मिर्गी की बीमारी से निपटने के कुछ तरीके

मानव मस्तिष्क कई खरब तंत्रिका कोशिकाओं से बना होता है। इन कोशिकाओं की क्रियाशीलता कार्य-कलापों को नियंत्रित करती है। मस्तिष्क के समस्त कोषों में एक विद्युतीय प्रवाह होता है जो नाड़ियों द्वारा प्रवाहित होता है। ये सारे कोष विद्युतीय नाड़ियों के माध्यम से आपस में संपर्क बनाये रखते हैं, लेकिन कभी मस्तिष्क में असामान्य रूप से विद्युत का संचार होने से व्यक्ति को एक विशेष प्रकार के झटके लगते हैं और वह बेहोश हो जाता है। ये बेहोशी कुछ सेकेंड से लेकर ४-५ मिनट तक चल सकती है।

अज्ञानता , अंधविश्वास के कारण बढ़ रहा है देश में मिर्गी रोग

मिर्गी रोग को ठीक करने के लिये डॉक्‍टर से परामर्श बहुत जरुरी है इसके साथ दवाइयो का नियमित सेवन उससे भी ज्‍यादा जरुरी है। मिर्गी खानदानी रोग नहीं है और ना ही यह ज्‍यादा तनाव लेने या दिमाग पर जोर देने से होती है। मिर्गी किसी भी रोग में और किसी को भी हो सकती है। आप चाहें तो मिर्गी रोग को दवाइयों, लाइफस्‍टाइल को चेंज कर के या फिर कुछ घरेलू उपचार अपना कर ठीक कर सकते हैं।

आइये जानते हैं मिर्गी की बीमारी से निपटने के कुछ आसान तरीके।

1. नारियल तेल

1. नारियल तेल

नारियल के तेल में फैटी एसिड्स होते हैं जो कि दिमाग की कोशिकाओं को एनर्जी पहुंचाने का कार्य करता है। दिन में 3 बार 1 चम्‍मच एक्‍सट्रा वर्जिन कोकोनट ऑइल का सेवन करना चाहिये। नारियल का तेल खाने में प्रयोग किया जाना चाहिये।

2. नींबू

2. नींबू

नींबू, ब्‍लड सर्कुलेशन ठीक करता है जिससे दिमाग तक ठीक प्रकार से खून पहुंचता है और दिमाग अच्‍छी तरह से काम करता है। एक गिलास पानी में 2 चम्‍मच ताजा नींबू का रस और आधा चम्‍मच बेकिंग सोडा मिलाएं। इसे सोने से पहले रोज पियें।

3. लहसुन

3. लहसुन

इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी इंफ्लेमट्री तत्‍व पाए जाते हैं जो कि शरीर में फ्री रैडिक्‍स को खतम करते हैं और नर्वस सिस्‍टम के कार्य को बढावा देते हैं। आधा कप दूध और आधा कप पानी मिला कर उबालें औश्र उसमें 4 से 5 लहसुन की कलियों को कूंच कर डालें। जब दूध आधा हो जाए तब इसे छान कर पी लें। इसे रोज पियें।

4. कुष्माण्ड

4. कुष्माण्ड

पोषण और औषधीय गुणों से भरा कुष्‍माण्‍ड मिर्गी को दूर भगाने के काम आता है। यह नर्वस सिस्‍टम को स्‍वस्‍थ बनाता है और दिमाग की नसों की कार्य छमता को बढाता है। रोजाना सुबह खाली पेट आधा गिलास कुष्‍माण्‍ड का जूस पीने से फायदा होता है।

5. व्‍यायाम

5. व्‍यायाम

रोजाना व्‍यायाम करने से मस्तिष्क में खुश रहने वाला हार्मोन निकलता है जो कि मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाता है। वॉर्मअप और स्‍ट्रेचिंग एक्‍सरसाइज करें। इसके साथ 45 मिनट की वॉक करें। आप तैराकी और बागवानी भी कर सकते हैं।

6. योगा

6. योगा

योग करने से शरीर रिलैक्‍स होता है और दिमाग से तनाव दूर होता है। योग के साथ ध्‍यान भी करना चाहिये। मिर्गी रोग भगाने के लिये बालासन, नाड़ी शोधन, कपोतासन, शीर्षासन और चमत्‍कारआसन बहुत फायदेमंद होता है।

7. विटामिन की गोलियां लें

7. विटामिन की गोलियां लें

विटामिन बी एक बहुत ही जरुरी विटामिन की गोली है जो मिर्गी के रोग को दूर करती है। साथ ही विटामिन ई दिमाग को शांत करने में मदद करता है। अन्‍य विटामिन जैसे विटामिन B12, B6 और D भी लाभकारी होता है।

8. एक्यूपंक्चर

8. एक्यूपंक्चर

पारंपरिक चीनी चिकित्सा में एक्यूपंक्चर मिर्गी का एक प्रसिद्ध इलाज है। एक्‍यूपंक्‍चर में पूरे शरीर पर सूई चुभो कर ऊर्जा को पूरे शरीर तक पहुंचाया जाता है। इससे दिमाग को ताकत करने की शक्‍ति मिलती है।

9. अन्‍य टिप्‍स

9. अन्‍य टिप्‍स

  1. अपनी नींद पूरी कीजिये।
  2. तनाव को दूर रखिये।
  3. रोज आधा गिलास अंगूर का जूस पीजिये।
  4. शराब और धूम्रपान का सेवन कम कीजिये।
  5. खूब ज्‍यादा कैल्‍शिमय और मैगनीशियम वाला आहार खाइये।
  6. सफेद उत्‍पाद जैसे, चीनी, नमक, मैदा या वाइट राइस का सेवन कम कीजिये।
  7. ब्रेकफास्‍ट कभी ना छोड़े।

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