Latest Updates
-
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व -
Global Handwashing Day 2026: इस बार किस थीम के साथ मनाया जा रहा है यह दिन? जानें हाथ धोने का सही तरीका
गर्भावस्था के दौरान फूड क्रेविंग से निपटने के 6 आसान तरीके
कई महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कई प्रकार के खाद्य पदार्थ खाने की इच्छा होती है और यदि आप भी ऐसा महसूस कर रही हैं तो निश्चिंत रहिये - आप अकेली नहीं हैं।
कई महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कई प्रकार के खाद्य पदार्थ खाने की इच्छा होती है और यदि आप भी ऐसा महसूस कर रही हैं तो निश्चिंत रहिये - आप अकेली नहीं हैं।
क्रेविंग क्यों होती हैं?
अध्ययनों से पता चला है कि विश्व में लगभग 84 प्रतिशत महिलायें गर्भावस्था के दौरान फ़ूड क्रेविंग की समस्या से ग्रसित होती हैं, इनमें से कुछ बहुत आश्चर्यजनक होती है! तो ऐसा क्या है जो अचानक एक पैकेट चिप्स के लिए आपको घुटने पर बैठने के लिए मजबूर कर देता है?
खैर, विशेषज्ञ ऐसा मानते हैं कि सामान्यत: फ़ूड क्रेविंग आहार में कमी का संकेत होती है। इसका अर्थ यह अहि कि जब आपके शरीर में किसी विशेष पोषक तत्व की कमी हो जाती है तो यह क्रेविंग के रूप में बाहर आती है। फ़ूड क्रेविंग वास्तव में एक तरीका है जिसके द्वारा शरीर यह बताता है कि कुछ विशेष प्रकार की कमी है।
यह कहानी का केवल एक हिस्सा है - कुछ अन्य विशेषज्ञों का विश्वास है कि हार्मोन्स में परिवर्तन होने के कारण फ़ूड क्रेविंग होती हैं। हार्मोन्स जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का प्रभाव ब्रेन पर पड़ता है जिसके कारण इस प्रकार की इच्छाएं हो सकती हैं जिन्हें रोका नहीं का सकता।
ऐसा विश्वास है कि हार्मोन्स में होने वाले उतार चढ़ाव के कारण गर्भवती महिलाओं में गंध और स्वाद संबंधी चेतनाएं बढ़ जाती है जो गर्भावस्था के दौरान होने वाली क्रेविंग के लिए एक अन्य कारण है।

फ़ूड क्रेविंग का अर्थ:
रेड मीट खाने की इच्छा - इसको सीधे प्रोटीन की कमी से जोड़ा जा सकता है।
आडू खाने की इच्छा - आपके शरीर में बीटा कैरोटीन की कमी है।
चॉकलेट खाने की इच्छा - आप मैग्नेशियम की कमी से ग्रस्त हैं।
बर्फ़ खाने की इच्छा - अध्ययनों से पता चलता है कि बर्फ़ खाने की इच्छा होने से तातपर्य है कि आप में लोहे की कमी है।

स्वयं का ध्यान विचलित करें:
यदि आप सोचते हैं किसी विशेष प्रकार की क्रेविंग से आपको या आपके होने वाले बच्चे को नुकसान हो सकता है तो उससे अपना ध्यान हटा दें (उदाहरण के लिए शराब, सिगरेट आदि)।

जंक फूड से रहें दूर
जहाँ कुछ मम्मियों को पोषक खाद्य पदार्थ जैसे स्ट्रॉबेरीज़, चीज़, फिश, दूध और ऑरेंज खाने की इच्छा होती है वहीँ कुछ को चिप्स, मीट और मीठे पेय आदि खाने की इच्छा होती है। यहाँ तरीका यह है कि अन्हेल्दी खाद्य पदार्थों को हेल्दी फूड्स से बदला जाए।

क्रेविंग का कारण जानने की कोशिश करें
एक अन्य तरीका यह है कि अपनी क्रेविंग के कारण जानने का प्रयत्न करें और इसके पैटर्न जानने का प्रयत्न करें - क्या जब आपकी आपके पति के साथ लड़ाई होती है तब आपका चॉकलेट खाने का मन करता है? याद रखें - चॉकलेट खाने से यह मामला हल तो नहीं होता।

खाली ना बैठें
गर्भावस्था के दौरान शारीरिक रूप से सक्रिय रहना बहुत आवश्यक है। अन्हेल्दी क्रेविंग से बचने के लिए वॉक पर जाएँ और खुली हवा में सांस लें।

एसेंशियल फैटी एसिड की आवश्यकता को पूरा करें -
खोज से यह पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान फ्लेक्स ऑइल या फिश ऑइल सप्लीमेंट्स लेने से फ़ूड क्रेविंग को कम करने में सहायता मिलती है।



Click it and Unblock the Notifications
