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प्रसव के बाद कैसे रखें स्वच्छता?
बच्चे को जन्म देना एक कठिन शारीरिक प्रक्रिया है। प्रसव के बाद, शरीर काफी कमजोर हो जाता है और काफी दिनों तक बॉडी में कई परिवर्तन होते रहते है। इस दौरान आपके शरीर और दिनचर्या, दोनों में परिवर्तन आ जाता है। स्वास्थ्य, खाना खाने की स्थिति और थकान का स्तर बढ़ जाता है।
प्रसव, किसी भी औरत की जिन्दगी का सबसे अच्छा पल होता है। आप किसी नन्हे बच्चे को जन्म देने के बाद मानसिक रूप से स्वस्थ हो जाती है लेकिन शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो जाती है। इस दौरान महिलाओं की योनि में परिवर्तन होता है, उन्हे पेशाब में कई दिक्कतें हो सकती है। जब आप मां बनने वाली होती है तो आपकी बॉडी में कई चेजेंस आते है, पर ये चेंजेस डिलीवरी के बाद खत्म नहीं हो जाते है बल्कि होते ही रहते है। प्रसव के बाद आपको अपने शरीर के कुछ हिस्सों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पड़ती है।
बात सिर्फ विशेष ध्यान देने पर ही खत्म नहीं हो जाती है, प्रसव के बाद हाईजिन यानि स्वच्छता का ध्यान भी रखना पड़ता है ताकि आपको और आपके नन्हे - मुन्हे को कोई दिक्कत न हो। प्रसव के दौरान अगर आपको योनि में टांके लगते है तो उनका और स्तनों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। इसके अलावा, बॉडी के पर्सनल पार्ट्स को भी साफ रखना चाहिए ताकि किसी प्रकार का कोई संक्रमण न होने पाएं।

आइए जानते है कि प्रसव के बाद कैसे रखें स्वच्छता :
हाथ धुलना : प्रसव के बाद अपने हाथों को साफ रखें। गर्म पानी से हाथों को साफ करें ताकि आपको सर्दी न लगे। अगर आपको सर्दी लग जाएगी तो बच्चे को भी सर्दी लग जाएगी जो उसके लिए घातक होती है। हाथों को धुलने से जर्म आपकी बॉडी में संक्रमण नहीं फैला पाएंगे।
योनि से निकलने वाले पदार्थ को जांच करवाएं :
प्रसव के बाद कुछ हफ्ते तक लगातार खून बहता है लेकिन अगर इस दौरान योनि से चिपचिपा पदार्थ निकले तो डॉक्टर से सलाह लें। बर्फ से सेंक लें, तो भी आराम मिलता है। इस दौरान योनि में सूजन रहती है, डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली दवाओं और सलाह को ध्यान में रखें। सूजन को कम करने के लिए पैड के बीच में हेजल पैड रख लें ताकि योनि की सूजन में राहत मिलें। इस प्रकार, महिलाएं शरीर के इस भाग का प्रसव के बाद विशेष ध्यान रखें।
गर्म पानी से सेंक लें :
प्रसव के बाद, गर्म पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए। पेट और पेट के निचले हिस्से को दिन में कुछ देर गर्म पानी का सेंक दें, इससे दर्द से राहत मिलेगी। प्रसव के बाद महिलाओं को कई बार यूरिन की दिक्कत हो जाती है, वह ज्यादा तेज हसें या खांसें तो उन्हे पेशाब पेंटी में ही लीक होने का ड़र रहता है। ऐसे में प्रॉपर तरीके से पैड का इस्तेमाल करें। गर्म पानी से सेंक लेने से ऐसी समस्या से निजात मिल सकती है।
मूत्राशय संक्रमण :
