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ज्यादा स्ट्रेस में रहने से हो सकती हैं ये 8 बीमारियां
घर हो चाहे ऑफिस इस 21 वीं शताब्दी में हर जगह आदमी को तनाव का सामना करना ही पड़ता है क्योंकि लोग अपने काम को लेकर इतना भग दौड़ करते हैं कि तनाव का होना तो स्वाभाविक सी बात है। तनाव की स्थिति में आदमी का मूड हर समय बदलता रहता है और आदमी को इसमें कुछ समझ नहीं आता है। वहीँ दूसरी बीमारियों जैसे कि बुखार, सिर दर्द और मांसपेशियों में दर्द आदि लक्षणों की तरह तनाव की दशा में ऐसा कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देता है। हालांकि कोई भी आदमी तनाव में है या नहीं है यह आसानी से समझा सकता है।

आपको बता दें कि तनाव की वजह से आपको कोई ख़ास समस्या नहीं होगी लेकिन यह कई तरह की बीमारियों का कारण जरुर हो सकता है जिससे आप अपने आप में सुस्त सा महसूस करेंगे। तनाव की वजह से आपके दिमाग पर ज्यादा दबाव पड़ता है और जिसकी वजह से आपका ह्रदय तेजी से धड़कने लगता है जिसके परिणामस्वरुप आपको ह्रदय से जुडी समस्याएं जैसे हाई ब्लडप्रेशर आदि की दिक्कत हो सकती है। यहाँ हम आपको तनाव की स्थिति में होने वाले 7 लक्षणों के बारे में बताने जा रहें हैं।

ज्यादा वजन का होना:
अगर आपका वजन ज्यादा है तो आपको तनाव की समस्या हो सकती है। आपके गलत खाने पीने की वजह से आपका वजन बढ़ता है और तनाव की स्थिति पैदा होती है क्योंकि कुछ लोगो को लगता है कि खाने से उनका दिमाग बदल सकता है। कभी कभी लोगों की अपनी तनावपूर्ण जिंदगी की वजह से उनका वजन कम भी होने लगता है।

हाई ब्लडप्रेशर का होना:
ब्लडप्रेशर का ज्यादा होना भी तनाव का लक्षण हो सकता है क्योंकि तनाव की स्थिति में आपका दिमाग एक स्ट्रेस हॉर्मोन को रिलीज करता है जिसकी वजह से व्यक्ति के शरीर में ब्लड का प्रवाह बहुत तेजी से होने लगता है और ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है।

जोड़ों में दर्द का होना:
मांसपेशियों में दर्द का होना तनाव का ही लक्षण होता है। अक्सर लोग जिनके जोड़ों और मांसपेशियों में दिक्कत होती है वो यह कहते हुए पाए जाते हैं कि जब वो तनाव में होते हैं तो यह दर्द ज्यादा ही होता है। ऐसे लोग जो आर्थराइटिस के मरीज हैं उन्हें तो तनाव के दौरान बहुत अधिक दर्द होता है।

पेट में दर्द होना:
तनाव की वजह से लोगों को पेट संबंधी दिक्कतें होने लगती हैं क्योंकि शरीर की सारी क्रियाविधि तो दिमाग से ही जुडी होती है और दिमाग एक स्ट्रेस हॉर्मोन रिलीज करता है जिससे अपच, पेट की मांसपेशियों में खिंचाव होना और डायरिया आदि होने लगते हैं। कुछ लोगों में तो इसकी वजह से मिचली भी होने लगती है।

थकान का महसूस होना:
अगर आप पूरे दिन थका हुआ महसूस करते हैं तो इसके सिर्फ दो ही कारण हो सकते हैं पहला आपके घर और ऑफिस में ज्यादा काम का होना और दूसरा आपका रात में ठीक से ना सो पाना। अगर आप पूरी रात और दिन में आराम नहीं करते हैं तो आपको स्ट्रेस को दूर करने के लिए कुछ उपाय करने की जरुरत है।

सिर में दर्द का होना:
सिर में दर्द होना और माइग्रेन का दौरा पड़ना भी तनाव का लक्षण हो सकता है। जब आपका दिमाग व्यक्तिगत और प्रोफेशनल समस्याओं से भर जाता है तो आपके दिमाग से स्ट्रेस हॉर्मोन निकलने लगता है जिससे आपके सिर, गले और कंधे में दर्द आदि महसूस होने लगते हैं। आप इस दर्द को हमेशा नजरअंदाज ना करें।

चेहरे पर मुंहासों का होना:
चेहरे पर मुंहासों और धब्बों का पड़ना भी स्ट्रेस का लक्षण होता है क्योंकि जो कोशिकाएं डेड स्किन बैक्टीरिया का निर्माण करती हैं, वो दिमाग से निकलने वाले स्ट्रेस हॉर्मोन को प्राप्त करके कील मुंहासों को बढाने का काम करती हैं।

सीने में दर्द और हार्टबीट का तेज होना:
जब आप ज्यादा तनाव की स्थिति में होते हैं तो आपका ह्रदय तेजी से धड़कने लगता है। यह स्थिति बहुत ही खतरनाक हो सकती है जिसकी वजह से आपको कार्डियक अरेस्ट या फिर सीने में दर्द आदि होने की सम्भावना बढ़ जाती है। इस चीज को आप नजरअंदाज बिल्कुल भी ना करें और तुरंत ही किसी डॉक्टर से सलाह लें।
जैसा कि आप तनाव में होने वाले कुछ लक्षणों के बारे में जानते हैं तो इसको आप नजरअंदाज करना छोड़कर किसी स्ट्रेस मैनेजमेंट प्रोग्राम में जाएँ और अपने आप को स्वस्थ रखें।



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