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असमय प्रसव से बचने के 9 तरीके
बच्चे को गर्भ में बनने के लिये 38 से 40 सप्ताह लग जाते हैं लेकिन जो बच्चे उससे पहले ही पैदा हो जाते हैं उन्हें जान का खतरा हो जाता है। समय से पहले जन्में बच्चों को प्रीमैच्योर बेबी भी कहते हैं क्योंकि वे ठीक प्रकार से बने नहीं हुए होते हैं।
आज कल काफी सावधानी रखने के बावजूद भी ऐसी घटना सुनने में आम हो रही हैं। हर मां इस खतरनाक अवस्था को अपनी ओर से टालना चाहती है। कुछ तहर के फलों को प्रेगनेंसी के समय खाने से लेबर पेन शुरु हो सकता है, इन फलों में अनानास का नाम सबसे ऊपर है।
इसके अलावा ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी भी प्रसव जल्दी करवा देता है। यदि आप भी प्रेगनेंट हैं और असमय प्रसव से बचना चाहती हैं तो हमारे बताए हुए कुछ ट्रिक्स आजमाइये।

जन्म के पूर्व विटामिन
हर तरह के विटामिन जैसे, कैल्शियम, विटामिन के, फोलिक एसिड आदि लेते रहिये। कुपोषण भी असमय प्रसव के लिये जिम्मेदार होता है।

ओमेगा 3 फैटी एसिड
भ्रूण के अच्छे विकास के लिये ओमेगा 3 फैटी एसिड लेना बहुत ही जरुरी है। यह आपको कई खाघ पदार्थों से मिलेगा खासतौर पर समुंद्री जीवों से ।

मसूडे़ की बीमारी
हो सकता है इसे सुन कर आपको थोड़ी हैरानी हो रही होगी लेकिन मसूड़ों की बीमारी को हमेशा ही असमय प्रसव से जोडा गया है। तो अगर आप प्रेगनेंट हैं तो इस समस्या को कभी भी इगनोर ना करें।

खूब पानी पीजिये
गर्भावस्था के दौरान आप को जब भी प्यास लगे तब खूब सारा पानी पीजिये क्योंकि डीहाइड्रेशन यानी की पानी की कमी की वजह से भी असमय प्रसव हो जाता है।

बार बार पेशाब करें
जब भी पेशाब लगे तो उसे रोकने की बजाए तुरंत पेशाब कर लें वरना आपके बढे़ हुए यूट्रस पर ज्यादा प्रेशर पडेगा।

थोड़ी-थोड़ी देर पर खाएं
हमेशा सही आहार ही खाना अच्छी बात नहीं है बल्कि सही समय पर सही आहार खाना ज्यादा जरुरी है।

जो खाएं उस पर ध्यान दें
पपीता और अनानास जैसे फलों को प्रेगनेंसी के दौरान खाने से बचें। इनमें रसायन होता है जो कि यूट्रीन पर प्रेशर डाल कर ब्लीडिंग पैदा कर सकता है।

भारी वजन ना उठाएं
भारी वजन वाला समान आपके नाल पर जोर डाल सकता है। एक टूटा हुआ डाल मिसकैरेज पैदा कर सकता है।

वजन कंट्रोल करें
ज्यादा शारीरिक वजन आपके लिये अच्छा नहीं होगा इससे प्रिटर्म बर्थ होने के चांस ज्यादा रहते हैं क्योंकि इससे यूट्रस पर जोर पड़ता है।



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