Latest Updates
-
T20 World Cup 2026: क्या टीम इंडिया फिर रचेगी इतिहास? जानें क्या कहती है डॉ. वाई राखी की भविष्यवाणी -
क्या आप भी हैं 'सुपरवुमन सिंड्रोम' की शिकार? जानें इसका सच और बचने के तरीके -
Women’s Day Wishes For Girlfriend: नारी है शक्ति...इन संदेशों से अपनी गर्लफ्रेंड को दें महिला दिवस की शुभकामना -
Women's Day Special: 30 की उम्र के बाद महिलाएं फॉलो करें ये हेल्थ टिप्स, कई बीमारियों से होगा बचाव -
Rang Panchami 2026: रंग पंचमी पर कर लिए ये अचूक उपाय तो चमक जाएगी किस्मत, वैवाहिक जीवन रहेगा खुशहाल -
8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और इस साल की थीम -
Rang Panchami 2026: कब है रंग पंचमी? जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व -
पेट के कैंसर के शुरुआती स्टेज में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, ज्यादातर लोग साधारण समझकर करते हैं इग्नोर -
Bhalchandra Sankashti Chaturthi Katha: भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर होगी हर परेशानी -
Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026: 6 या 7 मार्च, कब है भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व औ
सर्दियों में हाई बीपी की समस्या से निजात दिलाएंगे ये सुपरफूडस

सर्दी का मौसम यूं तो सभी को बहुत अच्छा लगता है। लेकिन इस मौसम में जो स्वास्थ्य समस्याएं होती है उनकी वजह से कुछ लोग इस मौसम का खुलकर आनंद नहीं ले पाते। इसी में से एक है हाइपरटेंशन यानि हाई बीपी की समस्या। खास बात ये है कि इसके लक्षण तभी सामने आते है, जब स्थिति गंभीर होने लगती है। दरअसल टेम्पेरेचर लो होने से ब्लड आर्टरिज सिकुड़ने लगती हैं और ब्लड थिक हो जाता है, जिससे हार्ट और ब्रेन पर ब्लड का प्रेशर बढ़ जाता है। ज्यादा ऑइली चीजें खाना , एक्सरसाइज ना करना और डिहाइड्रेशन इस समस्या को और बढ़ा देते हैं। जिससे स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। यहां हम आपको वो सुपरफूड बताने वाले है जिनका सेवन करके सर्दियों में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है।
चुकंदर
चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है, जबकि इसमें मौजूद विटामिन बी न्यूरोलॉजिकल फ़ंक्शन में सुधार करता हैं। एक रिसर्च के अनुसार प्रतिदिन 250 मिलीलीटर चुकंदर का जूस पीने से शरीर का सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर दोनों कम होता है। चुकंदर के रस में पाए जाने वाले नाइट्रेट से ब्लड वेसल्स में ब्ल्ड सर्कुलेशन अच्छे से होता है। जिससे ब्लड प्रेशर कम होता है और हाई बीपी की समस्या में राहत मिलती है।
मूली
मूली में ऐसे कई पोषक तत्व होते हैं, जो हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए फायदेमंद होते हैं। मूली में एंटीऑक्सीडेंट, पोटैशियम और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। साथ ही मूली में नेचुरल नाइट्रेट भी पाया जाता है, जो ब्लड सर्कुलेशन सही रखता है।
मेथी दाना
मेथी ना सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ाता है, बल्कि ये हमारे शरीर को कई रोगों से भी बचाता है। मेथी के दाने में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो बढ़े हुए बीपी को तुरंत कंट्रोल करता है। मेथी में कैरोटिन, कॉपर, जिंक, सोडियम, फोलिक एसिड और मैग्नीशियम के अलावा कई और पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसी वजह से मेथी दाना का सेवन करना हाई बीपी कंट्रोल करने में कारगर होता है।
दही
दही के कई सारे स्वास्थ्य लाभ हैं। इसमें कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, विटामिन बी6 और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं। जिसमें मैग्नीशियम हाई ब्लड प्रेशर के लिए अच्छा माना जाता है, जबकि कैल्शियम मांसपेशियों के संकुचन में मदद करता है, जो हार्ट मसल्स के लिए अच्छा होता है।
औरेंज
औरेंज विटामिन सी का एक बड़ा सोर्स है। जिसके रस में पोटेशियम होता है जो हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने करने में सहायक है। औरेंज में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं। ये बैड कोलेस्ट्रॉल को भी कम कर सकता है। लेकिन औरेंज को भूलकर भी सुबह खाली पेट और रात में न खाए। बल्कि कोशिश करे कि इसे हमेशा दिन में खाएं। औरेंज खाने के तुरंत बाद भी ना खाए। बल्कि खाने से एक घंटा पहले या खाने के एक घंटे बाद ही औरेंज का सेवन फायदेमंद साबित होता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां
सर्दियों के दिनों में बाजार में खूब सारी हरी पत्तेदार सब्जियों आती है। कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर हरी सब्जियां सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाती हैं। बात अगर हाई बीपी को कंट्रोल करने की हो तो उसमें भी हरी सब्जियों का महत्वपूर्ण रोल है। ये हमारे शरीर से अनावश्यक नमक को खत्म करने में मदद करती है। इसलिए आज से ही अपनी डाइट में पालक, गोभी, सरसों और मेथी को शामिल करें।
लहसुन
लहसुन उन सहायक जड़ी बूटियों में से एक है जो बीपी को कंट्रोल करने के लिए कई तरह से मदद करता है। लहसुन में एलिसिन नामक कंपाउंड पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को कम करने में कारगर है। आप चाहें तो इसे कच्चा,सलाद के रूप में या फिर इसका पाउडर बनाकर भी ले सकते है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











