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बच्चों में कैसे दूर करें हकलाहट
बच्चों में हकलाहट कोई नई बात नहीं है। अगर इस समय बच्चे पर ध्यान ना दिया गया और उसका मजाक बना कर छोड़ दिया गया तो बच्चे के अंदर हीन भावना आ सकती है। कई सारे बच्चे हैं जो 2 से 5 के बीच में होते हैं, जो कि कई शब्द को बड़ी मुश्किल से बोल पाते हैं। यदि आपका बच्चा भी हकलाता है तो आपको समझना होगा कि यह समस्या तुरंत नहीं सही होने वाली है और इसमें समय लगेगा। इसको ठीक करने के लिये आपको अपने बच्चे को स्पीच थैरेपिस्ट के पास ले कर जाना होगा, जहां पर सिंपल टेक्नीक दृारा इसका इलाज संभव है।
यहां पर कुछ आसान टिप्स दी गई हैं जिससे आप के बच्चे को हकलाहट से छुटकारा मिलेगा:

1. योगा: जब आपका बच्चा डरा या सहमा रहता है तो वह हकलाने लगता है। ऐसे में उसे योगा सिखाएं जिससे वह हमेशा खुश मूड में रहे।
2. शीशे के सामने अभयास: अपने बच्चे को शीशे के सामने खड़ा कर के जोर जोर से किताब की पूरी लाइन पढ़वाएं। इसेस बच्चा अपने डर पर काबू पा सकेगा और उसमें चार लोगों के सामने बोलने की हिम्मत आ जाएगी।
3. किताब पढे़: कई बच्चों को किताब पढ़ना अच्छा नहीं लगता। लेकिन किताब को तेज आवाज में पढ़ने से बच्चों की यह समस्या हल हो जाएगी।
4. ठीक प्रकार सांस: बच्चों को पढ़ते और बोलते वक्त सांस लेने में समस्या होती है। इस समस्या से निजात पाने के लिये उन्हें ब्रीथिंग एक्सरसाइज करवाएं। इससे वे सही तहर से बोलने में सक्षम रहेंगे।
5. स्पीच थैरेपी- जब बात बच्चे के हकलाहटपन की आती है तो, कई पेरेंट्स स्पीच थैरेपी का सहारा लेते हैं। वे यह नहीं चाहते कि बच्चा जिंदगी भर संकोच से जीता रहे। इससे बच्चे के अंदर कांफिडेंस आता है और बोलने में कौशल जगता है।



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