Latest Updates
-
Restaurant Style Baby Corn Masala Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा स्वादिष्ट बेबी कॉर्न मसाला -
Train Washroom Rule: भूलकर भी इस समय न करें ट्रेन के टॉयलेट का इस्तेमाल, वरना सफर में होगी बड़ी दिक्कत -
गर्मियों में कम बजट में घूमने के लिए बेस्ट हैं भारत की ये 9 जगहें, परिवार के साथ बनाएं ट्रिप का प्लान -
फेमस शेफ पंकज भदौरिया को हुआ ब्रेस्ट कैंसर: क्या पुरुषों को भी हो सकती है यह बीमारी? जानें लक्षण और बचाव -
Jackfruit Side Effects: इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए कटहल, वरना शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर -
Amritsar Style Pindi Chole Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा चटपटा स्वाद -
Rule Change 1st June 2026: 1 जून से आम आदमी को बड़ा झटका! जानिए क्या होगा महंगा और क्या सस्ता -
Bakrid Mubarak Wishes for Saas-Sasur: बकरीद पर अपने सास-ससुर को भेजें दिल छू लेने वाले मुबारकबाद संदेश -
Desert Style Ker Sangri Recipe: राजस्थान का पारंपरिक और चटपटा स्वाद अब घर पर पाएं -
Eid Mubarak Wishes For love: ऐ चांद, तू उनको मेरा पैगाम देना...बकरीद पर पार्टनर को भेजें ये 25+ रोमांटिक मैसेज
बीमारियों को झट से दूर करेगें ये आहार
हम सभी जानते हैं कि खाद्य पदार्थ हमारे शरीर को पोषण प्रदान करते हैं तथा हमारी दैनिक गतिविधियों के लिए ईंधन की तरह कार्य करते हैं। परंतु क्या आप जानते हैं कि खाद्य पदार्थ कई प्रकार की बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप (हाई ब्लडप्रेशर), अस्थमा, खुजली और मूत्राशय में संक्रमण के उपचार में भी सहायक होते हैं? इफ्तार के समय क्या खाएं और क्या नहीं?
जहाँ संतुलित आहार संपूर्ण स्वास्थ्य की नींव है परंतु यह बात भी ध्यान में रखनी चाहिए कि कुछ विशेष खाद्य पदार्थ कुछ बीमारियों तथा उनके लक्षणों को दूर करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

1. ऐवकाडो: ब्लड में कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम करें
ऐवकाडो में असंतृप्त वसीय अम्ल बहुत अधिक होता है जो ख़राब कोलेस्ट्राल को कम करने तथा अच्छे कोलेस्ट्राल को बढ़ाने में सहायक होता है। इस प्रकार इसमें धमनियों को स्वच्छ करने का गुण होता है अत: प्रतिदिन एक ऐवकाडो खाएं।

2. अनानास हड्डियों के लिये अच्छा
अनानास में मैंगनीज़ प्रचुर मात्रा में होता है, जो हड्डियों के लिए तथा संयोजी ऊतकों के निर्माण के लिए आवश्यक है। एक कप अनानास आपकी दैनिक मैंगनीज़ की आवश्यकता की लगभग 73 प्रतिशत मात्रा को पूरा करता है।

3. मूत्रमार्ग में संक्रमण के लिये करौंदा
मूत्रमार्ग में संक्रमण ई-कोली बैक्टीरिया के कारण होता है। करौंदा इस बैक्टीरिया को मूत्रमार्ग की दीवारों से जुड़ने से रोकता है। अधिक लाभ पाने के लिए ताज़े करौंदे खाएं या इसका रस पीयें।

4. मुंह के छालों के लिये तुलसी
तुलसी की पत्तियां इसका सबसे अच्छा उपचार है। तुलसी की 4-5 पट्टियां चबाएं। इससे न सिर्फ आपके छाले कम होंगे बल्कि आपको मुंह से आने वाली बदबू में भी आराम मिलेगा।

5. अस्थमा के लिये प्याज
प्याज़ एलर्जिक रिएक्शंस को दूर करता है तथा अस्थमा से बचाव करता है। क्वेरसेटिन हिस्टामिन के स्त्राव को रोकता है तथा हमारे शरीर को एलर्जिक रिएक्शंस से बचाता है। यह हृदय की बीमारी, कैंसर और मूत्राशय के संक्रमण से भी हमारी रक्षा करता है।

6. सर्दी से बचने के लिये लहसुन
लहसुन अपने एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल गुणों के लिए जाना जाता है। लहसुन में ये गुण उसमें पाए जाने वाले अलिसिलीन यौगिक के कारण होते हैं। लहसुन को सूप, सब्ज़ी में डाला जा सकता है या इसे कच्चा भी खाया जा सकता है।

7. हल्दी आर्थराइटिस से आराम दिलाये
हल्दी में सक्रिय यौगिक सिर्कमिनाइड्स होता है। सिर्कमिनाइड्स सूजन को कम करता है तथा जोड़ों पर आने वाली सूजन को भी कम करने में सहायक होता है जिसके कारण दर्द कम होने में सहायता मिलती है। अपनी सभी सब्जियों में हल्दी निश्चित तौर पर डालें।

8. पत्तागोभी कैंसर से लड़े
इसमें अनेक प्रकार के कैंसरों को रोकने के गुण होते हैं क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और ग्लुकोइंलोट्स होते हैं। इसोथिओसिनेटस और इन्डोल 3 कार्बिनोल कैंसर की तथा एस्ट्रोजन के दुष्प्रभाव की रोकथाम करते हैं। पत्तागोभी तथा अन्य पौधों के स्त्रोतों में उपस्थित फाइबर भी कैंसर की रोकथाम में सहायक होता है।

9. हृदयाघात से बचने के लिये ग्रीन टी
इसमें सक्रिय फ्लेवोनइड्स होते हैं जो दिल की बीमारी से बचाने में सहायक हैं। ग्रीन टी के चार कप पीने से हृदयाघात की संभावना कम हो जाती है।

10. सिरदर्द से निजात दिलाए लाल मिर्च
सदियों से तीखी लाल मिर्च का उपयोग दर्द, सूजन, गले की खराश, पाचन संबंधी समस्याओं और सिर दर्द के इलाज में किया जाता रहा है। तीखी लाल मिर्च रक्त के प्रवाह को तुरंत बढ़ाती है जो सिर में पड़ने वाले दबाव से आराम दिलाती है तथा इससे सिरदर्द में आराम मिलता है। अत: अगली बार जब आपके सिर में दर्द हो तो कुछ मिर्च खाएं।

11. सूजन कम करे मछली
वसा युक्त मछली जैसे सालमोन और ट्यूना में पॉलीसेचुरेटेड फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये ओमेगा 3 फैटी एसिड्स प्रोसेस्टाग्लेनडिन्स के उत्पादन को कम करते हैं। प्रोसेस्टाग्लेनडिन्स एक प्रकार के रासायनिक पदार्थ होते हैं जिनके कारण सूजन और दर्द होता है। अत: अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए सप्ताह में दो बार फैटी फिश खाएं।

12. त्वचा की समस्या से निजात दिलाए एपपल साइडर वेनिगर
ऐप्पल सीडर वेनेगर अपने एंटीसेप्टिक, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है। यह त्वचा की खुजली से आराम दिलाता है विशेष रूप से रुखी त्वचा से। यह जलन और सूजन को कम करता है। ऐप्पल सीडर विनेगर की कुछ बूँदें रुई के गोले या धोने वाले कपड़े पर डालें। यह त्वचा की विभिन्न प्रकार की समस्याओं से आराम दिलाता है।



Click it and Unblock the Notifications