सरस्वती पूजा के दिन मां से ज्ञान का लेना है आशीर्वाद तो भोग के लिए इस तरह बनाएं चंद्रपुली

Posted By:

Saraswati Puja 2024 Chandrapuli Recipe: बसंत पंचमी को सरस्वती पंचमी के रूप में भी जाना जाता है। यह माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। यह विशेष दिन ज्ञान, कला, संगीत और विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन शिक्षा से लेकर कला क्षेत्र से जुड़े लोग देवी सरस्वती की पूजा करते हैं और उनसे विशेष आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन देवी सरस्वती का पूजन करता है, उसे जीवन में कला व ज्ञान के क्षेत्र में हमेशा सफलता मिलती है।

देवी सरस्वती का पूजन करने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए भक्तगण उनके लिए विशेष भोग तैयार करते हैं। यूं तो सरस्वती पूजा के लिए पीले चावलों का भोग तैयार किया जाता है। लेकिन इसके अलावा अगर आप चाहें तो इस विशेष दिन के लिए बंगाली रेसिपी चंद्रपुली भी बना सकते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको चंद्रपुली बनाने की आसान रेसिपी के बारे में बता रहे हैं-

Saraswati Puja 2024 Special Chandrapuli Recipe In hindi

चंद्रपुली बनाने के लिए आवश्यक सामग्री-

• 300 ग्राम कसा हुआ नारियल
• 150 ग्राम चीनी
• 300 ग्राम मावा
• एक चुटकी कपूर पाउडर (वैकल्पिक)
• आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर
• घी

चंद्रपुली बनाने का तरीका-

• सबसे पहले नारियल को थोड़े से पानी या दूध का उपयोग करके बारीक पीस लें।
• अब एक पैन में एक कप पानी के साथ चीनी लें और इसे पिघला लें।
• अब मावा को कद्दूकस करें और फिर एक भारी तले वाले पैन में मावा को 3-4 मिनट तक पकाएं।
• अब आप इसमें चीनी का पानी और नारियल का पेस्ट डालकर मिलाएं।
• इसे लगातार तब तक चलाते रहें जब तक कि मिश्रण गाढ़ा न हो जाए।
• इसमें एक बड़ा चम्मच घी मिलाएं और अब इसे तब तक हिलाते रहें जब तक कि सभी चीजें पेस्टी न हो जाएं और एक समान नजर ना आ जाएं।
• अगर आपको लगता है कि सभी चीजें बाइंड नहीं हो रही है तो 2 बड़े चम्मच दूध पाउडर मिलाएं।
• अब इसमें एक चुटकी कपूर पाउडर और इलायची पाउडर मिलाएं।
• इसे लगातार हिलाते रहें और जब यह किनारों से आसानी से निकलने लगे तो इसे आंच से उतार लें।
• अब इसे हल्का सा ठंडा होने दें।
• अब आप अपने हाथ और प्लेट को घी से चिकना कर लीजिए।
• साथ ही जिस सांचे से आप चंद्रपुली को आकार देने वाले हैं, उस पर भी घी लगाएं।
• तैयार मिश्रण का एक भाग लें और उसे सांचे पर आकार दें।
• इसे धीरे से सांचे से निकालें और घी से ग्रीस की हुई प्लेट में रखें।
• इसी तरह सारे मिश्रण से चंद्रपुली तैयार कर लें।
• अब इसे 3-4 घंटे के लिए रेफ्रिजरेटर में रख दें, जिससे वह अच्छी तरह सेट हो जाएं।
• चंद्रपुली बनकर तैयार है। आप सरस्वती पूजा के दौरान देवी मां को चंद्रपुली का भोग लगाएं।

सरस्वती पूजा में क्या चढ़ाया जाता है?

सरस्वती पूजा के दिन ताजे पीले, सफेद फूल और बेर आदि का प्रसाद चढ़ाया जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार, मां सरस्वती को ज्ञान, बुद्धि, कला और संस्कृति की देवी माना गया है। इसलिए, सरस्वती पूजा के दिन देवी मां से बुद्धि और ज्ञान का आशीर्वाद पाने के लिए छात्र अपनी किताबें उनकी मूर्ति के चरणों में रखते हैं।

सरस्वती पूजा के दिन कौन सा रंग पहनना चाहिए?

सरस्वती पूजा के दिन पीले रंग को पहनना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन ना केवल देवी सरस्वती को पीले रंग के वस्त्र अर्पित किए जाते हैं और उन्हें पीली चीजों का भोग लगाया जाता है, बल्कि लोग खुद भी पीला रंग पहनते हैं।

सरस्वती पूजा के दिन क्या खाना चाहिए?

सरस्वती पूजा के दिन पीले चावल जरूर खाने चाहिए। देवी सरस्वती को कई चीजों का भोग लगाया जा सकता है, लेकिन पीले चावल या पीले रंग की मिठाई का भोग अवश्य लगाना चाहिए। भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में उसका सेवन करें। इस दिन आपको भूल से भी तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

Story first published: Monday, February 12, 2024, 21:00 [IST]
[ of 5 - Users]
Desktop Bottom Promotion