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पहले से चोटिल लोग हो जाएं सावधान, योग करने से बढ़ सकती हैं आपकी मुश्किलें
योग शायद उतना भी सुरक्षित नहीं जितना की माना जाता है। ऐसा शोधकर्ताओं का कहना है। उनका मानना है कि योग से मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द हो सकता है।
योग शायद उतना भी सुरक्षित नहीं जितना की माना जाता है। ऐसा शोधकर्ताओं का कहना है। उनका मानना है कि योग से मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द हो सकता है। इतना ही नहीं इसके कारण पहले से लगी चोटें और गंभीर रूप धारण कर सकती हैं।
जर्नल ऑफ बॉडीवर्क एंड मूवमेंट थेरेपीज में प्रकाशित एक शोध में पता चला है कि योग 10 फीसदी लोगों में मस्कुलोस्केलेटल (musculoskeletal) पेन का कारण बनता है और मौजूदा चोटों को 21 फीसदी तक बढ़ाता है। विशेष रूप से ऊपरी अंगों में पहले से मौजूद मस्कुलोस्केलेटल पेन को बढ़ाता है।

इसमें कोई शक नहीं है कि मांसपेशियों तथा हड्डियों से जुड़े विकार के वैकल्पिक उपचार के तौर पर योग दुनियाभर के लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लेकिन इसके गंभीर परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में सिडनी यूनिवर्सिटी के लीद रिसर्चर इवानगेलोस पप्प्स ने कहा, 'बेशक योग मांसपेशियों और हड्डियों संबंधी दर्द में फायदेमंद हो सकता है लेकिन यह दर्द का कारण भी बन सकता है।'

अध्ययन में पाया गया है कि कुछ ऐसा योगासन हैं जिनसे कंधों, कोहनी, कलाई और हाथों में दर्द हो सकता है। क्योंकि इन आसन से आपके ऊपरी अंगों पर अधिक दबाव पड़ता है।
हालांकि, अध्ययन में 74 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बताया कि मौजूदा दर्द में योग द्वारा सुधार किया गया था, जिसमें मस्कुलोस्केलेटल दर्द और योग अभ्यास के बीच जटिल संबंधों पर प्रकाश डाला गया था।
पप्पस ने कहा, 'योग से होने वाले दर्द को रोकने का सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप इसे बेहतर तरीके से करें। इसके अलावा अगर आपको कोई पुरानी चोट है, तो योग करने से पहले अपने ट्रेनर को बताएं।'
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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