Latest Updates
-
Healthy Weight Loss Kela Stem Sabzi Recipe: फाइबर से भरपूर इस सब्जी को डिनर में शामिल करें -
World Bicycle Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व साइकिल दिवस? जानें इतिहास, महत्व और साइकिल चलाने के 10 फायदे -
Jodhpur Style Pyaz Kachori Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी कुरकुरी और चटपटी कचौरी -
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं -
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा
खाने में रोज़ खाएंगे घी तो महीनेभर में ऐसे कम होगा मोटापा
अभी हाल ही में एक रिर्पोट एक्सप्रेस ट्रिब्यून में आई है, जिसमें मोटापा कम करने के लिये घी खाने के पांच कारण दिये हुए हैं और बताया गया है कि आपको रोजाना खाने में घी क्यूं शामिल करना चाहिये।
आज कल जो लोग अपना वजन कम करने में लगे हुए हैं, उन्होंने घी खाना बंद कर दिया है। लेकिन क्या ये सही है? जी नहीं, यह आपके पाचन तंत्र के लिये बिल्कुल भी सही निर्णय नहीं है क्योंकि अगर पेट ठीक नहीं रहेगा तो आप चाहे जितनी डायटिंग कर लें, आप कभी पतले नहीं हो सकते।
अभी हाल ही में एक रिर्पोट एक्सप्रेस ट्रिब्यून में आई है, जिसमें मोटापा कम करने के लिये घी खाने के पांच कारण दिये हुए हैं और बताया गया है कि आपको रोजाना खाने में घी क्यूं शामिल करना चाहिये।

1. तेल की तुलना में यह कम विषाक्त है
जब उच्च गर्मी पर घी को गरम किया जाता है, तो यह तेल के मुकाबले कम टॉक्सिक कंपाउन्ड पैदा करता है। एक स्टडी के अनुसार सोयाबीन को अगर 160°C तक गरम किया जाए तो वह घी के मुकाबले 10 गुना एक्रॉलाइड का उत्पादन करता है।

2. घी में स्मोकिंग प्वाइंट कम होता है
जब घी को उच्च तापमान पर पकाया जाता है तब यह अधिक उपयुक्त होता है क्योंकि हाई स्मोकिंग प्वाइंट बिंदु होता है। यह शरीर की किसी भी कोशिका को नुकसान नहीं पहुंचाता।

3. यह आसानी से खराब नहीं होता
घी की फ्रेशनेस को बाए रखने के लिये इसे फ्रिज में रखने की आवश्यकता नहीं है। और यह कई हफ्तों के लिए कमरे के तापमान पर संग्रहीत किया जा सकता है।

4. इसे खाने से पेट हमेशा स्वस्थ रहता है
अध्ययन से पता चला है कि चूंकि घी मक्खन की तुलना में ज्यादा केंद्रित है, इसलिए यह थोड़े अधिक मात्रा में बाइटिक एसिड और संतृप्त वसा प्रदान करता है। इससे पेट की खराबी नहीं होती और पाचन तंत्र हमेशा स्वस्थ बना रहता है।

5. वजन घटाने
घी असंतृप्त फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है, जो वसा हानि का कारण बनता है।



Click it and Unblock the Notifications