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बढ़ता ही जा रहा है आपका वजन? कहीं आप कम फाइबर तो नहीं खा रहे हैं!

आपको पिछले कुछ समय से महसूस हो रहा है कि आपका वजन बढ़ता ही जा रहा है और आपने कुछ समय में ही कुछ ज्यादा ही किलो बढ़ा लिए है। एक्सरसाइज करने और डाइट से भी कोई फायदा नहीं हो रहा है तो समझ जाइए आपके डाइट के साथ कुछ तो गड़बड़ है। फिर से पुरानी काया पाने के लिए आपको सख्त डाइटिंग पर जाने की बिल्कुल भी जरुरत नहीं है। इससे कुछ फर्क पड़े या ना पड़े लेकिन यकीन मानिए आपके अंदर न्यूट्रीशियन की कमी की वजह से आप कमजोर महसूस करने लगेंगे। वजन कम करने के लिए आपको कुछ कटौती नहीं करनी है बल्कि फाइबर को अपने डाइट में शामिल करना है।
क्योंकि वजन बढ़ने का एक मुख्य कारण फाइबर की कमी भी होती है। इसलिए आइए जानते है कि कैसे आप अपने शरीर में फाइबर की कमी को पूरा कर सकते है।

क्या है फाइबर
फाइबर एक तरह का कार्बोहाइड्रेट होता है, जिसमें पोषण तो काफी कम होता है लेकिन यह पाचन संबंधी प्रक्रियाओं को संचालित करता है। ब्लड शुगर और डायबिटिज के मरीजों के लिए फाइबर बहुत जरुरी होता है। ये वजन को नियंत्रित करने में हेल्पफुल होता है।
कितनी फाइबर की जरूरत है आपको?
फाइबर से ही आपकी पचाने की क्रिया ठीक हो पाती है। आपको आश्चर्य होगा कि हममें से अधिकतर लोग जरूरत के मुताबिक फाइबर नहीं खा रहे। फाइबर पानी के साथ मिलकर खाने को आपके पाचनत्रंत में आगे बढ़ाता है।
पचाने में आसान
फाइबर की कम मात्रा के अलावा, हमें सही फाइबर की पहचान की भी मुश्किल है। सोल्यूबल या घुलनशील फाइबर नर्म और चिपचिपा होता है। इसे शरीर आसानी से पचा लेता है। इन्सोल्यूएबल या अघुलनशील फाइबर पचाने में ठीक लेकिन आपके पाचनतंत्र में बेहद मजबूती देता है।
कितना फाइबर है जरूरी?
महिलाओं और पुरुषों में फाइबर की अलग अलग मात्रा की आवश्यकता होती है। कम से कम में पुरूषों को हर रोज 40 ग्राम और महिलाओं को 25 ग्राम फाइबर लेना ही चाहिए। आइए जानते है किन भोज्य पद्वार्थों में फाइबर की अच्छी मात्रा मौजूद होती है।
ओट्स
यह, फाइबर लेने का सबसे अच्छा तरीका है। इसमें घुलने वाला और न घुलने वाला दोनों ही तरह का फाइबर होता है। यह सिर्फ नाश्ते में ही नहीं, बल्कि कई तरह से अपने आहार में शामिल किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से आप ओट्स डोसा या उत्तपम भी बना सकते हैं। 100 ग्राम ओट्स में 1.7 ग्राम फाइबर होता है।
चॉकलेट
डार्क चॉकलेट खाने में टेस्टी होने के साथ हेल्दी भी होता है। कोको पाउडर आयरन और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। जिसके प्रति 100 ग्राम उपभोग से 33.2 ग्राम फाइबर मिल सकता है।
दाल
हर तरह के दाल में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है। अगर कभी आपका मन सिर्फ दाल खाने का न करें, तो इसे आप सूप या सैलेड में भी डाल सकते हैं। फाइबर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पाई जाने वाली दाल आपके एनर्जी के लेवल को बढ़ाती है। आप इसे उबालकर भी खा सकते है। 100 ग्राम उबली हुई दाल में 8 ग्राम फाइबर होता है।
अलसी के बीज
अलसी में पाए जाने वाली फाइबर की मात्रा शरीर के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। इसे आप स्मूदी के साथ या नाश्ते के सी ऊपर भी डालकर खा सकते हैं। साबुत बीज की जगह पिसे हुए अलसी के बीज खाएं ताकि ये आसानी से पच जाएं। पिसे हुए फ्लेक्सीड को आप कई चीजों के साथ मिलाकर खा सकती है। 100 ग्राम फ्लेक्सीड में 27 ग्राम फाइबर होता है।
फल
फल जैसे सेब और नाशपाती में भी फाइबर की मात्रा पाई जाती है। आप इसे काटकर या शेक बनाकर भी पी सकते है। इन फलों को इनके छिलके समेत ही खाएं क्योंकि इनमें में ही फाइबर की मात्रा पाई जाती है।
100 ग्राम सेब में 2.4 ग्राम फाइबर होता है। 100 ग्राम नाशपाती में 3.1 ग्राम फाइबर होता है।
ब्रॉकली
विटामिन-सी के साथ इसमें कैल्शियम और फाइबर की मात्रा भी पाई जाती है। अपने आहार में शामिल करने से आपको उच्च मात्रा में फाइबर मिलेगा। 100 ग्राम ब्रॉकली में 2.6 ग्राम फाइबर होता है।
रेशेदार सब्जियां
सब्ज़ियों का सेवन अधिक करें। सब्जियां फाइबर का अच्छा स्त्रोत हैं उदाहरण के लिए मटर, लौकी, मूली, पत्तागोभी और पालक। इनसे रोजाना 100 ग्राम में 10.5 ग्राम फाइबर शरीर को मिल सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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