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बच्चे के क्रोध से निपटने के लिए 5 टिप्स
आज की इस व्यस्त जिंदगी में हर तरफ टेंशन ही टेंशन है. कभी जॉब की टेंशन कभी घर की टेंशन. बोले तो अनलिमिटिड टेंशन ऐसे में सबसे ज्यादा परेशान करने वाली टेंशन है बच्चों की टेंशन खासकर तब जब माता - पिता दोनों ही कामकाजी हों. आज के इस आपाधापी वाले समय में बच्चों को अच्छी परवरिष देना एक चुनौती से कम नहीं हैं. कम उम्र में ही जिस तरह बच्चों में गुस्सा बढता जा रहा है ऐसे में पेरेंस के लिए बच्चों को कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो गया है. बच्चों का अग्रेसिव नेचर पेरेंस के लिए बहुत बड़ी समस्या है. नतीजन जब पेरेंस के लिए ऐसा नेचर बर्दास्त से बाहर हो जाता है जाता है तो वो बच्चों पर हाथ उठा देते हैं.
पेरेंस के लिए बच्चों को समझना अौर उन्हें कुछ समझाना दोनों ही एक चैलेंज से कम नहीं. हाल ही में मनोविकृति विज्ञान के जनर्ल में इसी संदर्भ में एक सर्वे प्रकाशित हुआ जिसके अनुसार 85 फीसदी बच्चे अपने बुरे व्यवहार के कारण पेरेंस से मार खाते हैं. इस लिहाज से यकीनन यह एक बडी़ समस्या बन गया है कि आखिर बच्चों को कैसे संभाला जाए, कैसे उनके नेचर को या कहें कि व्यवहार को विन्रम बनाया जाए, कैसे उनमें गुस्सा कम किया जाए. तो घबराइये नहीं क्योंकि हमारे पास है इस समस्या से निपटने के कुछ आसान तरीके.

बच्चे के क्रोध से निपटने के लिए 5 टिप्स
1 खुद शांत रहिये अौर बच्चों को समय दीजीएः पेरेंस को अपना पेसेंस लेवल कभी कम नहीम करना चाहिए. होता यह है कि दिन भर की थकान के बाद आप खुद मानसिक रुप से इतने थक जाते हैं कि छोटी—छोटी बात पर भी बच्चों पर भड़क जाते हैं. आप को यह बात याद रखनी चाहिए बच्चे जो देखते हैं, वही सीखते हैं. ऐसे में आपका उनके प्रति अग्रेसिव व्यवहार उनके दिमाग पर असर डालता हैं. बदले में वो भी फिर आपके साथ ऐसा ही व्यवहार करते हैं.
2. हिंसक प्रतिक्रिया देने से बचिएः आप किसी भी किमत पर चाहे बच्चों पर हाथ उठाने से बचिए. बच्चे नादान होते हैं ऐसे में अगर आप चाहेंगे कि उन्हें मार—पीट के आप उन्हें सुधार देंगे तो यह आपकी गलतफ़हमी है. अगर आप बच्चों के प्रति हिंसक रुख अपनाते हैं तो आप बच्चे के सुधारने की आखिरी उम्मीद को भी खो देंगे. फिर वो आप की इज्जत नहीं करेंगे बल्कि आपसे डरेंगे, अपनी हर गलती आप से छुपाएंगे. आपका ऐसा रवैया बच्चों के मनोविज्ञान पर नकारात्मक असर डालता है. धीरे धीरे आपके इस हिंसक व्यवहार के कारण भावनात्मक स्तर पर आपका अपना ही बच्चा आपसे दूर होता जाएगा.
3. बच्चों को अच्छा व्यवहार करना सीखाइयेः जैसा कि हमने पहले भी कहा कि बच्चे वही सीखते हैं जो देखते हैं. ऐसा में आपको चाहिए कि आप बच्चों को सिखाएं कि उन्हें कैसा व्यवहार करना चाहिए. किस परिस्थिति में किस तरह बात करनी चाहिए आपको उन्हें हर बात को हर परिस्थिति को समझाना चाहिए, बच्चे भोले होते हैं उन्हें समझ नहीं होती यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप उन्हें समझाए कि आचरण में क्या अच्छा है अौर क्या बुरा. अगर आपका बच्चा बड़ा है किशोरावस्था में है तो आप अौर बेहतर ढ़ग से उन्हें समझा सकते हैं. आपको इसके लिए अलग अलग तरीके से, अलग अलग उदाहरण देकर बच्चों को समझाना चाहिए.
4. बच्चों को षारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करें : आपको बच्चों को षारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करना चाहिए. आपको इसके लिए एक गेम की व्यवस्था करनी होगी. करना कुछ खास नहीं है बस एक वॉल की जरुरत है जिस पर बच्चा कुछ लिख सके. आप बच्चों को उस दिवार पर उस परिस्थिति अौर लोगों के बारे में लिखने को कहिए जो उन्हें स्कूल में या कहीं भी उन्हें गुस्सा दिलाते हैं अौर फिर उन्हें गीला कपड़ो के लत्ते दीजीए उस दिवार पर फेंकने के लिए. देखिए कैसा इस तरह आपके बच्चे का गुस्सा कम होता है. यह एक मनोवैज्ञानिक तरीका है गुस्से से निपटने का जो आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. गुस्सैल बच्चे को डील करने के तरीके
5. बच्चों को सिखाइये कि गुस्से पर कैसे काबु पाएंः आपको अपने व्यवहार के द्वारा बच्चों को सीखाना चाहिए कि गुस्से पर कैसे काबु पाया जाए. इसके लिए आप बच्चों से शेयर कीजिए कि कैसे आप जब किसी बात पर चिढे़ या गुस्से में होते हैं तो कैसे अपना गुस्सा कम करते हैं. कौन सा तरीका अपनाते हैं तकिया फेंकते हैं या इस तरह कोई अौर तरीका जो भी आप अपनाते हैं गुस्सा कम करने के लिए. बल्कि बच्चों को यह भी बताइये कि जब वो आपको बर्दास्त से ज्यादा गुस्सा दिला देते हैं तब कैसे आप खुद को शांत करते हैं, खुद पर कैसे कंट्रोल करते हैं. बच्चे के साथ सहानुभूति रखिए हमेशा उसे डराना नहीं चाहिए.



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