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प्रेगनेंसी में इन बातों पर ध्यान देने से बच्चें का आईक्यू होता है तेज
गर्भावस्था में महिलाओं की हर बात का असर गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। इसलिए महिलाएं खानपान से लेकर आपनी कई आदतों पर ध्यान देती है। क्योंकि प्रेगनेंट महिलाओं की डेली रुटीन गर्भ में पल रहे है बच्चों पर ध्यान देती है। हर महिला चाहती है कि उसका बच्चा दिमागी तौर पर तेज हो इसलिए वो हर छोटी सी छोटी बातों का ध्यान रखती है।
लेकिन एक रिसर्च के अनुसार गर्भ में ही बच्चे का आईक्यू लेवल विकसित किया जा सकता है। ऐसे में अगर मां चाहे तो वह गर्भ में ही बच्चे के आईक्यू को बूस्ट करने में अहम भूमिका निभा सकती है। बस उसको इन बातों का नियमित तौर पर ख्याल रखना होगा।
आइए जानते है कि गर्भवती महिलाएं कैसे गर्भ में पल रहे है बच्चों का दिमाग तेज कैसे कर सकती हैं ?

आवाज का अहसास
23वें हफ्ते के बाद गर्भ में पल रहा बच्चा कुछ आवाजों पर रिस्पांस भी देना शुरू कर देता है और मां की आवाज तो उसके लिए खास होती ही है। वो मां की आवाज में रिस्पांस देना शुरु कर देता है। इसलिए इस दौरान मां को अच्छी किताबें पढ़ना और सुकून भरे गीत व कविताएं मां की आवाज में सुनना बच्चे के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे उसका मस्तिष्क तेजी से बढ़ता है।

सही खानपान
गर्भावस्था के दौरान सही खानपान न केवल मां के लिए फायदेमंद होता है बल्कि इससे बच्चे के विकास पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। ओमेगा 3 से युक्त खानपान बच्चे के मानसिक विकास के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ओमेगा 3 युक्त खाद्य पदार्थ कई प्रकार के होते हैं, ड्राय फ्रूट्स से लेकर अन्य फलों में भी यह पाया जाता है। इसके अलावा कुछ सब्जियों में भी ओमेगा 3 मौजूद होता है। आप किसी हेल्थ विशेषज्ञ की मदद से ओमेगा 3 युक्त खाद्य पदार्थों की लिस्ट तैयार करवा सकते हैं और फिर समय-समय पर उसे ग्रहण करते रहें। प्रेग्नेंसी में ऐसी डाइट जरूर लें। एक गर्भवती महिला को जितना संभव हो सके साफ-सुथरा भोजन ही करना चाहिए। इस समय बहुत कुछ बाहर का खाने का मन करता है लेकिन गर्भवती महिलाओं की कोशिश यही होनी चाहिए कि घर का साधारण खाना ही खाया जाए।

पोजिशन का खास ख्याल रखें
बच्चा गर्भ से ही मां की छुअन पहचान लेता है। मां की छुअन भी बच्चे के मानसिक विकास को प्रभावित करती है, साथ ही गर्भवती महिलाओं को कोशिश की जानी चाहिए कि गर्भ पर कभी भी सीधी रोशनी न पड़े। यह बच्चे के लिए खतरनाक हो सकती है। साथ ही मां के सोने का तरीका, उठने-बैठने और चलने का तरीका भी बच्चे के मानसिक विकास के लिए जिम्मेदार होता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अपने पोजिशन का खास ख्याल रखना चाहिए।

बुरी आदतों को छोड़ दें
अगर आपको नशे की लत है या आपको किसी बुरी आदत की आदी है तो आपको उनसे मुक्ति पानी होगी। अगर गर्भवती महिला धूम्रपान करती है तो इसका असर बच्चे के मानसिक विकास पर भी हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान और किसी भी तरह का नशा करना बच्चे की सेहत के साथ खिलवाड़ हो सकता है। इसलिए इससे बचें।

तनाव व स्ट्रेस से रहें दूर
आपने अपने घर परिवार में देखा होगा कि घर में हर बड़ा बुजुर्ग गर्भवती महिला को खुश रहने की हिदायत भी देते है, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान अगर मां तनाव लेती हैं तो इसका नकारात्मक परिणाम बच्चे को भी भुगतना पड़ सकता है। इसलिए मां को कोशिश करनी चाहिए कि वह हर तरह के मानसिक तनाव और चिंता से दूर रहे।



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