भूलकर भी किसी दिन Skip ना करें भोजन, होते है ये खतरनाक बदलाव

By Radhika Thakur

जब कभी आप लेट होते हैं तब आप आप अक्सर खाना न खाकर उस देरी से बचने का प्रयत्न करते हैं। यदि आप वज़न कम करने का प्रयत्न कर रहे हैं तो तो आप ऐसा सोचते हैं कि खाना न खाने से कैलोरी कम हो जायेगी और आपका वज़न भी कम हो जाएगा।

परन्तु यह बात सत्य से परे है- शोधकर्ताओं के अनुसार खाना न खाने से आपकी डाइट और स्वास्थ्य दोनों खराब हो सकते हैं।

किस प्रकार खाना न खाने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है

किस प्रकार खाना न खाने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है

आपको इस बात पर विश्वास नहीं होगा परन्तु नियमित तौर पर खाना छोड़ने से आपका वज़न बढ़ता है, तनाव का स्तर बढ़ता है और आप मानसिक तौर पर भी केंद्रित नहीं रह पाते।

तो अगली बार यदि आप ऐसा सोचें कि एक दो बार खाना न खाने से कोई नुकसान नहीं होगा तो फिर से सोचें! खाना न खाने से निम्नलिखित खतरे हो सकते हैं:

नाश्ता करना है बेहद जरूरी

नाश्ता करना है बेहद जरूरी

आप एक बार खाना छोड़ देते हैं यह कुछ कठिन नहीं लगता और आपको लगता है कि आप आसानी से एक समय का भोजन छोड़कर वज़न कम कर सकते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है।

आपके वज़न बढ़ने की समस्या का हल भोजन छोड़ना नहीं है। अध्ययनों से पता चलता है कि वे लोग जो नाश्ता नहीं करते उनमें मोटापे की संभावना उन लोगों की तुलना में 5 गुना अधिक होती है जो नाश्ता करते हैं।

शोधकर्ताओं के अनुमान के अनुसार किसी भी अन्य दैनिक भोजन को छोड़ने पर यही प्रभाव पड़ता है।

भोजन छोड़ने से तनाव और अवसाद बढ़ता है

भोजन छोड़ने से तनाव और अवसाद बढ़ता है

आप सोचते हैं कि खाना छोड़कर आप काम पर समय पर पहुँच जायेंगे और इससे आपका तनाव कम होगा।

यह एक तार्किक कथन तो है परन्तु शोधों से पता चलता है कि खाना न खाने से तनाव और अवसाद बढ़ता है।

इससे भी अधिक डरावनी बात यह है कि आप जितनी अधिक बार खाना छोड़ेंगे आपका तनाव उतना ही अधिक बढ़ेगा और इसके कारण आपके अन्दर आत्महत्या करने तक के विचार आ सकते हैं।

इस तरह का असर बच्चों, युवाओं और गर्भवती महिलाओं में देखने को मिलता है।

मानसिक तौर पर ध्यान केंद्रित न कर पाना

मानसिक तौर पर ध्यान केंद्रित न कर पाना

"खाना न खाने का मानसिक तौर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि यह संज्ञानात्मक कार्य को कम करता है और समस्या सुलझाने क्षमता को भी कम करता है।

आपको कोई काम किसी निश्चित समय पर ख़त्म करना है और इसके लिए आप लंच न करने का विचार करते हैं क्योंकि आप सोचते हैं कि भारी खाना खाने से आपको नींद आएगी और आपका ध्यान भटकेगा।

हालाँकि भोजन न करना, भारी भोजन करने से भी बदतर है क्योंकि शोधकर्ताओं ने पाया कि खाना न खाने का ध्यान केंद्रित करने पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि इससे संज्ञानात्मक ज्ञान कम होता है और समस्या हल करने की क्षमता भी कम हो जाती है।

भोजन छोड़ने और व्रत (भूखा रहने) में अंतर

भोजन छोड़ने और व्रत (भूखा रहने) में अंतर

जैसा कि आप देख सकते हैं खाना न खाने के स्वास्थ्य पर दुष्परिणाम होते हैं परन्तु शोधकर्ताओं ने वर्तमान में यह पता लगाया है कि थोड़े थोड़े अंतराल पर उपवास करने से वज़न और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

जब आप खाना नहीं खाते हैं तो आप दिन के अंत में ज़्यादा खाना खाते हैं जबकि उपवास करना एक सचेतन निर्णय होता है जो वज़न कम करने में सहायक होता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि ऐसे लोग जिन्होंने तीन महीने तक महीने में 5 दिन तक पौधों पर आधारित आहार लिया (जो उनकी कैलोरी की आवश्यकता का 34 - 54% तक प्रदान करता है) उनका वज़न कम हुआ, ब्लड शुगर के स्तर में सुधार हुआ और हृदय का स्वास्थ्य अच्छा हुआ।

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