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जानिये अलजाइमर से जुड़ी पांच भ्रांतियां
अलजाइमर के होने के कारणों और इसके प्रभाव के बारे में कई भ्रांतियां फैली हुई हैं। यही भ्रांतियां इस बीमारी को ठीक से समझने की राह में सबसे बड़ी रुकावट है।
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आज हम आपको बता रहे हैं अलजाइमर के बारे में पांच सबसे प्रचलित भ्रांतियों के बारे में।

पहली भ्रांति: अल्जाइमर सिर्फ उम्रदराज़ लोगों को ही हो सकता है
आमतौर पर अलजाइमर की चपेट में वही लोग आते हैं जो 65 या उससे अधिक उम्र के होते हैं। पर यह बीमारी आपको युवावस्था में भी हो सकती है। शोध में यह बात सामने आई कि अल्जाइमर से ग्रस्त 5 प्रतिशत लोग 30, 40 और 50 वर्ष के हैं। इसे अर्ली-आॅनसेट अल्जाइमर कहा जाता है। इस उम्र में अल्जाइमर होने पर लोगों को डायगनॉनिस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, क्योंकि डाॅक्टर अधेड़ उम्र में अल्जाइमर से ग्रस्त होने की संभावना से इंकार करते हैं। वे यह मानते हैं कि मेमाॅरी लाॅस जैसे लक्षण तनाव के कारण हैं।

दूसरी भ्रांतिः अल्जाइमर के लक्षण बढ़ती उम्र के कारण है
बेशक कुछ मेमाॅरी लाॅस बढ़ती उम्र का एक हिस्सा हो सकता है। लेकिन भटकाव और भूलने की प्रवृत्ति जैसे अल्जाइमर के लक्षण बढ़ती उम्र के कारण नहीं हो सकता। अपनी कार की चाभी कहीं रखकर भूल जाना एक सामान्य बात हो सकती है, लेकिन कार ड्राइव करते समय आॅफिस का रास्ता भूल जाना सामान्य नहीं हो सकता। यह एक गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है।

तीसरी भ्रांति: अल्जाइमर से मौत नहीं होती
यह भ्रांति तो बिल्कुल ही बेबुनियाद है। कम से कम यह तथ्य सामने आ जाने पर कि अमेरिका में मौत का छठवां सबसे बड़ा कारण अल्जाइमर है। ज्यादातर लोग डायगनाॅसिस के बोद 8 से 10 साल जिंदा रहते हैं। ऐसे लोग खाना-पीना तक भूल जाते हैं और फिर कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा उन्हें सांस लेने में भी समस्या होती है और निमोनिया के चपेट में आ जाते हैं। अंत में इसका परिणाम मौत के रूप में सामने आता है।

चैथी भ्रांति: इसका इलाज संभव है
सच्चाई तो यह है कि अल्जाइमर एक लाइलाज बीमारी है। हालांकि बीमारी की शुरुआत में ही दवाई और सेहत की देखभाल से जिंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है।

पांचवीं भ्रांति: एल्युमिनियम, सिल्वर फीलिंग या एस्पार्टम से होता है
आपने अक्सर यह सुना होगा कि एल्युमिनियम के बर्तन में खाना बनाने या पानी पीने से अल्जाइमर होता है। सच्चाई तो यह है कि इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। विशेषज्ञ अभी तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि अल्जाइमर का असल कारण क्या है। वे बस इतना कह पाते हैं कि इसके पीछे जीन, वातावरण और जीवनशौली का मिला-जुला कारण है। कुछ शोध से यह बात सामने आई कि अल्जाइमर दिल की बीमारी, हाई ब्लडप्रेशर और मधुमेह से संबंधित है। इस बीमारी पर अब भी शोध जारी है और मुख्य कारणों का पता अब तक नहीं लग पाया है।



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