Latest Updates
-
Healthy Weight Loss Kela Stem Sabzi Recipe: फाइबर से भरपूर इस सब्जी को डिनर में शामिल करें -
World Bicycle Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व साइकिल दिवस? जानें इतिहास, महत्व और साइकिल चलाने के 10 फायदे -
Jodhpur Style Pyaz Kachori Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी कुरकुरी और चटपटी कचौरी -
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं -
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा
कितना अवेयर है आप PCOS के बारे में, इससे निपटने के सरल 5 उपाय
आप इन पांच तरीकों से पीसीओएस के दुष्प्रभावों से बच सकती हैं और जीवन को बेहतर बना सकती हैं।
पॉलिस्टिक ऑवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) एक प्रकार का अंतःस्रावी (हार्मोनल) विकार है जो महिलाओं के प्रजननों को ओवरसाइज कर देता है और उनकी कार्यकारी ओवरी होते हुए भी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर देता है।
इस विकार में महिलाओं के शरीर में कुछ-कुछ पुरूषों वाले हार्मोन्स बनने लगते हैं और उन्हें पीरियड्स न होना या बहुत ज्यादा होना, शरीर और चेहरे पर अत्यधिक बालों का विकास, दर्द वाले दाने, बालों का गिरना आदि समस्याएं होती है। इस विकार से इस समय कई सारी महिलाएं ग्रसित हैं जिससे उनके मूड स्विंग, फर्टिलिटी आदि प्रभावित होते रहते हैं। आंकडो से स्पष्ट हुआ है कि भारत में हर दूसरी महिला को ये विकार होता है।
इस विकार के लक्षण और दुष्प्रभाव, दाने होना, नींद न आना, मधुमेह, ह्दय रोग और एंडोमेट्रियल कैंसर होता है। आप इन पांच तरीकों से पीसीओएस के दुष्प्रभावों से बच सकती हैं और जीवन को बेहतर बना सकती हैं:

1. प्रतिदिन व्यायाम के साथ रक्त शर्करा के स्तर को कम करना-
अगर आप इस विकार से ग्रसित हैं तो सबसे पहले व्यायाम करना शुरू कर दीजिए। कम जीआई वाले फूड्स का सेवन करें ताकि आपके शरीर में रक्त शर्करा का स्तर कम हो जाएं। शर्करा स्तर कम न होने की दशा में मधुमेह होने का खतरा बढ़ जाता है। ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्री का सेवन करें, जिसमें वसा और सुगर की मात्रा न हों।

2. डेयरी और सोया उत्पादों को बोलें न -
पीसीओएस होने की दशा में, शरीर में प्रोटीन का ग्रहण, आवश्यक होता है। इसके लिए आपको अनाज का सेवन करना सबसे उपयुक्त होगा। साथ ही ध्यान रखना होगा कि आप डेयरी और सोया उत्पादों का सेवन अधिक मात्रा में न करें। रात्रि के दौरान, इनका सेवन वर्जित हैं। क्योंकि इन उत्पादों में टेस्टस्टेरॉन (पुरूषों में पाया जाने वाला हारमोन) होता है जो कि इस समस्या को दो गुना कर देते हैं। इसके अलावा, सोया में ऐसे गुण हैं जिनसे मासिक धर्म में अनियमितता आती है।

3. प्रतिदिन खुराक में शामिल करें फैट्टी एसिड स्त्रोतों को -
एसेंसिशल फैट्टी एसिड (ईएफए), व्यक्ति के शरीर में नहीं निर्मित होता है और इसे बाहरी भोजन से ही ग्रहण करना पड़ता है। इनमें ओमेगा 3 और 6 सबसे प्रमुख होते हैं जिन्हें आप मछली, अलसी, एवोकैडो, जैतून का तेल आदि का सेवन करके शरीर में बढ़ा सकते हैं।

4. कैफ़ीन छोड़ना -
अगर इस सिंड्रोम से कोई ग्रसित है तो उसे सबसे पहले कैफ़ीन युक्त पदार्थों का सेवन छोड़ना होगा। इनके सेवन से शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बहुत बढ़ जाता है और शरीर की सामान्य प्रक्रिया में बाधा पहुँचती है। इसके लिए, आपको कॉफी, चाय और चॉकलेट का सेवन करना बंद करना होगा।

5. मैग्नीशियम युक्त हरी पत्तेदार सब्जियां -
यूंं ही नहीं कहा जाता है कि हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। आप इनके सेवन से पीसीओएस को मेंटेन रख सकती हैं। इनमें कैलोरी बहुत कम, जबकि पोषक तत्व बहुत ज्यादा होते हैं। साथ ही आयरन, पोटैशियम, विटामिन बी, सी और ई की मात्रा भी कहीं अधिक होती हैं। जिससे शरीर में सभी आवश्यक तत्व पूरे हो जाते हैं और हारमोन भी संतुलित बने रहते हैं।
साथ ही इनमें पाया जाने वाला मैग्नीशियम, नर्व सिस्टम को कंट्रोल में रखता है और शरीर को दुरूस्त बनाने में सहायक होता है। इसके अलावा, प्रतिदिन व्यायाम करें, तनाव न लें और सही फूड का चयन करें।



Click it and Unblock the Notifications