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अंडकोष का कैंसर है खतरनाक, पुरुषों को जरूर पता होने चाहिए इसके लक्षण
टेस्टीकुलर कैंसर (अंडकोष का कैंसर) पुरुषों में होने वाली एक घातक बीमारी है। इसलिए हर पुरुष को टेस्टीकुलर कैंसर के बारे में पूरी जानकारी रखनी चाहिए।
इससे समय पर आसानी से इस बीमारी की पहचान की जा सकती है और शुरूआती अवस्था में ही इलाज के जरिए इसे ठीक किया जा सकता है। टेस्टिकल में गांठ या टेस्टिकल बड़ा हो जाना टेस्टिकुलर कैंसर के शुरूआती लक्षण हैं।
टेस्टिकल के बढ़ने, गांठ होने, कठोर होने या दर्द होने पर जितनी जल्दी हो सके इसका इलाज कराना चाहिए। टेस्टिकुलर कैंसर एक गंभीर बीमारी है लेकिन इसका इलाज संभव है चाहे भले ही वह मेटास्टैटिक हो।
यह पुरुषों में होने वाले सभी तरह के कैंसर में सिर्फ 1.2 प्रतिशत मामलों में ही होता है।
तो आइए जानें कि टेस्टिकल कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं।

1. पीठ और पेट में दर्द होना
पेट या पीठ में दर्द होना टेस्टिकुलर कैंसर का शुरूआती लक्षण है। स्टडी में पता चला है कि लिम्फ नोड के बढ़ने से कैंसर लिवर तक पहुंच जाता है जिससे कि लिवर में दर्द होने लगता है।

2. टेस्टिकल के गांठ में दर्द न होना
टेस्टिकल में दर्दरहित गांठ का बनना कैंसर के शुरूआती लक्षणों में से एक है। शुरुआत में यह गांठ मटर के दाने के बराबर होती है लेकिन धीरे-धीरे काफी बड़ी हो जाती है। अगर आपको ऐसे लक्षण दिखे तो इसका इलाज तुरंत कराना चाहिए। ये खतरनाक है।

3. टेस्टिकल की थैली का बढ़ना
टेस्टिकल की थैली में भारीपन महसूस होना कैंसर का शुरूआती लक्षण है। थैली के बढ़ने और इसमें दर्द होने पर इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ये आपके लिए संकेत है इसे नजरअंदाज ना करें।

4. टेस्टिकल की थैली में तरल पदार्थ जमना
टेस्टिकल की थैली से तरल पदार्थ होना सामान्य बात है। लेकिन अगर यह एक हफ्ते से ज्यादा दिनों तक रहता है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। स्टडी में पता चला है कि टेस्टीकुलर की थैली में अचानक तरल पदार्थों के इकट्ठा होने से टेस्टीकुलर कैंसर होने की आशंका होती है।

5. निपल्स नर्म हो जाना
पुरुषों में निप्पल का अचानक नर्म और मुलायम हो जाना टेस्टिकुलर कैंसर का शुरूआती लक्षण माना जाता है। टेस्टिकल में ट्यूमर होने पर एक प्रोटीन उत्पन्न होता है जो पुरुषों के निप्पल को प्रभावित करता है। ऐसा होतो आपको सावधान हो जाना चाहिए।

6. टेस्टिकल के आकार में परिवर्तन
टेस्टिकल के आकार में परिवर्तन कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। इसके अलावा यदि आपको टेस्टिकल में सूजन दिखता है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ये कैंसर के संकेत हो सकते है।

7. खून का थक्का जमना
खून का थक्का जमने से सांस लेने में तकलीफ और पैरों में सूजन हो जाती है। यह टेस्टिकल कैंसर का शुरूआती लक्षण है। नसों में खून जमना डीवीटी या डीप वेनस थ्रोम्बोसिस कहलाता है। कुछ पुरुषों में खून का थक्का जमना टेस्टिकुलर कैंसर का शुरूआती लक्षण माना जाता है।

8. इन्फेक्शन
टेस्टीकुलर में इन्फेक्शन को ओर्चिटिस कहते हैं। टेस्टिकल में इन्फेक्शन होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। ये कैंसर का शुरुआती प्रभाव हो सकता है।



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