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धूम्रपान को कहना है अलविदा तो आज से ही करें यह योगासन
किसी भी लत से निजात पाना बेहद मुश्किल होता है और स्मोकिंग करने वाले व्यक्तियों के लिए सिगरेट पीना भी किसी लत से कम नहीं है। यह तो हम सभी जानते हैं कि धूम्रपान सेहत के लिए बहुत अधिक हानिकारक है। इससे कई तरह की जानलेवा बीमारियां होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह सिर्फ धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों को ही नहीं, बल्कि उसके आसपास मौजूद लोगों पर भी अपना विपरीत प्रभाव छोड़ता है। ऐसे में इस बुरी आदत से जल्द से जल्द निजात पा लेना सभी के लिए अच्छा है। अगर आप स्मोकिंग छोड़कर एक हेल्दी लाइफ जीना चाहते हैं तो ऐसे में योग इसमें आपकी मदद कर सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही योगासनों के बारे में बता रहे हैं, जो धूम्रपान छोड़ने में आपकी मदद कर सकते हैं-

सिगरेट सेहत के लिए किस तरह हानिकारक है?
सिगरेट के धुएं में 4000 से अधिक रसायन होते हैं। इनमें से 250 हानिकारक माने जाते हैं। और 50 से अधिक को कैंसर का कारण माना जाता है। डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रकाशित एक फैक्ट शीट के अनुसार, तंबाकू हर साल लगभग 6 मिलियन लोगों की जान लेता है। इन मौतों में से 5 मिलियन से अधिक प्रत्यक्ष तंबाकू के उपयोग का परिणाम हैं। जबकि 6,00,000 से ज्यादा की मौत सेकेंड हैंड स्मोकिंग से होती है।

स्मोकिंग छोड़ने से क्या लाभ होता है?
अगर आप स्मोकिंग की लत से बाहर आ जाते हैं तो इससे आपको कई लाभ मिल सकते हैं-
• फेफड़ों की क्षमता में सुधार होता है और आपका स्टेमिना बढ़ता है।
• रक्त परिसंचरण और हृदय गति में सुधार होता है।
• इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के कारण समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है।
• धूम्रपान कैंसर का एक प्रमुख कारण है। धूम्रपान छोड़ने से खतरनाक बीमारी से पीड़ित होने की संभावना कम हो जाती है।
• जब हम धूम्रपान छोड़ने का निर्णय लेते हैं, तो हम अधिक तनाव का अनुभव कर सकते हैं। लेकिन जब हम योगाभ्यास करते हैं, तो इससे उस तनाव को दूर करने में मदद मिलती है। साथ ही, धीरे-धीरे हमारे तनाव का स्तर नीचे चला जाता है।
• धूम्रपान छोड़ने से हम अपने परिवार, दोस्तों और अपने आस-पास के लोगों को पैसिव स्मोकिंग (सेकेंड हैंड) के खतरों से बचा सकते हैं।

भुजंगासन
भुजंगासन ना केवल थकान को दूर करके ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। बल्कि यह तनाव को दूर करने में मदद करता है और धूम्रपान करने की इच्छा को कम करता है।

भुजंगासन कैसे करें?
• भुजंगासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाइए।
• अब अपनी हथेली को कंधे के नीचे रखिए।
• इसके बाद गहरी सांस लें और शरीर के अगले भाग को ऊपर की और उठाएं।
• ध्यान दें कि आपकी कमर पर बहुत अधिक खिंचाव ना आए।
• कुछ क्षण इसी अवस्था में रूकें और फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।
• आप क्षमतानुसार इस आसन का अभ्यास कर सकते हैं।
सेतुबंधासन
अगर आप धूम्रपान को पूरी तरह से छोड़ना चाहते हैं तो ऐसे में सेतुबंधासन का अभ्यास लाभकारी है। यह ना केवल फेफड़ों को खोलकर शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह में सुधार करता है। बल्कि मन को शांत करने के साथ-साथ चिंता, अवसाद और तनाव को कम करता है। इससे व्यक्ति की धूम्रपान करने की तलब काफी कम हो जाती है।
सेतुबंधासन कैसे करें?
सेतुबंधासन करने के लिए सबसे पहले मैट बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं।
• अब अपने दोनों पैरों को कूल्हे की तरफ खींचें।
• ध्यान दें कि आप दोनों पैरों में थोड़ा अंतर रखें।
• अब हाथों की मदद से पैरों के टखनों को पकड़ लीजिए।
• अब अपनी पीठ, कूल्हे और जांघों के साथ ऊपर की ओर उठाने का प्रयास करें। लेकिन इस दौरान झटका ना दें।
• जितना संभव हो, अपनी कमर को ऊपर उठा लें।
• हालांकि, इस दौरान सिर व कंधे जमीन पर ही हों।
• कुछ क्षण इस अवस्था में रूकें और फिर प्रारंभिक अवस्था में लौट आएं।
इन दोनों आसनों के अलावा कपालभांति, अनुलोम-विलोम, सर्वांगासन, बालासन, त्रिकोणासन व शवासन भी धूम्रपान को छोड़ने में सहायक हो सकते हैं।



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