चेहरे पर नजर आ रही है झाइयां, तो स्किन केयर रूटीन में शामिल करें ये फेस एसिड

skincare face acid

35 की उम्र के बाद झाइयां और ओपन पोर्स जैसी कई समस्याएं हैं, जिसकी वजह से महिलाएं परेशान रहती है। और इस वजह से वो महंगे प्रोडक्टस यूज करने से भी नहीं हिचकिचाती। चूंकि इस तरह की स्किन प्रॉब्लमस से निपटने के लिए नॉर्मल स्किन केयर रूटीन फॉलो करने से आपको बेहतर परिणाम नहीं मिल सकता। वैसे इन दिनों स्किन केयर में ऐसे कई एसिड हैं, जो काफी चलन में है। ये एक तरह के एक्टिव इंग्रेडिएंट्स होते हैं, जो क्रीम और सीरम में मौजूद होते है। जिसे इस्तेमाल करने के कई फायदे हैं। लेकिन बात ये आती है कि कौन-सा एसिड बेस्ट रिजल्ट दे सकता है। तो आइए जानते है सही स्किन केयर एसिड का चुनाव कैसे करें।

सैलिसिलिक एसिड

सैलिसिलिक एसिड या बीटा हाइड्रॉक्सिल एसिड (BHA) में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं और ये हार्मोनल ब्रेकआउट को सुचारू करने, ब्रेकआउट को कम करने और रोमछिद्रों को बंद होने से बचाते हैं। AHAs की तुलना में BHAs त्वचा में गहराई तक प्रवेश करते हैं, इसलिए ये ऑइली और एक्ने पोर्न स्किन के लिए बेस्ट हैं। लेकिन जिनकी स्किन सैंसेटिप है उन्हें सैलिसिलिक एसिड से बेहद सावधान रहना चाहिए क्यूंकि इसके इस्तेमाल से स्किन ड्राई हो सकती है। इसके इस्तेमाल का तरीका आसान है, चेहरे को क्लीन करने के बाद सैलिसिलिक एसिड को लें और सीधा चेहरे पर हल्के हाथों से लगा लें। आप इसे दिन में 1 से 2 बार लगा सकते हैं।

ग्लाइकोलिक एसिड

ग्लाइकोलिक एसिड अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड के ग्रुप का एक एसिड है, जिसे कई सारे ब्यूटी प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया जाता है। ग्लाइकोलिक एसिड एक नेचुरल एक्सफोलिएंट होने के कारण स्किन को हेल्दी व शाइनी बनाता है। इससे स्किन मुलायम हो जाती है। ग्लाइकोलिक एसिड मिले प्रोडक्टस का लंबे समय तक प्रयोग करने से झुर्रियां, एंटी एजिंग के निशान चेहरे पर दिखाई नहीं देते हैं। इसके अलावा ये चेहरे को स्मूथ बनाता है जिससे एक्ने व अन्य तरह के दाग गायब हो जाते हैं। ग्लाइकोलिक एसिड का यूज यूवी रेज से डैमेज हुए स्किन में जान डालने के लिए किया जाता है। जब सूर्य की रोशनी त्वचा की नमी सोखकर उसे ड्राई कर देती है तो ग्लाइकोलिक एसिड का प्रयोग त्वचा में खोई नमी व चमक को वापस लाता है। ग्लाइकोलिक एसिड फेशवॉश के रुप में भी इस्तेमाल किया जाता है। जिससे त्वचा की क्लींजिंग के साथ-साथ उसे पोषण व मॉइश्चराइजर भी मिलता है।

हयालूरोनिक एसिड

हयालूरोनिक एसिड में मौजूद होमियोस्टेसिस स्किन के मॉइश्चर को बरकरार रखने में मदद कर सकता है। इस वजह से उम्र के साथ स्किन में आने वाली ड्राइनेस व रिंकल्स से राहत मिल सकती है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि हयालूरोनिक एसिड में मौजूद होमियोस्टेसिस त्वचा में एंटी एजिंग प्रक्रिया को कम कर सकता है। इसके अंदर मॉइस्चराइजिंग गुण मौजूद होते हैं, जो स्किन में गहराई से प्रवेश कर उसकी नमी को बरकरार रखते हैं। ड्राई स्किन वालों के लिए ये लिए विशेषकर लाभदायी है। हयालूरोनिक एसिड घाव भरने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। स्किन में किसी भी तरह की क्षति पहुंचने पर जैसे चोट या जख्म को भरने का काम यह तेजी से कर सकता है। असल में हयालूरोनिक एसिड कोलेजन का प्रोडक्शन बढ़ाता है, जिस कारण घाव भरने का प्रोसेस तेज हो सकता है।

कोजिक एसिड

कोजिक एसिड एक तरह का केमिकल होता है, जो विभिन्नक प्रकार के फर्मेंटेड सॉस और राइस से बनता है। इसमें एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो आपकी स्किन को चमकदार बनाने का काम करते हैं। कोजिक एसिड से स्किन संबंधी समस्यापएं जैसे हाइपरपिग्मेंाटेशन, पैच और स्किन ट्रेक्ससचर में सुधार करने में मदद मिलती है। कोजिक एसिड स्किनकेयर प्रोडक्ट में स्किन व्हा इटनिंग और ब्राइटनिंग एजेंट के रूप में प्रयोग किया जाता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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