Latest Updates
-
Bank Holiday May 2026: मई में छुट्टियों की भरमार! 1 तारीख को ही लगा मिलेगा ताला, चेक करें लिस्ट -
पेट में गर्मी बढ़ने पर दिखते हैं ये 7 लक्षण, दूर करने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय -
कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल वाला आम? खाने से पहले 2 मिनट में ऐसे करें असली और नकली की पहचान -
बेटी की उम्र 10 साल होने से पहले ही उसे सिखा दें ये 5 जरूरी बातें, जीवन में रहेगी हमेशा आगे -
क्या सच हो गई बाबा वेंगा की 2026 की भविष्यवाणी? 48 घंटों में जापान से भारत तक भूकंप के झटकों से कांपी धरती -
Bada Mangal 2026: 19 साल बाद ज्येष्ठ में पड़ेंगे 8 बड़े मंगल, नोट कर लें बुढ़वा मंगल की सभी तारीख और महत्व -
पैर में काला धागा बांधना शुभ या अशुभ? जानें शनि-राहु से इसका कनेक्शन और बांधने का सही तरीका -
Aaj Ka Rashifal 21 April 2026: आज इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, पदोन्नति के साथ होगा जबरदस्त धन लाभ -
Kumaoni Kheera Raita: गर्मी के मौसम में वरदान है उत्तराखंड का ये खीरे का रायता, 10 मिनट में ऐसे करें तैयार -
Surya Grahan 2026: किस अमावस्या को लगेगा दूसरा सूर्य ग्रहण? क्या भारत में दिन में छा जाएगा अंधेरा?
साल भर के उपचार के बाद बच्चा एचआईवी वायरस से मुक्त हुआ
चिकित्सा विज्ञान की तरक्की का सबूत यह खबर एक करिश्मे से कम नहीं है कि दक्षिण अफ्रीका का एक बच्चा जो जन्म से ही एचआईवी वायरस से संक्रमित था, सिर्फ एक साल के उपचार से ही पूरी तरह ठीक हो चुका है।
ज़्यादातर एड्स के मरीजों को इस बिमारी से दूर रहने के लिए जिंदगी भर एआरटी ड्रग लेना पड़ता है। पर यह दस साल का बच्चा जो करीबन आठ साल से कोई उपचार नहीं ले रहा बिलकुल ठीक है।

"इंटरनेशनल एड्स सोसाइटी की सचिव लिंडा- गेल बेक्कर का कहना है, "इससे यह बात साबित होती है कि ज़रूरी नहीं है कि एड्स का उपचार जिंदगी भर चले। पर यह एक करिश्मे की तरह ही है।"
यह बच्चा वैज्ञानिकों के क्लिनिकल ट्रायल का एक हिस्सा था जहाँ यह देखा जा रहा था कि एचआईवी संक्रमित बच्चे के उपचार के शुरूआती कुछ दिन कैसे होते हैं और फिर एआरटी दवाइयों को रोक कर फिर चालु किया गया ताकि यह देखा जा सके कि क्या एचआईवी नियंत्रण में लाया जा सकता था।
1980 में जब से इसकी शुरुआत हुई, एचआईवी/एड्स एक महामारी की तरह है जिसने देश विदेश में करीबन 35 मिलियन लोगों की जानें ली है। इस उपचार को बीच में रोक देने से कई इन्फेक्शन हो सकते हैं, पर यह बच्चा कुछ अलग था।
"हमारी नज़र में शुरूआती दौर के कुछ दिनों बाद दवाई बंद करने के बाद भी एचआईवी वायरस का शरीर में ना फैलना, यह पहला ऐसा केस है," एक विशेषग्य का मानना था।
बच्चे को एचआईवी का संक्रमण अपनी माँ से हुआ। एआरटी से उपचार की शुरुआत तब हुई जब वह करीबन नौ सप्ताह का था पर इस उपचार को 40 वें सप्ताह पर बंद कर दिया गया जब वायरस को दबा दिया गया और बच्चे की समय समय पर जांच की जाने लगी ताकि यह वायरस फिर से हमला ना करे। 9.5 साल में बच्चे में इस बिमारी के कोई लक्षण नहीं दिखे।
मेलबोर्न यूनिवर्सिटी की एचआईवी एक्सपर्ट और आईएएस एचआईवी क्योर एंड कैंसर फोरम की को- चेयर शेरोन लेविन का कहना है कि इस केस से यह साबित होता है कि कैसे दवाई बंद हो जाने पर भी एक एचआईवी संक्रमित इंसान का इम्यून सिस्टम एचआईवी वायरस को शरीर में फिर से बनने से रोकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











