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तनाव और चिंता को दूर करना है तो फाइबर से भरपूर फूड खाएं

अगर आपको अपना तनाव कम करना है तो आपको ज्यादा से ज्यादा फाइबरयुक्त चीज़ें जैसे दालें, साबुत अनाज, अनाज, ओट्स और सब्जियों का सेवन करना शुरु कर देना चाहिए क्योंकि इससे तनाव का स्तर कम होता है। जी हां, ये बात एक स्टडी में सामने आई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि तनाव की वजह से पेट में कई प्रमुख बदलाव आते हैं और ये दिमाग पर भी असर डालता है।
रिसर्च के परिणाम के अनुसार पाया गया कि गट बैक्टीरिया शॉर्ट चेन फैटी एसिड पैदा करता है जोकि शरीर के इस हिस्से में कोशिकाओं के लिए पोषण का प्रमुख स्रोत होता है और फाइबर की उच्च मात्रा शॉर्ट चेन फैटी एसिड्स के उत्पादन को उत्तेजित करती है। इस शोध के तहत चूहों में तनाव के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए फाइबर में समृद्ध खाद्य पदार्थ खिलाए गए थे।

आंत बैक्टीरिया और शरीर विज्ञान और व्यवहार के विनियमन में किए गए रसायनों की भूमिका बढ़ती जाती है। शॉर्ट चेन फैटी एसिड्स की भूमिका को इस प्रक्रिया में अब तक समझा नहीं जा सका है।
"यह महत्वपूर्ण होगा कि हम शॉर्ट-चेन फैटी एसिड का मनुष्यों में तनाव से संबंधित विकारों के लक्षणों को बेहतर करने पर विचार करें।
ये स्टडी द जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी में प्रकाशित हो चुकी है और इस रिसर्च में शोधकर्ताओं ने चूहों पर अध्ययन किया था। ये चूहे तनाव और ड्रिपेशन के लक्षणों से जूझ रहे थे और इसका असर इनके व्यवहार, दिमाग और सामाजिक रिश्तों पर भी पड़ रहा था।
परिणाम में सामने आया कि एससीएफएक के बढ़ते स्तर के कारण चूहों पर तनाव और बेचैनी का स्तर कम हुआ था।
शोधकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय तक स्ट्रेस होने से आंतों पर इसका असर पड़ता है और ये पेट और पूरे शरीर के बीच बाधा उत्पन्न करता है।
सीएसएफएक के ज़रिए इसका ईलाज करना बेहतर होता है। इस रिसर्च में गट बैक्टीरिया के दिमाग और व्यवहार पर प्रभाव को लेकर एक नई सोच सामने आई है।
डायट्री ट्रीटमेंट से इस बैक्टीरिया को टारगेट करके स्ट्रेस से संबंधित विकार से लड़ा जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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