Latest Updates
-
No Bitterness Trick Karela Sabzi Recipe: अब घर पर बनाएं बिना कड़वाहट वाली चटपटी सब्जी -
घर में क्लेश और बार-बार होने वाली बीमारियों के पीछे हो सकती है बुरी नजर, दूर करने के लिए अपनाएं ये वास्तु उपाय -
Bihari Style Crunchy Chivda Namkeen Recipe: चाय के साथ लें कुरकुरे स्नैक का मजा -
Telangana Formation Day: 2 जून को जन्मा था तेलंगाना; जानें कैसे संघर्षों से लिखी नए राज्य की कहानी -
IRCTC vs RailOne: टिकट बुक करने के लिए कौन सा ऐप है सुपरफास्ट? पीक ऑवर्स में भरोसेमंद कौन? -
कुछ मिनटों के लिए धरती पर छा जाएगा अंधेरा, जानें कब लगेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण? -
MBA ग्रेजुएट जो 25 लाख की नौकरी छोड़ बना कैब ड्राइवर, आज कमा रहा पहले से 4 गुना ज्यादा -
Kashmiri Style Dum Aloo Recipe: अब घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद -
इन 7 लोगों को गर्मियों में अंडों से करना चाहिए पूरी तरह परहेज, वरना बिगड़ सकती है तबीयत -
Global Parents Day पर हमारे पहले मेंटर, पहले लीडर और सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम माता-पिता को भेजें ये कोट्स
बैक्टीरिया का सेवन कर के बन जाइये स्लिम-ट्रिम
(आईएएनएस)| बैक्टीरिया (जीवाणु) और यीस्ट (खमीर) जैसे जीवित सूक्ष्मजीवों या प्रोबायोटिक्स को आहार के रूप में लेना अभी तक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता रहा है, लेकिन नई खोज बताती है कि बैक्टीरिया और यीस्ट का सेवन महिलाओं में वजन घटाने की दृष्टि से भी लाभप्रद है। कनाडा के क्यूबेक में यूनिवर्सिटी लेवेल की शोधकर्ता का कहना है कि कुछ निश्चित प्रोबायोटिक्स महिलाओं में वजन घटाने में सहायक हैं।
शोधकर्ताओं ने अपनी परिकल्पना के परीक्षण के लिए 125 पुरुषों और महिलाओं को शोध में शामिल किया। प्रतिभागियों को 12 सप्ताह तक वजन घटाने वाले विशेष आहार पर रखा गया।

शोध के दौरान आधे प्रतिभागियों को प्रतिदिन लैक्टोबैसिलस हामनोसस प्रजाति के प्रोबायोटिक्स की दो गोलियां दी गईं, जबकि बाकी को औषधीय दवाएं दी गईं।
शोधकर्ताओं ने 12 सप्ताह के बाद प्रतिभागियों के स्वास्थ्य और वजन का अध्ययन किया और पाया कि जिन महिलाओं को प्रोबायोटिक्स दिए गए थे उनका वजन 4.4 किलोग्राम तक कम हुआ है, जबकि बाकी प्रतिभागियों का वजन 2.6 किलोग्राम तक कम पाया गया।
TIPS: पेट के फैट को कम करने के 10 तरीके
हालांकि पुरुषों के दोनों वर्गो में 12 सप्ताह के विशेष आहार अवधि के बाद भी वजन में खास अंतर नहीं पाया गया। शोध से जुड़े एक एक प्रोफेसर एंजेलो ट्रेम्बले ने कहा, "हमें नहीं मालूम कि प्रोबायोटिक्स का पुरुषों के वजन पर प्रभाव क्यों नहीं हुआ। यह सेवन की मात्रा के कारण हो सकता है या शोध की अवधि कम होना हो सकता है।"
अध्ययन में यह भी पता चला कि मोटे और पतले लोगों की आंत्र संरचना भी भिन्न होती है। यह शोध काफी मनोरंजक थी तो इस बार अगर आपको अपना वजन कम करना हो तो, किसी बाजारू दवाई का सेवन ना कर के प्रोबायोटिक्स का इस्तमाल करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications