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कीटो डाइट करने की सोच रहे हैं तो खाएं ये इंडियन डिशेज, नहीं बढ़ेगा एक्स्ट्रा फैट

इन दिनों कीटो डाइट ट्रेंड में है, सेलिब्रेटी से लेकर फिटनेस फ्रीक, फिट रहने के लिए इस डाइट को फॉलो कर रहे हैं। कीटोजेनिक डाइट, शरीर में मौजूद फैट को एनर्जी में बदलने का काम करता है, जिस वजह से वेटलॉस बहुत जल्दी होता है। कीटो डाइट में बहुत कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट मौजूद होता है। इस डाइट की मदद से शरीर ऊर्जा के उत्पादन के लिए लिवर में कीटोन उत्पन्न करता है। इसलिए इसे कीटोजेनिक डाइट और लो कार्ब डाइट के नाम से जाना जाता है।
डाइट में ज्यादा कार्बोहाइड्रेट का सेवन करने से शरीर में ग्लूकोज और इंसुलिन का उत्पादन होता है और शरीर एनर्जी के लिए ग्लूकोज को प्राथमिक ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करता है इसलिए आपके खाने में मौजूद फैट आपका शरीर संग्रहित कर लेता है, इसी वजह से वजन बढ़ने लगता है। वहीं दूसरी ओर कीटो डाइट में कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करके फैट को एनर्जी के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि कुछ लोग फूडी होते है जो डाइट को गंभीरता से ले नहीं पाते है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ इंडियन डिशेज ऐसे भी हैं जो कीटो डाइट के तौर पर इस्तेमाल किए जा सकते है। आइए जानते है कौनसे है वो डिशेज।

पनीर भुर्जी
कीटो डाइट के लिए पनीर बेहतरीन ऑप्शन है। हर 100 ग्राम पनीर में 3.4 ग्राम कार्बस होते हैं। इंडियन किचन में तो पालक पनीर, कड़ाही पनीर और पनीर भुर्जी जैसे कई पनीर वैरायटीज बनाई जाती है। पनीर की सब्जी टेस्ट के साथ ही पोषण से भरपूर होता है। आप इसे सब्जी में पकाकर या सलाद में ले सकते हैं।

सरसों का साग
सरसों में सेलेनियम और मैग्नीशियम होता है, उत्तर भारत में सर्दियों में खूब चाव से सरसो का साग खाया जाता है। इसमें मौजूद एंटी इन्फ्लैमटॉरी गुण आपको गर्माहट महसूस कराता है। हर 100 ग्राम कच्चे सरसों में 4.7 ग्राम कार्बस होता है। आप इसे भी अपनी कीटो डाइट में शामिल कर सकते है।

अंडे की भुर्जी
अंडे के सफेद हिस्से के सेवन से भी उचित प्रोटीन की प्राप्ति होती है। अंडे हर तरह की डाइट में अच्छे होते है। उबले हुए अंडे के सफेद हिस्से का सेवन करें। एक अंडे मे तकरीबन 1.1 ग्राम कार्ब्स होता है। इसलिए आप अंडे की भुर्जी में वेजिटेबल मिक्स करके खा सकते है।

पालक पनीर
पालक में विटामिन के, एक और सी भरपूर मात्रा में होते हैं, इसके अलावा पालक मैग्नेशियम, आयरन और मैग्निज का मुख्य स्त्रोत होता है। इस पत्तेदार सब्जी को खाने से आप कई तरह के फायदे उठा सकते हैं। पालक एंटी डिप्रेशन के तौर पर भी काम करती है और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रण में रखने में मददगार है। हर 100 ग्राम पालक में 3.6 ग्राम कार्बस होते हैं, जो इसे कीटो के लिए परफेक्ट बनाता है। पालक पनीर तो आपके लिए बेस्ट कीटो डाइट बन सकती है।

अवियल
केरल में कई नारियल के दूध से तरह स्ट्रूज और क्यूरीज बनाई जाती हैं। यह सभी कीटो-फ्रेंडली हैं। अवियल भी ऐसी ही है, अवियल में काफी मात्रा में लोकल सब्जियां, बीन्स, डर्मस्टिक जैसी वेजिटेबल को मिक्स करके बनाया जाता है। अवियल को नारियल के तेल और करी पत्तियों के साथ मिलाकर बनाया जाता है। यह कीटो डाइट में आपके लिए नई टेस्टी रेसिपी बन सकता है।

बैंगन का भरता
अगर आपको बैंगन का भरता पसंद है तो खुश हो जाइए, लो कार्बस डाइट के लिए बैंगन का भरता बेस्ट ऑप्शन है। बैंगन का भरता तकरीबन हर किसी को पसंद होता है। बैंगन का भरता रोटी और चावलों के साथ खाया जाता है। बैंगन की 100 ग्राम प्रोटीन में महज 6 ग्राम कार्बस होता है। आप टेस्टी बैंगन के भरते को कीटो डाइट के तौर पर ले सकते हैं।



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