अर्जुन के पेड़ के हैं ये 7 लाभ उठाएं, वो भी बिना नुकसान

Posted By:
Subscribe to Boldsky

अर्जुन का पेड़ आयुर्वेद में काफी ज्‍यादा प्रयोग होता है। इसमें कई तरह के गुण होते हैं, जिसकी वजह से इसे दवाइयों में डाला जाता है। अर्जुन के पेड़, फल, पत्‍तियों और जड़ों को कई बीमारियों को दूर करने के लिये प्रयोग करते हैं।

अर्जुन के पेड़ के हिस्‍सों से आप नीचे दी हुई इन बीमारियों को दूर कर सकते हैं। आपको बता दें कि इनका कोई साइड इफेक्‍ट भी नहीं है, इसलिये इसे आजमाने में हिचकिचाएं नहीं।

 1. मुंह की बीमारियों को दूर करे

1. मुंह की बीमारियों को दूर करे

यदि अर्जुन के पेड़ की छाल के पावडर को तिल के तेल के साथ मिला कर रोज़ कुल्‍ला किया जाए, तो मुंह के फोड़े और अल्‍सर ठीक हो जाते हैं। इससे कैविटी, मसूड़ों की समस्‍या, संक्रमण, ब्‍लीडिंग, दांत दर्द और मुंह की बदबू दूर होती है।

2. चेहरे की झाइयां मिटाए

2. चेहरे की झाइयां मिटाए

अर्जुन के छाल के पावडर में थोड़ा सा शहद लगाएं और हफ्ते भर तक चेहरे पर लगाएं। इससे त्‍वचा बिल्‍कुल साफ नजर आती है।

 3. दिल की धड़कनों को नॉर्मल करता है

3. दिल की धड़कनों को नॉर्मल करता है

1 चम्‍मच अर्जुन के छाल के पावडर को 1 गिलास टमाटर के जूस में डालें और पी लें। इससे यदि दिल की धड़कने तेज हैं, तो वो नॉर्मल हो जाएंगी।

 4. रक्तपित्त

4. रक्तपित्त

सुबह अर्जुनकी छाल क काढ़ा बनाकर पीने से रक्तपित्त दूर हो जाता है।

 5. स्‍पर्म काउंट बढाए

5. स्‍पर्म काउंट बढाए

नियमित तौर पर अगर अर्जुन के छाल के पावडर का काढा पिया जाए, तो स्‍पर्म काउंट बढता है। साथ ही यह यौन संबन्‍ध से पैदा हेाने वाली अनेको बीमारियां, जैसे गोनोरिया आदि को भी जड़ से मिटा देता है।

6. हड्डी को जल्‍द ही जोड़े

6. हड्डी को जल्‍द ही जोड़े

यदि हड्डी टूट जाए तो, 1 कप दूध में 1 चम्‍मच अर्जुन के छाल का पावडर मिला कर दिन में तीन बार पियें। इससे हड्डियों में ताकत आती है और जल्‍द ही हड्डी जुड़ जाती है। आप चाहें तो छाल के पावडर को घी के साथ मिक्‍स कर के जहां हड्डी टूटी हैं, वहां पर लगा कर बैंडेज बांध सकते हैं।

 7. पेशाब की रूकावट दूर करे

7. पेशाब की रूकावट दूर करे

रोजाना 40 एम एल अर्जुन के छाल का काढ़ा पियें। इस काढ़े से पेशाब की रुकावट दूर हो जाती है।

English summary

Top 7 Health Benefits Of Arjuna Tree

The Arjuna tree, native to India and used in many Ayurvedic medications, has numerous healing properties.
Story first published: Monday, January 9, 2017, 17:10 [IST]
Please Wait while comments are loading...