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क्या मंदिर से आपके जूते-चप्पल भी हुए हैं चोरी, जानें इससे जुड़ा संकेत
कई लोग रोजाना, तो कुछ हफ्ते-महीने में एक बार और कुछ लोग तो किसी खास मौके पर प्रभु के दर्शन तथा आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर जाते हैं। वहां कई बार हमें भक्तों के जूते चोरी हो जाने की घटना देखने-सुनने को मिलती है और ऐसा भी दिन आया होगा जब ये घटना खुद के साथ हुई होगी।

मंदिर ही नहीं, कई दूसरे धार्मिक स्थलों पर भक्तों के साथ ऐसा हो जाता है। ये भी एक कारण है कि ज्यादातर मंदिरों में जूते चप्पलों की देखरेख के लिए खास इंतजाम किये जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जूते या चप्पलों का चोरी हो जाना हमें कुछ संकेत देता है। मंदिर से जूते चप्पलों की चोरी के पीछे प्राचीन मान्यताएं जुड़ी हुई हैं और खास बात ये है कि इससे आपको खुश होना चाहिए।

शुभ मानी जाती है ऐसी घटना
अपनी किसी चीज के चोरी हो जाने से मन दुखी हो जाता है और किसी भी वस्तु की चोरी गलत बात है, लेकिन एक पुरानी मान्यता के अनुसार जूते चप्पलों का चोरी होना शुभ है। आपको जानकर हैरानी हो सकती है लेकिन मान्यता यही है कि यदि मंदिर से जूते चप्पल चोरी होते हैं तो ये अच्छी बात है।

क्या कहती है मान्यता
अगर ये घटना शनिवार के दिन आपके साथ होती है तो ये और अच्छी बात है, इससे शनि के दोषों में राहत मिलती है। जो लोग इस मान्यता को जानते हैं वो तो अपनी इच्छा से ही दान के रूप में मंदिर के बाहर अपने जूते चप्पल छोड़ आते हैं। ऐसा मानना है कि इससे पुण्य बढ़ता है।
ये मान्यता कब और कैसे बनी इसके पीछे का कोई खास कारण पता नहीं चलता है लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसका जवाब है। इसके अनुसार इंसान के पैरों में शनि का वास होता है।

ज्योतिष शास्त्र क्या कहता है
इस बात से सभी परिचित हैं कि ज्योतिष शास्त्र में शनि को क्रूर और कठोर ग्रह माना गया है। जब किसी व्यक्ति पर शनि का कुप्रभाव पड़ता है तो वह उस जातक से कठोर मेहनत कराता है और बदले में नाम मात्र फल देता है।
शनि से मिलने वाले विपरीत प्रभावों के बारे में यदि आप जानते हैं तो आपको जानकारी होगी कि जिन लोगों पर साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होती है या फिर व्यक्ति की कुंडली में शनि शुभ स्थान पर ना हो तो उसे जीवन में बहुत कठिनाइयां झेलनी पड़ती हैं।

शनि का वास पैरों में
व्यक्ति पर भले ही शनि का कुप्रभाव ना हो लेकिन फिर भी शनि किसी ना किसी माध्यम से लोगों पर अपना प्रभाव बनाए रखता है और उनका एक जरिया हमारे पांव हैं। ज्योतिष शास्त्र में ये बात बताई गयी है कि इंसान के सभी अंग अलग अलग ग्रहों से प्रभावित होते हैं।
इसी कड़ी में शनि का वास पैरों में माना गया है। पैर के साथ त्वचा से जुड़ी चीजें भी शनि से प्रभावी होते हैं। तभी ये कहा जाता है कि पैर और त्वचा दोनों से जुड़ा दान देने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। शुभ फल की प्राप्ति होती है और साथ ही पैर तथा त्वचा से जुड़ी बिमारियों में भी लाभ मिलता है।

शनिवार के दिन चप्पल जूते चोरी होना
शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित माना गया है। यदि कोई जातक शनि के कुप्रभावों से परेशान है तो उसे जूते चप्पल दान करने चाहिए। यदि आप ऐसा शनिवार को करते हैं तो इसका अधिक लाभ मिल सकेगा।



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