के साथ मनाएं सुरक्षित होली -
क्या Chandra Grahan के दौरान शारीरिक संबंध बनाना सही है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र और नियम -
Holi Wishes 2026 For In-Laws: सास-ससुर से लेकर साले-साली तक; होली पर ससुराल वालों को भेजें ये प्यार भरे संदेश -
Chandra Grahan 2026: आज साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण; अनिष्ट से बचने के लिए राशि अनुसार करें इन चीजों का दान -
Holi 2026 Wishes For Jiju: मीठी-मीठी गुझिया खाइए...इन मजेदार शायरियों से जीजा जी को दें होली की शुभकामनाएं -
Chandra Grahan 2026: क्या सूतक काल में गर्भवती महिलाएं सो सकती हैं? जानें क्या कहता है शास्त्र और विज्ञान -
Happy Holi Wishes 2026: पिचकारी में भर लिया रंग…होली पर दोस्तों और प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Holi My Dear Husband: इस होली अपने पति को भेजें ये चुनिंदा प्रेम भरे संदेश, और भी गहरा होगा आपका बंधन -
Holi Wishes in Banarasi Style: का बे, रंगवाओगे कि खाली मुसुराओगे? आपके दोस्तों-रिश्तेदारों के लिए बनारसी मैसेज
प्रेग्नेंसी में पैरों में सूजन और दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकती है ये गंभीर बीमारी
DVT In Pregnancy: मां बनना हर महिला के लिए जीवन का सबसे सुखद अहसास होता है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें से एक गंभीर और साइलेंट समस्या है डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT)। डॉक्टर्स के मुताबिक प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलीवरी के बाद डीवीटी होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। अक्सर महिलाएं इसे साधारण समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जिसके कारण बाद में स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में, प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान दें। पैर में अचानक सूजन, दर्द या लालिमा कभी न नजरअंदाज करें। सही समय पर लक्षण पहचानकर इलाज लेने से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। आज इस लेख में मदरहुड हॉस्पिटल की कंसल्टेंट, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ सुरभि सिद्धार्थ से जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के बाद डीवीटी होने के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से -

डीवीटी क्या होता है? - What IS DVT In Hindi
डीवीटी एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की गहरी नसों (Deep veins) में खून का थक्का बन जाता है। यह आमतौर पर पैरों में होता है, जिससे गंभीर दर्द, सूजन व अन्य समस्याएं होने लगती हैं। कई बार यह थक्का रक्त के साथ बहकर आपके फेफड़ों या दिमाग तक पहुंच जाता है, जिससे पल्मोनरी एम्बोलिज्म और स्ट्रोक जैसी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं।
प्रेग्नेंसी में डीवीटी के कारण - Causes Of DVT In Pregnancy In Hindi
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं, जो डीवीटी का खतरा बढ़ा देते हैं। जैसे -
खून का गाढ़ा होना
पैरों में खून का प्रवाह धीमा होना
लंबे समय तक बैठना या बेड रेस्ट
मोटापा
सीजेरियन डिलीवरी
शरीर में पानी की कमी
पहले डीवीटी का इतिहास
डीवीटी के लक्षण -Symptoms Of DVT In Pregnancy In Hindi
पैरों में सूजन
नसों में दर्द
पिंडली या जांघ में दर्द
पैर में भारीपन महसूस होना
त्वचा का लाल या गर्म होना
चलने पर दर्द बढ़ना
डीवीटी से बचाव के उपाय - DVT In Pregnancy Prevention Tips In Hindi
डिलीवरी के बाद डीवीटी से बचाव के लिए आप कुछ सरल उपायों को आजमा सकती हैं, जैसे -
हल्की वॉक या डॉक्टर द्वारा बताई प्रीनेटल एक्सरसाइज करें।
लंबे समय तक लगातार न बैठें और हर 1 घंटे में पैरों को स्ट्रेच करें या थोड़ा टहलें।
खूब पानी पिएं, जिससे आप शरीर हाइड्रेटेड रहे, क्योंकि डिहाइड्रेशन से डीवीटी का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टर की सलाह पर कंप्रेशन स्टॉकिंग पहनें।
किसी भी तरह की पैर की सूजन या दर्द को हल्का न लें।



Click it and Unblock the Notifications











