योगा से ठीक होने वाली दस बीमारियां

योग से लगभग सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज हो सकता है। वास्‍तव में, अगर आप नियमित रूप से योगाभ्‍यास करते है तो आपका शरीर किसी भी रोग से मुक्‍त हो सकता है। और अगर आपके शरीर में कुछ बीमारियों का विकास हो रहा है तो योगा करके प्राकृतिक तरीके से इलाज से किया संभव है।

योगा को रोजाना करने से अस्‍थमा और गठिया जैसे पुराने रोगों का इलाज भी संभव है। योगा से डायबटीज का इलाज भी हो सकता है लेकिन इसके लिए जरूरी होगा कि पहले ब्‍लड़ सुगर लेवल को कंट्रोल में लाया जाएं। कई ऐसे और भी रोग भी है जिनका इलाज नियमित योग करने से संभव है। तो आइए जानते है योग से ठीक होने वाली 10 बीमारियों के बारे में बोल्‍ड स्‍काई की खास रिपोर्ट में :

 1) अस्‍थमा

1) अस्‍थमा

योग से अस्‍थमा में कमी आती है। शुरूआत में योग करने से ज्‍यादा लाभ नहीं मिलता है, बस सांस लेने में आराम मिलती है लेकिन नियमित योग करने से बाद में आपको इंहेलर लेने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। योग से फेफड़े में ताजी हवा पहुंचती है और सांस से जुडी सारी समस्‍याएं दूर हो जाती है।

2) डायबटीज

2) डायबटीज

माना जाता है कि डायबटीज ऐसी बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है। वास्‍तव में आप इंसुलिन प्रतिरोधक का इलाज नहीं कर सकते लेकिन अपने ब्‍लड़ सुगर को कंट्रोल कर सकते है। योग की मदद से बॉडी का ब्‍लड़ सुगर आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।

3) हाइपरटेंशन

3) हाइपरटेंशन

हाईब्‍लड़ प्रेशर कई रोगों की जड़ होती है। अगर आप हाईपरटेंशन से निजात पा जाएं, तो छोटी - मोटी बीमारियां यूं ही दूर हो जाएगी। योगा व मेडीटेशन की मदद से हाइपरटेंशन को दूर किया जा सकता है।

4) अपच

4) अपच

अपच केवल एक बीमारी है, लेकिन आजकल के दौर में लोगों के बीच उनके अनियमित दिनचर्या के कारण एक महामारी के रूप में फैली हुई है। योग की मदद से अपच से आराम मिलता है।

5) माइग्रेन

5) माइग्रेन

माइग्रेन का मुख्‍य कारण दिमाग तक ब्‍लड़ का पर्याप्‍त मात्रा में सर्कुलेशन न होता है। योगा की मदद से दिमाग तक आसानी से ब्‍लड़ पहुंच जाता है। मांइड में फ्रेशनेस बनी रहती है। माइग्रेन में सिरसासन या हेडस्‍टैंड करने से लाभ मिलता है।

6) पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द

6) पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द

पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द होना बेहद तकलीफदेह होता है। प्रोफेशनल और कामकाजी लोगों को अक्‍सर इस समस्‍या से दो - चार होना पड़ता है। ऐसी समस्‍या होने पर तांडासन या वृक्षासन करें।

7) आर्थराइटिस ( गठिया )

7) आर्थराइटिस ( गठिया )

आर्थराइटिस, जोड़ो के दर्द को कहते है और इस बीमारी को ठीक नहीं किया जा सकता है। लेकिन इस बीमारी पर योगा की मदद से नियंत्रण किया जा सकता है।

8) लिवर समस्‍या

8) लिवर समस्‍या

जिगर को हेल्‍दी बनाएं रखने के लिए योगा काफी लाभप्रद होता है। योगा की मदद से ब्‍लड़ सर्कुलेशन पेट में आराम से होता है जिससे वह दुरूस्‍त रहता है।

9) डिप्रेशन

9) डिप्रेशन

योगा की मदद से डिप्रेशन से दूर भागा जा सकता है। योगा से फील फ्रेश फैक्‍टर आता है। अगर आप वाकई में खुद को नए सिरे से एक नए तरीके से जिंदगी में देखना चाहते है तो योगा की मदद से डिप्रेशन से बाहर निकल सकते है। डिप्रेशन में उत्‍तनासन जैसे योग करें।

10) पॉली सिस्टिक अंडाशय या पीसीओ

10) पॉली सिस्टिक अंडाशय या पीसीओ

पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम ( पीसीओ ), महिलाओं में प्रजजन के दौरान होने वाला आम विकार है जो हार्मोन से सम्‍बंधी होता है। वर्तमान में ज्‍यादातर महिलाएं इसकी शिकार होती है। इससे बांझपन होने का भी खतरा काफी ज्‍यादा रहता है। योगा की मदद से इससे मुक्ति पाई जा सकती है।

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