डिलीवरी के बाद मूत्राशय में संक्रमण होने का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। डिलीवरी के बाद, मूत्राशय में सूजन आ जाती है, ऐसे में हर बार पेशाब जाने पर दर्द होता है। आप ज्यादा मात्रा में पानी पिएं और गुनगुने पानी से सेंक लें। इस तरह से मूत्राशय में होने वाले दर्द में आराम मिलेगा और ऐंठन से भी राहत मिलेगी।
संक्रमण न होने दें :
प्रसव के बाद अपने पास गर्म पानी की स्क्वीर्ट बॉटल रखें। जब भी पेशाब करके आएं तो सिकाई कर लें, इससे आराम मिलेगा। वैसे पेशाब करने के बाद हल्के गुनगुने पानी से योनि को धुल लें तो संक्रमण होने का खतरा न के बराबर हो जाएगा। पानी से सिकाई करने से दर्द में राहत मिलेगी।
पेरिनिया साफ रखें :
पेरिनिया की देखभाल करें, इसकी सफाई रखें। इस दौरान इस हिस्से में संक्रमण होने का खतरा रहता है। डिलीवरी के बाद कुछ हफ्ते तक योनि से स्त्राव होता है। ऐसे में इस हिस्से को साफ रखें ताकि ब्लड़ से कोई संक्रमण न होने पाएं। डिलीवरी के बाद टैम्पून से अच्छा होगा कि पैड्स का इस्तेमाल किया जाएं। हर चौथे घंटे में एक पैड का बदल लें। इस दौरान पेरिनिया की प्रॉपर केयर रखें। अगर पैड बदलने या पेशाब के दौरान आपको किसी प्रकार का संक्रमण दिखाई दें तो तुरतं अपनी डॉक्टर से सम्पर्क करें।
जननांगों की सफाई रखें :
वैसे तो डिलीवरी से पहले ही आपको जननांगों की सफाई कर लेनी चाहिए ताकि बाद में कोई दिक्कत न हो। प्रसव के बाद टांके आएं तो सावधानी पूवर्क उनकी स्वच्छता का ख्याल रखें।
स्तनों पर विशेष ध्यान दें :
डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पड़ती है क्योंकि आपके बच्चे का भोजन वहीं से आता है। बच्चे को स्तनपान करवाने के बाद ब्रेस्ट को धुल लें ताकि बच्चे की लार उसमें लगी न रह जाएं, वरना बाद में उसके मुंह में छाले भी पड़ सकते है। ब्रेस्ट से थोड़ा मिल्क निकालकर उसे स्तन के काले हिस्से पर लगा लें और सूखने दें। इस दौरान ज्यादा टाईट ब्रा न पहनें। कॉटन की ब्रा ही पहनें। स्तनों को ड्राई न होने दें, उन्हे मॉश्चराइज रखें। कॉटन ब्रा, स्तनों के लिए सबसे फायदेमंद होती है, इससे उनमें हवा पास होती है। अगर प्रसव के बाद स्तनों से बहुत ज्यादा मिल्क निकलता हो, तो ब्रेस्ट पैड का इस्तेमाल करें। इन पैड को पूरी तरह भीग जाने से पहले और थोड़े - थोड़े अन्तराल पर बदलते रहे ताकि कोई इंफेक्शन न हो पाएं। कभी भी प्लास्टिक वाले पैड का इस्तेमाल न करें, यह नुकसानदायक होते है।
निपल्स पर क्रीम लगाएं :
प्रसव के बाद ब्रेस्ट मिल्क निकलने के कारण निपल्स छील जाते है और उनमें दर्द होता है। इसलिए प्रसव के बाद निपल्स पर लानोलिन क्रीम लगाएं। इसे लगाने के बाद, बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करवाने पर धुलना नहीं पड़ता है।
प्रसव के बाद हर औरत को इन सभी टिप्स पर गौर करना चाहिए क्योंकि इस अवधि में शरीर सबसे नाजुक दौर से गुजरता है, ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही आपको परेशानी में डाल सकती है। इन बातों को ध्यान में रखकर आप अपने बच्चे के अच्छा समय बिता सकती है।



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