Latest Updates
-
International Nurses Day क्यों मनाते हैं? जानें निस्वार्थ सेवा की मूर्ति नर्सों के इस दिन का इतिहास -
Bada Mangal 2026: जय बजरंग बली! दूसरा बड़ा मंगल के शुभ अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
International Nurses Day 2026: सफेद वर्दी में छिपे फरिश्तों को कहें थैंक यू सिस्टर, भेजें ये संदेश -
Aaj Ka Rashifal 12 May 2026: मंगलवार को चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य, हनुमान जी की कृपा से बरसेगा धन -
दहेज के 87% मामलों के साथ बेंगलुरु बना नंबर-1; जानें Dowry Case में कितनी सजा और जुर्माने का है प्रावधान -
कोरोना के बाद अब हंतावायरस का बढ़ा खतरा; भारत भी हुआ अलर्ट, जानें कितनी जानलेवा है यह बीमारी और लक्षण -
क्या लड़कियों का भी होता है जनेऊ संस्कार? धुरंधर 2 एक्ट्रेस ने बताया क्यों सदियों पहले बंद हुई थी परंपरा -
Shani Jayanti 2026: 15 या 16 मई, कब मनाई जाएगी शनि जयंती? जानें सही तिथि और उपाय -
Mangal Gochar 2026: अपनी ही राशि में मंगल का गोचर; इन 4 राशि वालों पर मंडरा रहा है दुर्घटना' का साया -
Somnath Amrit Mahotsav: पीएम मोदी ने सोमनाथ में किया कुंभाभिषेक, जानें 11 तीर्थों के जल का महत्व
अलर्ट! कहीं आप मिलावटी दूध तो नहीं पी रहे हैं, ऐसे पहचाने नकली दूध को
बाजार में डिब्बा बंद दूध और पैक्ड दूध सुरक्षित नहीं है आइए जाने कैसे आप मालूम कर सकते है कि आप जो दूध पी रहे हैं वो शुद्ध है भी या नहीं।
दूध को सबसे पौष्टिक और प्रोटीन का स्त्रोत माना जाता है। दूध हर घर की प्राथमिक जरुरतों में से एक हैं। खासतौर से भारतीय घरों की। हमारे यहां सुबह उठते ही चाय और दूध ही सबसे पहली खुराक के तौर पर तैयार किए जाते है।
लेकिन क्या हो अगर आपको मालूम चले कि आप जो दूध पी रहे है वो शुद्ध नहीं है आप मिलावटी दूध पी रहे हैं.. ? हो गए ना हैरान, बिल्कुल बाजार में डिब्बा बंद दूध और पैक्ड दूध सुरक्षित नहीं है।

दूध से लेकर घी तक मिलावटी है
अब वो समय गया जब दूध में पानी मिलाकर मिलावट कर लिया करते थे। मिलावट करने के लिए भी काफी तकनीकी हो गए हैं। अब तो दूध को सीधा गलत तरीके से बनाने की कोशिश की जाती है। केवल दूध ही नही, दूध से बनने वाले अन्य खाद्य पदार्थ जैसे कि पनीर, घी, मावा, इत्यादि गलत तरीकों से बनाए जा रहे हैं।

मावे में मिला होता है यूरिया
मावे को बनाने के लिए जिस यूरिया की जरूरत पड़ती है वह महंगा होता है, जब मिलावट करने वाले लोगों को समझ में आया कि यूरिया का काम वाशिंग पाउडर भी कर सकता है तो उन्होंने मिलावट का यह गंदा खेल आरंभ कर दिया। इन सभी मिलावटी चीजों को मिलाने के बाद जो पदार्थ तैयार होता है, उससे फिर मावा बना लिया जाता है।

ऐसे फर्क करे असली और नकली में 1.
सिंथेटिक दूध की पहचान करने के लिए उसे सूंघे। अगर उसमें साबुन जैसी गंध आती है तो इसका मतलब है कि दूध सिंथेटिक है जबकि असली दूध में कुछ खास गंध नहीं आती है।

2.
असली दूध का स्वाद हल्का मीठा होता है, जबकि नकली दूध का स्वाद डिटर्जेंट और सोडा मिला होने की वजह से कड़वा हो जाता है।

3.
असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नहीं बदलता,जबकि नकली दूध कुछ वक्त के बाद पीला पड़ने लगता है। दूध में पानी के मिलावट की पहचान के लिए दूध को एक काली सतह पर छोड़ें। अगर दूध के पीछे एक सफेद लकीर छूटे तो दूध असली है।

4.
अगर हम असली दूध को उबालें तो इसका रंग नहीं बदलता, वहीं नकली दूध उबालने पर पीले रंग का हो जाता है।

5.
दूध में पानी की मिलावट की जांच करने के लिए किसी चिकनी लकड़ी या पत्थर की सतह पर दूध की एक या दो बूंद टपकाकर देखिए। अगर दूध बहता हुआ नीचे की तरफ गिरे और सफेद धार सा निशान बन जाए तो दूध शुद्ध है।

6.
असली दूध को हाथों के बीच रगड़ने पर कोई चिकनाहट महसूस नहीं होती। वहीं, नकली दूध को अगर आप अपने हाथों के बीच रगड़ेंगे तो आपको डिटर्जेंट जैसी चिकनाहट महसूस होगी।



Click it and Unblock the Notifications