Latest Updates
-
तपती धूप में निकलने से पहले खा लें प्याज-हरी मिर्च का ये खास सलाद, लू के थपेड़े भी रहेंगे बेअसर -
Somvar Vrat Katha: सोमवार व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान शिव पूरी करेंगे हर मनोकामना -
Aaj Ka Rashifal, 20 April 2026: मालव्य योग से चमकेंगे इन राशियों के सितारे, जानें आज का भाग्यफल -
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया'
अगर आप प्रेगनेंसी प्लान कर रही हैं, तो पहले ओव्यूलेशन को समझे
क्या आप काफी समय से गर्भवती होने के लिए कोशिश कर रही हैं? लेकिन आप मालूम करना चाहती है कि प्रेगनेंट होने का सही समय कौनसा है? तो हम आपको बताते है कि एक महिला को गर्भवती होने के लिए सबसे पहले तो ओव्यूलेशन की सही जानकारी होना बहुत ज़रूरी है।
ओव्यूलेशन यानि फ़र्टाइल स्टेज महिला के मासिक चक्र से सम्बंधित होता है। ओव्यूलेशन के दौरान सेक्स करने से गर्भधारण करने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीरियड्स के सात दिन बाद से लेकर दोबारा पीरियड्स शुरू होने से सात दिन पहले तक के समय को ओव्यूलेशन साइकिल कहते हैं, इसे फ़र्टाइल स्टेज भी कहा जाता है। सिर्फ 30 सैकेंड में समझिए, गर्भ निरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं?

क्या होती है ओव्यूलेशन क्रिया
महिला के अंडाशय से अंडे के बाहर आने की प्रक्रिया को ओव्यूलेशन कहते हैं और हर महीने महिलाओं में पीरियड्स के बाद ये प्रक्रिया होती है. अगर दिनों के हिसाब से बताया जाए तो पीरियड शुरू होने के 12वें या 16वें दिन से ओव्यूलेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. ये प्रक्रिया 6 से 7 दिनों तक चलती है।

फर्टाइल स्टेज
ओव्यूलेशन पीरियड यानी कि फ़र्टाइल स्टेज के दौरान सेक्स करने से 100 प्रतिशत संभावना होती है महिला के गर्भवती होने की। लेकिन एक बात और ध्यान देने वाली है कि अगर आपके पीरियड्स रेग्युलर नहीं हैं, तो आपका ओव्यूलेशन साइकिल भी रेग्युलर नहीं होगा। इसलिए आपको ओव्यूलेशन साइकिल के समय का पता लगाने के लिए अपने पीरियड्स के शुरू होने की और ख़त्म होने की तारीख़ का भी ध्यान रखना होगा।

ऑर्गज्म का ध्यान रखें
ये बहुत ही महत्वपूर्ण बात है कि एक महिला के गर्भधारण करने के लिए सेक्स के दौरान ऑर्गज्म का ध्यान रखना भी बहुत ज़रूरी है। डॉक्टर्स के अनुसार, अगर सेक्स करने के दौरान महिला ऑर्गज्म को प्राप्त कर लेती है, तो गर्भधारण की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान स्त्री के अंडे और पुरुष के शुक्राणु आपस में मिलते हैं। इस प्रक्रिया के फलस्वरूप ही बच्चे का भ्रूण बनता है।

क्यों ज़रूरी है ओव्यूलेशन का पता लगाना
ओव्यूलेशन फेज़ के दौरान सेक्स करने से प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ जाती है और इसका सही समय पता लग जाने के बाद बर्थ कंट्रोल किया जा सकता है क्योंकि अगर इस दौरान सेक्स न किया जाए, तो प्रेग्नेंट होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।

सही उम्र में फ़ैमिली प्लानिंग करना भी है ज़रुरी
वर्तमान में लोगों की अवधारण बदल गई है और अब सामान्यतया लोग शादी के लिए 30 की उम्र को यथोचित मानने लगे हैं। लेकिन गर्भवती होने की सही उम्र 22 से 29 वर्ष होती है और इसमें भी सबसे उपयुक्त उम्र 25 की है। क्योंकि, इस समय एक युवती शारीरिक व मानसिक रूप से गर्भवती होने के लिए तैयार रहती है।

इस चीज का ध्यान रखें
वर्तमान में सबसे अधिक समस्या जो दिख रही है वह है पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिस्ट। इसका प्रमुख कारण है वजन का अधिक बढ़ जाना। आजकल पांच में से एक महिला को ओवेरियन सिस्ट की संभावना हो रही है। औरत के शरीर में एक बच्चेदानी होती है। उसका ऊपरी सिरा दो ट्यूबों से जुड़ा होता है, जिन्हें फेलोपियन ट्यूब कहते हैं। इन्हीं फेलोपियन ट्यूब से जुड़ी दोनों तरफ एक-एक अंडेदानी होती है। अंडेदानी में बहुत सारे फोलिकिल्स होते हैं, जिनमें अंडे बनते हैं। ये अंडे पीरियड्स शुरू होने के बाद बनते हैं।
मेच्योर फोलिकिल्स में से एक अंडा बनना शुरू होता है, जो माहवारी के साथ फूटता है। इसी फोलिकिल्स के अंदर सिस्ट बनती है। यह सिस्ट छाले के रूप में भी हो सकती है, जिसमें पानी भरा होता है और ट्यूमर के रूप में भी हो सकता है। प्रजनन अंग जब पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं तब सिस्ट बनने की संभावना सबसे अधिक होती है।



Click it and Unblock the Notifications











