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मिठास से भरी गुड़ की रोटी नहीं होने देता है खून की कमी, जानें इसे खाने के फायदे और रेसिपी
हमारे देश में कई जगह पर पारंपरिक तौर पर बनाई जाने वाली गुड़ की मीठी रोटी खाने का चलन हैं। हालांकि सर्दियों में इस रोटी का सेवन किया जाता है। लेकिन कुछ खास मौके पर इस रोटी को बनाया जाता हैं।
पंजाब में इसे गुड़ की रोटी कहा जाता है। वहीं महाराष्ट्र में इसे गुल पोली कहा जाता है। स्वाद में मीठी लगने वाली ये रोटी स्वाद में न सिर्फ टेस्टी होती है, बल्कि सेहत के लिए भी यह काफी फायदेमंद है। गेहूं और गुड़ की मौजूदगी के कारण यह हाई फाइबर रोटी शरीर में आयरन की कमी नहीं होने देती। आप चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए इसे घी लगाकर भी सेंक सकते हैं। आइए जानते हैं गुड़ की मीठी रोटी बनाने की आसान विधि और इसके लाभ।

आयरन की कमी पूरी करें
गुड़ से तैयार गुड़ की मीठी रोटी अपने में गुड़ के सभी पौष्टिक तत्व लिए रहती है। गुड़ आयरन का उच्च स्रोत होता है। इसलिए इसे खाने से आपको आयरन की कमी नहीं होती। जो लोग एनिमिया की समस्या से गुजर रहे हैं उन के लिए गुड़ की रोटी का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद हैं।

जोड़ों का दर्द करें दूर
जिन लोगों को जोड़ों में दर्द रहता है। नाश्ते में गुड़ की रोटी को दूध के साथ खाना चाहिए। ये बोन हेल्थ के लिए जरूरी पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है।

सर्दी-जुकाम में लाभकारी
बारिश के मौसम में संक्रमण और वायरल फ्लू में गुड़ की रोटी बहुत अधिक मददगार होती है। इससे आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होगी। इसकी तासीर गर्म होने के कारण यह सर्दी, जुकाम और खास तौर से कफ से आपको राहत देने में मदद करेगा।

पाचन में सुधार
गुड़ की रोटी आयरन और हाई फाइबर लिए रहती हैं। जिससे आपका पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। यह पचने में आसान है, पर आपका पेट लंबे समय तक भरे होने का अहसास रहता है। जिससे आप ओवरईटिंग या फूड क्रेविंग से बच जाते हैं।

तुरंत एनर्जी दें
गुड़ की रोटी आपके लिए एनर्जी का मुख्य स्रोत है। इसके सेवन से आप शरीर में स्फूर्ति और तंदुरुस्ती महसूस करते हैं। अगर आप बहुत अधिक थकान या कमजोरी महसूस कर रहे हैं, तब आपको गुड़ की रोटी का सेवन जरूर करना चाहिए। यह आपके शरीर में उर्जा के स्तर को बढ़ा देती है, और आपको थकान महसूस नहीं होती।

गुड़ की रोटी बनाने के लिए सामग्री
गेहूं का आटा- 500 ग्राम
गुड़- 500 ग्राम
पानी- 400 मि.ली.
खसखस - थोड़ी सी
तिल-थोड़ा सा
घी - आवश्यकतानुसार
सूखे मेवे बारीक कटे हुए
सौंफ के बीज- 1 टीस्पून

गुड़ की रोटी बनाने की विधि
हल्के गुनगुने पानी में गुड़ को भिगोकर रख दें। लगभग आधे घंटे में यह गुड़ अच्छी तरह पानी में मिक्स हो जाएगा। अब बाउल में गेहूं का आटा और थोड़ा सा घी डालें। इसे मिक्स किए हुए गुड़ के पानी से सख्त गूथ लें।
गुथे हुए आटे की कुछ मोटी लोई बनाकर इसे हल्के हाथ से बेल लें। ध्यान रहे गुड़ की रोटी थोड़ी मोटी ही अच्छी लगती है। रोटी को पूरी तरह बेलने से पहले उस पर खसखस और तिल छिड़क दें। अपनी इच्छानुसार बारीक कटे मेवे भी। अब फिर से रोटी को बेलें। बेलते हुए ध्यान रखें किखसखस और मेवे अच्छी तरह रोटी में मिल जाएं।
अब रोटी को अच्छी तरह से सेंक लें। एक तरफ से सिकने के बाद पलटें और घी लगाएं। इसी तरह रोटी की दूसरी साइड भी सेकें और घी लगाएं। लीजिए आपकी गुड की मीठी रोटी तैयार है। गुनगुने दूध के साथ गर्मागर्म सर्व करें।



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