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संकेत, जो बताते हैं कि आपका हृदय ठीक तरह से काम नहीं कर रहा
हृदय रोग का सबसे सामान्य प्रकार कोरोनरी आर्टरी बीमारी है जो आम तौर पर दिल का दौरा पड़ने का कारण बनती है। हृदय की अन्य बीमारियों में हार्ट फेल होना, हार्ट के वॉल्व से संबंधित बीमारी, रक्त वाहिकाओं से संबंधित रोग, पेरिकार्डियल रोग, दिल की धड़कन का अनियमित होना, जन्मजात हृदय की समस्या, हृदय की मांसपेशियों से संबंधित समस्या, महाधमनी की समस्या आदि शामिल है।
क्योंकि ये सभी विशिष्ट समस्याएं हैं तथा प्रत्येक बीमारी के अपने अलग लक्षण हैं जिसके बारे में आपको अवश्य जानना चाहिए। कई बीमारियों के लक्षण एक जैसे भी हो सकते हैं अत: यह बात महत्वपूर्ण हो जाती है कि जब भी आपको ऐसे लक्षण दिखाई दें तो आप डॉक्टर के पास जाएँ।

हृदयाघात की स्थिति में छाती में भारीपन या दर्द महसूस होता है जिसे अक्सर लोग हार्टबर्न की समस्या समझ लेते हैं। इसी प्रकार का अनुभव भुजाओं या कंधों में, गले, जबड़े, पीठ या गर्दन में हो सकता है।
सांस लेने में समस्या आना भी एक लक्षण है तथा इसके अलावा हृदय की धड़कन बढ़ना, कमज़ोरी, चक्कर आना, पसीना आना, मितली आना या नाड़ी का अनियमित होना भी इसके ही लक्षण हैं।

यदि आपको ऐसा महसूस होता है कि आपकी छाती पर कुछ भार रखा है या आपको छाती की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है तो यह भी इस बात का संकेत है कि आपका हृदय ठीक तरह से काम नहीं कर रहा है।
इसके अलावा यदि आप कसरत करने के बाद छाती में दर्द महसूस करते हैं या आप थका हुआ महसूस करते हैं तो इसका अर्थ है कि आपके हृदय में रक्त प्रवाह में कुछ गड़बड़ी है।

यदि आपको हल्का फुल्का काम करने के बाद भी सांस लेने में परेशानी हो या यदि आप लेटे हों और तब भी सांस लेने में परेशानी हो तो यह हृदय से संबंधित समस्या का लक्षण हो सकता है।
यह हृदय के वॉल्व से संबंधित समस्या की ओर इशारा करता है। यदि आप अक्सर थकान या चंचलता महसूस करते हैं तो यह हृदय के वॉल्व से संबंधित समस्या के कारण हृदय में ब्लॉकेज के कारण हो सकता है। कई लोग पेट की गंभीर समस्याओं से जैसे अपचन या दस्त आदि से ग्रसित होते हैं। यह भी हृदय की बीमारी का एक लक्षण है।

यदि आप अचानक बहुत अधिक थका हुआ महसूस करने लगे या आपको नींद ठीक तरह से नहीं आ रही हो तो यह हृदय की समस्या का संकेत हो सकता है। अचानक से थकान महसूस होना या ठण्ड लगना या जी मिचलाना या पसीना आना भी इस बात का संकेत है कि रक्त प्रवाह पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रहा। ये हृदय से संबंधित बीमारी के लक्षण भी हो सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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