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गर्भावस्था के दौरान विटामिन की अधिक मात्रा के साइड इफेक्ट
गर्भावस्था के दौरान अक्सर महिलाओं को प्रोटीन, विटामिन, आयरन और कैल्शियम खाने की सलाह दी जाती है, क्यों कि यह माँ और उसके बच्चे के सेहत के लिए अच्छा होता है। लेकिन यह तब लाभ दायक सिद्ध होता है जब यह प्राकृतिक तरीके से लिया जाये, जैसे फल, ताज़ी हरी पत्ते दार सब्जियाँ और दूध। कई माहिलायें गर्भावस्था के दौरान विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए विटामिन के सप्लीमेंट लेना शुरू कर देती हैं, पर यही सप्लीमेंट कभी कभी उनके लिए खतरनाक भी साबित हो जाते हैं। शुरूआती गर्भावस्था के दौरान न खाएं ये फूड
और अगर किसी वजह से आपको विटामिन्स के सप्लीमेंट लेने ही पढ़ जाये तो डॉक्टर की सलह अवश्य लें. आईये जाने कुछ ऐसे ही विटामिन के बारे में जो अगर अधिक मात्रा में लिए जाएँ तो हानिकारक भी हो सकते हैं.

1. विटामिन ए:
ज्यादा विटामिन ए खाने से लीवर ख़राब होने और गर्भपात हो सकता है, तो अगर आपको विटामिन ए खाना है तो अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह ले।

2. फोलिक एसिड
फोलिक एसिड की अधिक मात्रा पेट में ऐंठन, दस्त, व्यग्रता, नींद से जुड़ी समस्याओं, चिड़चिड़ापन, भ्रम, मतली, पेट खराब, व्यवहार में बदलाव, त्वचा रोग , दौरे, और दुसरे बुरे प्रभाव का कारण हो सकता है। एक शोध के अनुसार अगर लंबे समय तक फोलिक एसिड की अधिक मात्रा ली जाये तो, जो लोग दिल की समस्या से झुझ रहे हैं उन्हें दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है और कैंसर का खतरा भी बढ़

3. विटामिन बी 1:
विटामिन बी 1 की ओवरडोज त्वचा पर चकत्ते, एलर्जी, अनिद्रा, हार्ट पैल्पिटैशन्ज़, होठों का नीला पढ़ जाना, छाती में दर्द, सांस की कमी महसूस करना, उल्टी होना और उसके साथ खून का आना। विटामिन बी 1 की अधिक खुराक दिल और दिमाग पर बुरा प्रभाव डालती है।

4. विटामिन बी -6:
विटामिन बी -6 की ओवरडोज अकड़न, नवजात शिशु को नुक्सान और तंत्रिका क्षति हो सकती है। सूरज की रोशनी के लिए अत्यधिक संवेदनशीलता, दर्द, त्वचा पर धब्बे और मतली विटामिन बी -6 की अधिक मात्रा के दुष्प्रभाव हैं।

5. विटामिन बी 12:
अधिक मात्रा में विटामिन बी 12 लेने से कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। शरीर के विभिन्न भागों में खुजली, दिल की बीमारी, चक्कर आना और नियमित रूप से सिर दर्द रहना कुछ बीमारियाँ है जो विटामिन बी 12 के ज्यादा उपयोग से होती हैं। विटामिन की अधिक मात्रा से ल्यूकेमिया भी हो सकता है और अगर आप गर्भवती है और एनीमिया भी है तो विटामिन बी 12 लेने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

6. विटामिन सी:
एक अध्यन के मुताबिक विटामिन सी की अधिक मात्रा से गुर्दे की पत्थरी का खतरा बढ़ जाता है। हमारा शरीर विटामिन सी को ऑक्सालेट में बदल देता है, अधिकतर ऑक्सालेट मूत्र के माध्यम से हमारे शरीर से बाहर निकल जाता है और जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो इसे शरीर से निकला नहीं जा सकता है और यह हमारे शरीर में जमा होने लगती है जो आगे चलके किड्नी स्टोन का रूप ले लेती है।

7 . विटामिन डी
विटामिन डी की ओवरडोज आपके रक्त में कैल्शियम का स्तर बढ़ा देता है, रक्त में कैल्शियम के स्तर के बढ़ने के साथ कम भूक लगना, मतली और उल्टी जैसे लक्षण हो सकते हैं। अधिक मात्रा में कैल्शियम लेने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। विटामिन डी की ओवरडोज से कमजोरी, बार बार पेशाब और गुर्दे की समस्या उत्पन होने लगती हैं।

8. विटामिन ई:
गर्भावस्था के दौरान विटामिन ई के ओवरडोज से गर्भपात तक हो सकता है जो कि एक बहुत गंभीर समस्या है, इसलिए इसे लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य ले लें।



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