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जानें अशोक के पेड़ के स्वास्थ्य लाभ और साइड इफेक्ट
अशोक का पेड़ ज्यादातर घरों के आस-पास पाया जाता है। यह पेड़ न केवल छाया प्रदान करता है बल्कि आयुर्वेद के अनुसार इसमें ढेर सारे औषधीय गुण भी होते हैं। ओशक का पेड़ एक जड़ी बूटी की तरह कार्य करता है और तमाम बीमारियों की पल भर में छुट्टी कर देता है।
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इस पेड़ की छाल का प्रयोग महिलाओं में माहवारी के दौरान भारी ब्लीडिंग की समस्या को दूर करने के लिये भी किया जाता है। आइये जानते हैं ऐसे ही अन्य औषधीय गुण इस पेड़ के बारे में...

स्वास्थ्य लाभ : पुरातन काल से ही अशोक को गर्भाशय टॉनिक के रूप में प्रयोग किया आता जा रहा है। यह माहवारी के दौरान भारी ब्लीडिंग को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह उन दिनों पर होने वाले पेट दर्द और बेचैनी को भी दूर करता है। आयुर्वेदा के अनुसार यह महिलाओं में सिस्ट और फाइब्रॉएड को भी ठीक करता है।
पाइल्स: आंतरिक पाइल्स को ठीक करने के लिये अशोक की छाल का प्रयोग किया जाता है। अगर आप दो से तीन बार अशोक की छाल का काढा पियें तो आपको आराम हो सकता है। इसके लिये 90 ग्राम अशोक की छाल, 360 एमएल पानी और 30 एमएल दूध मिला कर तब तक उबालें जब तक कि काढ़ा 90 ग्राम तक ना बन जाए।
मुंहासे: 100 अशोका पावडर को 2 गिलास पानी में तब तक उबालें जब तक कि यह एक कप न हो जाए। फिर इसमें ½ कप सरसों का तेल मिक्स करें और ठंडा कर के चेहरे पर लगाएं। इसे तब तक लगाना है जब तक कि आपको मुंहासों से छुटकारा ना मिले।
कैसे करें उपयोग: अशोका दोनों ही रूपों, तरल पदार्थ और पावडर के रूप में उपलब्ध है। आप इसे किसी डॉक्टर से परामर्श ले कर प्रयोग कर सकते हैं।
मौजूद सक्रिय तत्व: अशोक की छाल में मुख्य रूप से टैनिन, ग्लाइकोसाइड, फ्लेवनॉइड, स्टेरोल्स और महत्वपूर्ण खनिज जैसे सोडियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम आदि शामिल हैं।
साइड इफेक्ट: वैसे तो अशोक हर किसी के लिये सेफ माना जाता है पर अगर आपको हार्ट की बीमारी है और वो महिलाएं जिन्हें रजोरोध है, उनको ये जड़ी बूटी बड़ी ही सावधानी के साथ प्रयोग करना चाहिये।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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