'बैटल रोप' वर्कआउट स्लिम और टोंड बॉडी के ल‍िए, दिल और लीवर को भी रखता है हेल्‍दी

हेल्‍थ फ्रीक्‍स के बीच बैटल रोप एक्‍सरसाइज इन दिनों खासी पॉप्‍युलर होती जा रही है। एथलीट से लेकर एक्‍टर्स तक फिट रहने के ल‍िए और कम समय में कैलोरी बर्न करने के ल‍िए ये एक्‍सरसाइज करना पसंद करते हैं। एक्‍ट्रेस करीना कपूर से लेकर कई हॉलीवुड हस्तियों के फिटनेस रुटीन में ये एक्‍सरसाइज शामिल है।

How to Do Battle Rope Workouts to Lose Weight

'बैटल रोप' बॉडी टोनिंग और मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाने में काफी मदद करती है। इस एक्‍सरसाइज की खास बात ये है कि कम समय में इसमें ज्‍यादा से ज्‍यादा कैलोरी बर्न की जाती है। अपर बॉडी की मसल्‍स को स्‍ट्रॉन्‍ग बनाता है सुपरमैन पुशअप्‍स, स्‍टेप बाय स्‍टेप गाइड

कैसे होता है ये वर्कआउट?

खास बात यह है कि इसे बैठकर भी किया जा सकता है। इसमें रस्सियों की मदद से लचीली वेव्स बनाई जाती है। घुटनों को इस तरह मोड़ा जाता है कि शरीर का भार एडि़यों पर आए। यदि खड़े होकर इस एक्सरसाइज को कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि शरीर आगे की ओर थोड़ा झुका कर रखें। भूलकर भी पीछे की ओर ना झुकें, नहीं तो चोट लगने के साथ बैक में झटका आ सकता है और बैकपेन के शिकार भी बन सकते हैं आप। सेक्‍सी और फ्लेक्सिबल बॉडी के ल‍िए करें पोल वर्कआउट, सिर्फ 15 मिनट करने मिलेगी स्लिम बॉडी

एक मिनट में 10 कैलोरी बर्न

फिट रहने के लिए एरोबिक्स पसंद करने वाले युवाओं को इन दिनों बैटल रोप एक्सरसाइज खासी पसंद आ रही है। ये एक तरह की हाई इंटेंसिटी ट्रेनिंग होती है जो कैलोरी को तेजी से बर्न करने में बहुत कारगर है। इसे करने से महज 1 मिनट में 10 कैलोरी आसानी से बर्न की जा सकती है। इस एक्सरसाइज का एक और फायदा ये है कि ये व्यक्ति को जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। इसे उच्च तीव्रता प्रशिक्षण की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें प्रति मिनट के हिसाब से 10 कैलोरीज बर्न की जा सकती हैं।


सारी मसल्‍स के लिए करता है काम

बहुत ही कम ऐसी एक्‍सरसाइज हो‍ती है जो एक ही समय में सभी मसल्‍स पर एक साथ काम करती हैं। इनमें से एक बैटल रोप वर्कआउट भी है। ये सभी मसल्‍स पर एक साथ काम करती है।


कम समय में अच्‍छा र‍िजल्‍ट

कुछ महिलाओं हेल्थ इश्‍यूज और दूसरे कारणों के वजह से ज्यादा टफ एक्‍सरसाइज जैसे की वेटल‍िफ्टिंग और पुशअप्‍स। हालांकि 'बैटल रोप' भी थोड़ा चैलेज‍िंग है लेकिन इसका इफेक्‍ट जल्‍दी करता है। जी हां यह वर्कआउट आपके जोड़ों पर अत्यधिक तनाव नहीं डालती, लेकिन आपको ऑक्सीजन की कमी, दिल की गति को बढ़ा देती है और शरीर की कार्यप्रणाली की क्षमता को और ज्‍यादा बढ़ा देती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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