कपिंग थेरेपी के ये निशान छुटकारा दिलाएंगे इन 8 बीमारियों से

इस कपिंग थेरेपी का आविष्कार हज़ारों वर्ष पहले हुआ था। अगर आपको कई तरह की बीमारियों से बचना है तो कपिंग थेरेपी के लिये जरुर जाएं क्‍योंकि इसके कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ हैं।

By Radhika Thakur

कई मसाज थैरेपिस्ट और अन्य स्वास्थ्य सेवा देने वाले पेशेवर कपिंग उपचार की पद्धति को अपना रहे हैं। इसका अर्थ समझ में आता है क्योंकि कपिंग की प्रक्रिया मसाज के विपरीत है।

कितना असरदार एक्‍युपंक्‍चर?
इसमें मांसपेशियों पर दबाव डालने के बजाय सक्शन के दबाव की सहायता से स्किन, टिशू और मांसपेशियों को ऊपर खींचा जाता है।

इस कपिंग थेरेपी का आविष्कार हज़ारों वर्ष पहले हुआ था। इतने सालों के दौरान इसकी तकनीक में कुछ परिवर्तन आया है परन्तु मूल सिद्धांत वही है।

यदि आपने इस बार का रियो ओलंपिक्स देखा होगा तो, आपने देखा होगा कि कुछ महान खिलाड़ियों के शरीर पर अजीब बैंगनी घाव बने हुए होंगे। कुछ लोगों को लगता है कि वे खिलाड़ी

स्वयं को कुछ तकलीफ दे रहे हैं। परन्तु घाव के ये गोल निशान वास्तव में कपिंग की हीलिंग पद्धति के होते हैं। कपिंग में तीन चरण होते हैं:

 कपिंग में तीन चरण होते हैं:

कपिंग में तीन चरण होते हैं:



  1. कांच के छोटे कप को गर्म करना
  2. उसके बाद इन्हें स्किन पर रखना और
  3. इन्हें शरीर से दूर खींचना ताकि मांसपेशियों को आराम मिल सके।

1. दर्द से आराम दिलाता है

1. दर्द से आराम दिलाता है

कपिंग थेरेपी के उपयोग का एक प्रमुख कारण यह है कि यह दर्द से आराम दिलाता है। कपिंग वास्तव में सॉफ्ट टिशू को लक्ष्य बनाता है तथा सूजन और दर्द वाले स्थान पर दबाव डालता है। इससे रक्त प्रवाह बढ़ता है और टिशू को ऑक्सीजन और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व मिलते हैं। यह शरीर में गहराई तक टिशू को आराम पहुंचाता है, और अक्सर आमवात और माइग्रेन के कारण पीठ और गर्दन में होने वाली अकडन से आराम दिलाता है।

2. सर्दी, खांसी और एलर्जी से राहत दिलाता है

2. सर्दी, खांसी और एलर्जी से राहत दिलाता है

कपिंग फेफड़ों तथा अन्य महत्वपूर्ण अंगों को उत्तेजित करता है ताकि बलगम बाहर निकल सके। खांसी के द्वारा शरीर के अतिरिक्त कफ़ (बलगम) को बाहर निकाला जाता है। इस थेरेपी के उपयोग से भारी सर्दी, एलर्जी के लक्षणों और कफ़ से तीव्रता से आराम पाया जा सकता है। यह रक्त प्रवाह बढ़ाकर तथा लसिका तरल पदार्थ को शरीर के विभिन्न भागों में पहुंचाकर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।

 3. मांसपेशियों को आराम देता है

3. मांसपेशियों को आराम देता है

कपिंग से तनी हुई मांसपेशियों से दबाव दूर हो जाता है। आप केवल शांत और निर्जीव पड़े रहें और प्रैक्टिशनर इस थेरेपी से आपका उपचार करता है जिसका आपके स्वास्थ्य बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है और यही कारण है कि कपिंग थेरेपी अक्सर इतनी प्रभावी होती है। प्रैक्टिशनर के कप शरीर पर रखने और खींचने के बाद वे लगभग 20 मिनिट तक रहते हैं। वास्तव में वे हमें शांत और निर्जीव रहने के लिए जोर देते हैं ताकि हम अधिक आराम महसूस करें और यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को भी सुप्त अवस्था में ले जाता है।

 4. डिटॉक्सीफिकेशन

4. डिटॉक्सीफिकेशन

शरीर के टिशू में टॉक्सिन्स होने से रक्त का प्रवाह उचित तरीके से नहीं होता। जब खून अपने साथ टॉक्सिन्स लेकर इस क्षेत्र से गुज़रता है तो कपिंग इस ठहराव में सुधार लाता है। यह मृत कोशिकाओं में आये हुए कचरे को साफ़ करने का काम भी करता है। ये सभी तत्व प्राकृतिक रूप से बाहर निकाल दिए जाते हैं। यही कारण है कि कपिंग सेशन के बाद पानी बहुत अधिक मात्रा में पीना चाहिए ताकि सारी अशुद्धियाँ शरीर से बाहर निकल जाएँ और आपका स्वास्थ्य अच्छा हो जाए।

5. सूजन को कम करना

5. सूजन को कम करना

कपिंग थेरेपी में प्रभावित क्षेत्र पर रक्त प्रवाह बढ़ाया जाता है ताकि नई रक्त वाहिकाएं बनाई जा सकें। यह गांठों और चिपकाव को ठीक करता है और यही कारण है कि आजकल एथलिट इस थेरेपी का अधिक उपयोग करते हैं। बहुत अधिक कसरत करने के बाद यह उनके शरीर को तीव्रता से सामान्य करता है।

 6. त्वचा की स्थिति में सुधार

6. त्वचा की स्थिति में सुधार

कपिंग त्वचा की कई समस्याओं जैसे एक्जिमा और मुंहासें से आराम दिलाता है, हर्पीस के प्रभाव को कम करता है, त्वचा की सूजन को कम करता है और सेल्युलाईट को कम करता है। सेल्युलाईट के उपचार में त्वचा पर तेल लगाने के बाद कपिंग थेरेपी का उपयोग किया जाता है। इसके बाद कप को खींचकर निकाला जाता है और उस क्षेत्र तक गर्मी पहुंचाने के लिए इसे घुमाया जाता है। इसके साथ ही उपयोग में लाये गए तेल के स्किन हीलिंग पदार्थों का उपयोग किया जाता है।

7. पाचन की समस्याओं को दूर करता है

7. पाचन की समस्याओं को दूर करता है

पाचन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए भी कपिंग एक लोकप्रिय थेरेपी बन गयी है। इसमें इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम या आईबीएस भी शामिल है। लोग इस पर बहुत कम विशावस करते हैं क्योंकि उनके अनुसार कपिंग का उपयोग तनाव को दूर करने के लिए किया जाता है जिसका सीधा संबंध अच्छे पाचन से होता है।

8. एंटी ऐजिंग

8. एंटी ऐजिंग

कपिंग का उपयोग एंटी ऐजिंग के प्रभावों जैसे झुर्रियों को कम करने के लिए किया जाता है। यह त्वचा को अधिक पोषण देता है जिससे त्वचा जवान दिखती है। सक्शन के साथ जिस लिफ्टिंग लोशन का उपयोग किया जाता है वह फाइन लाइंस और झुर्रियों को कम करता है। यह किसी चोट या मुंहासों के दागों को भी कम करता है।

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