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क्या बढ़ती उम्र में स्प्राउट्स खाना नुकसानदायक होता है, जाने इससे जुड़ी वास्तविकता
सेहत को लेकर चिंतित रहने वाले लोगों में अंकुरित अनाज तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। लोग बीमारियों से बचने और लंबे समय तक स्वस्थ एवं फिट रहने के लिए, एक स्वस्थ विकल्प के रूप में अंकुरित अनाज को पसंद करने लगे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि अंकुरित अनाज स्वास्थ्यवर्धक हैं और उनके अन्य विकल्पों की तुलना में अधिक पौष्टिक भी हैं, जबकि ऐसा भी माना जाता है कि उम्र बढ़ने पर अंकुरित अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि अंकुरित अनाज से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
अंकुरित अनाज की शुरुआत साबुत अनाज से होती है। अनाज वाली घास के खाने योग्य हिस्से को अनाज कहा जाता है जो कि रोगाणु, स्टार्ची एंडोस्पर्म और बाहरी खलिहान की परत से बने होते हैं। अनाज के अंदर तेल और पोषक तत्व होते हैं जो अनाज को अंकुरित करने के लिए फट जाते हैं।
अगर आप खाने के लिए अनाज को अंकुरित कर रहे हैं तो आपको उन्हें केवल तब तक अंकुरित होने देना चाहिए जब तक कि अनाज स्वयं अंकुरित न हो जाए। यदि आप अंकुर को बढ़ने देते हैं, तो अंकुर अनाज में संग्रहीत पोषक तत्वों का उपयोग करना शुरू कर देता है और पोषक तत्व कम हो जाते हैं।

अंकुरित अनाज के पोषक तत्व
स्प्राउट्स में फाइबर, विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सीडेंट जैसे बायोएक्टिव यौगिक होते हैं और स्प्राउट्स को आहार में शामिल कर इन फायदेमंद यौगिकों का सेवन किया जा सकता है। स्प्राउट्स में कैलोरी, वसा और सोडियम भी कम होता है जिससे स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

रिसर्च में भी आया सामने
अंकुरित अनाज में कार्बोहाइड्रेट शुगर में परिवर्तित हो जाते हैं जबकि प्रोटीन अमीनो एसिड में बदल जाता है और वसा फैटी एसिड में बदल जाता है। इस बदलाव से शरीर के लिए इन पोषक तत्वों को अवशोषित करना आसान हो जाता है। 1940 के दशक में किए गए शोध से पता चला है कि अंकुरित अनाज में विटामिन ए और विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है। 2001 में, इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन ने पाया कि सूखे अनाज की तुलना में अंकुरित अनाज में ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी, ई और बीटा-कैरोटीन होते हैं।
2008 में टाइप 2 डायबिटीज की डाइट में अंकुरित सफेद या ब्राउन राइस पर एक अध्ययन किया गया। शोध में पाया गया कि अंकुरित चावल के आहार से ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रोल के स्तर में सुधार आने में मदद मिली। इसमें कोई संदेह नहीं है कि अंकुरित अनाज ज्यादा पौष्टिक होते हैं।

क्या वृद्धावस्था में स्प्राउट्स खा सकते हैं?
जी हां, वृद्धावस्था में स्प्राउट्स खा सकते हैं। अंकुरित अनाज के पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए ये कहा जा सकता है कि ये वृद्ध लोगों के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है जो कि मधुमेह को नियंत्रण में रखने में मदद करता है और पाचन में भी सहायता करता है।
वृद्धावस्था में इस तरह की समस्याएं आम होती हैं इसलिए बुजर्गु लोगों के लिए भी स्प्राउट्स फायदेमंद होते हैं। अनाज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा शरीर को मुक्त कणों से सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है। अंकुरित अनाजों में मौजूद विटामिन और खनिज भी शरीर को स्वस्थ रखने और बुढ़ापे में पोषण देने में मदद कर सकते हैं।

हर उम्र के लोग खा सकते हैं
अब तो आप जान ही गए होंगे कि स्प्राउट्स खाना कितना फायदेमंद है। इसमें न केवल पोषक तत्व मौजूद होते हैं बल्कि कई बीमारियों को दूर करने की भी शक्ति होती है। अंकुरित अनाज का सेवन बच्चों से लेकर बूढे़ तक कर सकते हैं।
अगर आपने भी अब तक अंकुरित अनाज को अपने आहार में शामिल नहीं किया है तो अब कर लीजिए।



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