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जिद्दी मोटापे को दूर भगाएं पेगन डाइट, जानें क्या है ये डाइट प्लान और नियम
इन दिनों एक नया डाइट प्लान काफी ट्रेंड में है, जिसका नाम है पेगन डाइट प्लान ( Pegan Diet Plan)। यह डाइट प्लान आपके वजन घटाने से लेकर मोटापे से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में फायदेमंद है। पेगन डाइट पैलियो डाइट और वेगन डाइट का एक मिलता-जुलता कॉम्बिनेशन है। हर एक डाइट प्लान की तरह पेगन डाइट में भी आपको कुछ विशेष खाद्य पदार्थों को शामिल करना और छोड़ना पड़ता है। पेगन डाइट प्लांट बेस्ड और एनिमल बेस्ड सोर्स के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए एक आदर्श डाइट प्लान है। अगर आप भी इस डाइट को फॉलो करने का सोच रहे हैं, तो इससे पहले इसके सभी फायदे, नुकसान और नियमों को जान लें।

पेगन डाइट रुल्स
पेगन डाइट, पैलियो डाइट और वेगन डाइट के सिद्धांतों पर आधारित है। पैलियो डाइट में जहां मांस, फल, सब्जियां और मछली जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इस डाइट में मुख्य तौर पर अनाज, फलियां, चीनी, नमक, कॉफी या चाय जैसे कृषि उत्पादों की खपत को वर्जित किया गया है। वहीं वेगन में पोल्ट्री, डेयरी, सी-फूड और यहां तक कि शहद जैसे पशु-आधारित उत्पादों से बचने पर जोर दिया गया है।
हालांकि दोनों प्रकार की डाइट एक दूसरे के विपरीत हैं, लेकिन इस डाइट पर जोर दिया गया है कि आपको संतुलित मात्रा में पोषक तत्व मिले। डॉ. हाइमन की थ्योरी के मुताबिक आपकी प्लेट का 75 प्रतिशत भाग फल और सब्जियों से भरा होना चाहिए। बाकी के 25 प्रतिशत भाग में आप एनमिल फूड को साइड डिश के तौर पर खा सकते हैं।

पैलियो और वेगन डाइट में अंतर
पैलियो डाइट में मांस, फल, सब्जियां और मछली जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं। वहीं, चाय, कॉफी, चीनी, अधिक नमक, साबुत अनाज खाने की मनाही होती है। जबकि वेगन डाइट में पोल्ट्री, डेयरी, समुद्री भोजन और यहां तक कि शहद जैसे पशु-आधारित उत्पादों से बचने पर जोर दिया जाता है। हालांकि दोनों डाइट एक दूसरे के विपरीत हैं, लेकिन पेगन डाइट में वेज और नॉनवेज दोनों प्रकार के खाद्य पदार्थों को शामिल किया गया है, जिससे कि आपके शरीर को सभी प्रकार के आहार की संतुलित मात्रा प्राप्त हो सके।

क्या खाना चाहिए?
जो लोग इस डाइट को फॉलो करते हैं उन्हें आलू, शक्करकंद, कॉर्न जैसे स्टार्च वाले फूड से बचना चाहिए और नॉन-स्टार्च फूड लेने चाहिए। प्रोटीन क लिए, डाइट लोगों को एनिमल और प्लॉट बेस फूड के कॉम्बिनेशन का चुनने के लिए प्रोत्साहित करती है। हेल्दी फैट को डाइट में जोड़ा जा सकता है जिसमें ओमेगा -3 से भरपूर स्रोत शामिल है, जो ज्यादातर फैटी फिश, ऑलिव ऑयल, नट्स और एवाकाडो में पाया जाते हैं। जब भी संभव हो तो लोकल, आर्गेंनिक और स्थायी स्रोत को ही प्रोत्साहित किया जाता है।

क्या नहीं खाना चाहिए?
पेगन डाइट में सारे डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, मक्खन, पनीर और दही को जोड़ने की आवश्यकता होती है, जैसे कि वेगन डाइट भोजन। हालांकि, डेयरी विकल्प या प्लॉट-बेस आधारित दूध के उत्पादों जैसे बादाम के दूध और सोया दही ले सकते हैं, लेकिन सिर्फ दिन में एक बार ही।
वीट-बेस प्रोडक्ट को बाहर रखा गया है। हालांकि, ग्लूटने फ्री ग्रेन जैसे क्विनोआ और ब्राउन लाइस ले सकती हैं लेकिन किफ़ायत से। पेगन डाइट कृत्रिम रंग, स्वाद और मिठास को भी दूर रखा जाता है।

पेगन डाइट के फायदे
मोटापा दूर करता है, डायबिटीज से बचाने में प्रभावशाली है, ब्लड लेवल को कंट्रोल में रखता है, इन्फ्लेमेशन में कमी करने के अलावा स्वास्थ्य के कई पहलुओं को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
पेगन डाइट के नुकसान
अधिकांश फलियों के सेवन से बचना पड़ता है, जो वास्तव में पौधे-आधारित प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।कार्बोहाइड्रेट का कम या सीमित मात्रा में सेवन। यदि उन पोषक तत्वों को सावधानी से रिप्लेस नहीं किया जाता है तो पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।



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