Latest Updates
-
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं
भोजन करने के बाद भी भूख लगने के कारण
कई लोगों को भोजन करने के बाद भी भूख लगती रहती है - चाहें वो कितना भी खा चुके हों। ऐसी समस्या कई लोगों को होती है और लोग उन्हे खदूस कहने लगते है। कई कारणों से बॉडी को हमेशा भूख लगती रहती है। ऐसे लोगों को घर के बाहर या किसी और के घर ठहरने में कई दिक्कतें होती है और शर्मिंदगी महसूस होती है।
भरपेट खाना खाने के बाद भी भूख लगने के संभवत: कारण निम्मलिखित है :

1) आप हल्का नाश्ता लेते है : हम फिर से बताना चाहते है कि नाश्ता, दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन होता है। अगर दिन की शुरूआत में अच्छा और पौष्टिक आहार करते है तो आपको दिन भर फालतू का खाने का मन नहीं होगा और आपके शरीर में कमजोरी भी नहीं आएगी। जो लोग हल्का नाश्ता खाते है उन्हे शरीर में दिन में काम करने बाद कमजोरी लगने लगती है, फिर भी कुछ - कुछ खाकर एनर्जी लाना चाहते है लेकिन ऐसा हो नहीं पाता है। इसलिए, पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक नाश्ता करें।
2) बहुत जल्दी - जल्दी खाते है : अगर आपको हर समय भूख लगती रहती है और आप जल्दी - जल्दी खाना खाते है तो ध्यान दें और आहिस्ता - आहिस्ता, चबाकर खाएं। इससे आपका खाना पेट में जाकर अच्छी तरह पचेगा और उसके सभी पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देगें, जिससे पल - पल पर भूख लगने की समस्या दूर हो जाएगी।
3) सही मात्रा में प्रोटीन और फाइबर नहीं लेते : आप जो भी भोजन में करते हैं, उसमें सही मात्रा में प्रोटीन और फाइबर न होने पर भी हर समय भूख का एहसास होता है। जब आप प्रोटीन और फाइबर वाले भोजन करते है तो आपके पेट से ऐसे हारमोन्स निकलते है जो भूख को शांत कर देते है। अगर आप प्रॉपर प्रोटीन और फाइबर डाईट नहीं लेते है तो हर वक्त भूख लगना स्वाभाविक है।
4) चाय ब्रेक ज्यादा लेते है : ये बात शत् - प्रतिशत सही है कि ज्यादा चाय पीने से भूख मर जाती है लेकिन आपको हमेशा कुछ न कुछ खाने का मन करता है, कुछ हल्का सा, कुछ तीखा आदि। चाय, आपके मूड के खाने के ऑर्डर को डिस्टर्ब कर देता है। चाय में पाएं जाने वाले सामान, व्यक्ति के भूख को अलग तरीके से बढ़ाते है, उसे साधारण खाना खाने से ज्यादा मंचिंग में दिलचस्पी होने लगती है। चाय पीने से ब्लड़ सुगर लेवल बढ़ जाता है और आपको कुछ - कुछ खाने में मजा आने लगता है।
5) घर पर बना हुआ खाना नहीं खाते : अगर आप बैचलर है और हर समय बाहर का ही खाना खाते है तो आसार ज्यादा है कि आपकी प्रवृत्ति भुखक्कड़ की हो जाएं। डिब्बा बंद सामग्री या पैकेट वाली सामग्री को खाने से आपका पेट भर जाता है लेकिन शरीर की जरूरतें पूरी नहीं होती हैं। इसलिए, बाहर का बना हुआ खाना खाने से बचें और घर पर ही कुछ बनाकर खाएं।
6) ज्यादा कोल्ड ड्रिंक या सोडा पीते है : कई अध्ययनों से यह बात साफ हो चुकी है कि जो व्यक्ति बहुत ज्यादा मात्रा में कोल्ड ड्रिंक पीते है या सॉफ्ट ड्रिंक पीना पसंद करते है, उस कारण भूख ज्यादा लगती है, क्योंकि उनमें हाई - फ्रक्टोज कॉर्न सीरप की मात्रा ज्यादा होती है। इससे ब्लड़ का फ्लो और अन्य गतिविधियां बढ़ती है और भूख लगती है, जबकि पेट भरा होता है। लैप्टिन नामक हारमोन्स के शरीर में पैदा होने के कारण ऐसा होता है।
7) पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते है : पानी, भूख शांत करने का सबसे अच्छा साधन होता है। कई बार शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी न मिलने से बॉडी डिहाईड्रेट हो जाती है और हम समझ नहीं पाते है कि हमें क्या हुआ। हमें लगता है कुछ खा लें तो अच्छा लगेगा और खाते रहते है। लेकिन वास्तव में ऐसा कई बार पानी की कमी से होता है। सर्दियों में पानी की कमी से अक्सर यह समस्या होती है। इस तरह आपका वजन भी कम हो जाता है और वीकनेस आती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
