Latest Updates
-
Ganga Saptami 2026 Date: 22 या 23 अप्रैल, गंगा सप्तमी कब है? जानें सही तारीख, महत्व और पूजा विधि -
Aaj Ka Rashifal 22 April 2026: बुध का नक्षत्र परिवर्तन इन 5 राशियों के लिए शुभ, जानें आज का भाग्यफल -
गर्मियों में पेट की जलन से हैं परेशान? ये योगसान एसिडिटी से तुरंत दिलाएंगे राहत -
Heatwave Alert: अगले 5 दिनों तक इन शहरों में चलेगी भीषण लू, 44°C तक पहुंचेगा पारा, IMD ने जारी की एडवाइजरी -
Budh Gochar: रेवती नक्षत्र में आकर बुध बनेंगे शक्तिमान, इन 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन -
Bank Holiday May 2026: मई में छुट्टियों की भरमार! 1 तारीख को ही लगा मिलेगा ताला, चेक करें लिस्ट -
पेट में गर्मी बढ़ने पर दिखते हैं ये 7 लक्षण, दूर करने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय -
कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल वाला आम? खाने से पहले 2 मिनट में ऐसे करें असली और नकली की पहचान -
बेटी की उम्र 10 साल होने से पहले ही उसे सिखा दें ये 5 जरूरी बातें, जीवन में रहेगी हमेशा आगे -
क्या सच हो गई बाबा वेंगा की 2026 की भविष्यवाणी? 48 घंटों में जापान से भारत तक भूकंप के झटकों से कांपी धरती
बैक्टीरिया का सेवन कर के बन जाइये स्लिम-ट्रिम
(आईएएनएस)| बैक्टीरिया (जीवाणु) और यीस्ट (खमीर) जैसे जीवित सूक्ष्मजीवों या प्रोबायोटिक्स को आहार के रूप में लेना अभी तक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता रहा है, लेकिन नई खोज बताती है कि बैक्टीरिया और यीस्ट का सेवन महिलाओं में वजन घटाने की दृष्टि से भी लाभप्रद है। कनाडा के क्यूबेक में यूनिवर्सिटी लेवेल की शोधकर्ता का कहना है कि कुछ निश्चित प्रोबायोटिक्स महिलाओं में वजन घटाने में सहायक हैं।
शोधकर्ताओं ने अपनी परिकल्पना के परीक्षण के लिए 125 पुरुषों और महिलाओं को शोध में शामिल किया। प्रतिभागियों को 12 सप्ताह तक वजन घटाने वाले विशेष आहार पर रखा गया।

शोध के दौरान आधे प्रतिभागियों को प्रतिदिन लैक्टोबैसिलस हामनोसस प्रजाति के प्रोबायोटिक्स की दो गोलियां दी गईं, जबकि बाकी को औषधीय दवाएं दी गईं।
शोधकर्ताओं ने 12 सप्ताह के बाद प्रतिभागियों के स्वास्थ्य और वजन का अध्ययन किया और पाया कि जिन महिलाओं को प्रोबायोटिक्स दिए गए थे उनका वजन 4.4 किलोग्राम तक कम हुआ है, जबकि बाकी प्रतिभागियों का वजन 2.6 किलोग्राम तक कम पाया गया।
TIPS: पेट के फैट को कम करने के 10 तरीके
हालांकि पुरुषों के दोनों वर्गो में 12 सप्ताह के विशेष आहार अवधि के बाद भी वजन में खास अंतर नहीं पाया गया। शोध से जुड़े एक एक प्रोफेसर एंजेलो ट्रेम्बले ने कहा, "हमें नहीं मालूम कि प्रोबायोटिक्स का पुरुषों के वजन पर प्रभाव क्यों नहीं हुआ। यह सेवन की मात्रा के कारण हो सकता है या शोध की अवधि कम होना हो सकता है।"
अध्ययन में यह भी पता चला कि मोटे और पतले लोगों की आंत्र संरचना भी भिन्न होती है। यह शोध काफी मनोरंजक थी तो इस बार अगर आपको अपना वजन कम करना हो तो, किसी बाजारू दवाई का सेवन ना कर के प्रोबायोटिक्स का इस्तमाल करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











