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एड्स के बारे में आम मिथक
अगर किसी व्यक्ति को एड्स की बीमारी हो जाती है तो वह नर्वस हो जाता है और अपनी मौत के दिन गिनने लगता है। लोग एड्स के बारे में कई कही - सुनी बातों पर विश्वास कर लेते है और डॉक्टरी सलाह लेने से भी कतराते है। एड्स और एचआईवी दो अलग तरीके की बीमारियां है लेकिन लोगों को इनके बीच का अंतर भी पता नहीं होता है। एड्स एक आम लेकिन लाइलाज बीमारी है इसलिए बचाव करने की सलाह दी जाती है, इससे किसी की मौत नहीं होती है लेकिन शारीरिक क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ता है। एड्स के बारे में कई मिथक और गलतफहमियां है जिनमें से कुछ निम्म प्रकार है :

1) शारीरिक सम्बंध :
एड्स के बारे में यह सबसे बड़ी गलत धारणा बनी हुई है कि एड्स किसी अन्य के साथ शारीरिक सम्बंध बनाने से होता है। यह गलत है, एड्स शरीर में किसी भी लिक्विड एक्सचेंज जैसे - खून, स्पर्म, सैलाइवा आदि से फैल सकता है। कई बार एक ही निडिल से सुई लगाने या संक्रमित रक्त चढ़ाने पर भी एड्स हो जाता है।
2) लोगों से संक्रमण :
एड्स कोई संक्रमण फैलाने वाली बीमारी नहीं है। अगर आप किसी एड्स पीडि़त के साथ बैठते है तो आपको एड्स नहीं हो सकता है लेकिन आज भी पढ़ा - लिखा वर्ग एड्स पीडि़त के साथ बात कतराने से भी कतराता है। इसलिए अगली बार से एड्स पीडित को गले लगाने से न कतराएं।
3) मच्छर :
कई लोगों को लगता है कि मच्छर से एड्स फैलता है क्यों कि वह सभी का खून चूसता है। लेकिन अध्ययन से यह बात साबित हो चुकी है कि मच्छर से एड्स नहीं फैलता है यह सिर्फ एक मिथक है। मच्छर के शरीर में एड्स के वायरस का जीवन बहुत अल्पकालीन होता है।
4) एड्स होने से मृत्यु हो जाती है :
एड्स होने से मौत हो जाती है ये गलत है। एड्स बीमारी होने का मतलब यह बिलकुल नहीं होता है कि मरीज की मौत हो जाएगी। एड्स होने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ता है लेकिन अगर पूरी देखभाल और रखरखाव रखा जाएं तो एड्स पीडित काफी लम्बी जी सकते है।
5) ओरल सेक्स करने से फैलता है :
ओरल सेक्स सुरक्षित होता है लेकिन अगर आपके मुंह में छाले, कोई घाव या कोई कट है तो ओरल सेक्स भी बिना प्रोटेक्शन के नहीं करना चाहिए। एड्स, बॉडी फ्लूएड्स के एक्सचेंज होने से फैलता है ऐसे में अगर स्पर्म, फीमेल के मुंह से बॉडी में या व्हाइट डिस्चार्ज, मेल के मुंह से बॉडी में चला जाता है तो एड्स होने का खतरा बढ़ जाता है।
6) टैटू या बॉडी पियर्सरिंग सुरक्षित है :
कई लोगों को शरीर में टैटू गुदवाने से भी एड्स हो जाता है। एक ही निडिल से टैटू या बॉडी पियर्सरिंग करने से एड्स होने की संभावना रहती है। इसलिए जब भी टैटू बनवाएं तो उसके सभी टूल्स को सही तरीके से स्टरलाइज करवाएं और उसके बाद नई निडिल से ही बनवाएं।
7) बच्चे को जन्म देना :
ऐसा माना जाता है कि एड्स पीडित दम्पती से एड्स पीडित बच्चा ही जन्म लेता है। ऐसा नहीं है, अगर किसी जोड़े को पता है कि वह एड्स पीडित है तो उन्हे गर्भधारण करने से पहले डॉक्टरी सलाह ले लेनी चाहिए और पूरी देखभाल रखनी चाहिए। प्रसव के बाद बच्चे को मां का दूध नहीं देना चाहिए। इस प्रकार बच्चा सामान्य ही होगा।
8) दो एड्स पीडित लोग बिना प्रोटेक्शन के सेक्स कर सकते है :
लोगों को ऐसा लगता है कि एड्स पीडित दो लोग आराम से बिना प्रोटेक्शन के सेक्स कर सकते है। ऐसा हरगिज नहीं है, हर किसी को अलग प्रकार का एड्स होता है या किसी को एड्स होता है और किसी को एचआईवी। एड्स पीडित किसी मरीज को सीडी4 का कांउट ड्रॉप 200 होता है और किसी को संक्रमण या कैंसर होता है। ऐसे में जब भी सेक्स करें तो प्रोटेक्शन जरूर इस्तेमाल करें। सबसे बड़ी बात एड्स और एचआईवी में अंतर समझें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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