महिलाएं ही नहीं पुरुषों को भी होता है मूड स्विंग, जानिए कारण!

अक्‍सर ये माना जाता है कि मह‍िलाए बहुत मूडी होती है। मिनटों में उनका मूड बदलता र‍हता है। जिसे मूड स्विंग भी कहा जाता है। कई लोगों को मानना है कि मूड स्विंग की समस्‍या सिर्फ महिलाओं को घेरे रहती है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के साथ मूड स्विंग की समस्‍याएं पुरुषों में भी पाई जाती है। मूड स्विंग की समस्या तनाव, हार्मोनल चैंजेस की वजह से होती है।

मूड स्विंग की वजह से आप कब खुश हो जाओं ये कब कब क्रोधित कुछ मालूम ही नहीं चलता है। ये अचानक से आपके हार्मोन में आए बदलाव के वजह से आप रिएक्‍शन देने लगते हैं। महिलाओं में अक्‍सर गुस्‍सा, क्रोधित और तनाव जैसे लक्षणों के वजह से मूड स्विंग के बारे में मालूम किया जाता है। लेकिन पुरुषों में मूड स्विंग के बारे में मालूम करना थोड़ा मुश्किल होता है क्‍योंकि वो अपने अच्‍छे और बुरे मूड के बारे में जाहिर नहीं होने देते है।

Irritability in Men and Mood Swings in Men

आइए जानते है पुरुषों के मूड स्विंग के लक्षणों के बारे में।

इरिर्टेबल मेल सिंड्रोम (आईएमएस)

पुरुषों में होने वाले मूड स्विंग को इरिर्टेबल मेन सिंड्रोम या इरिर्टेबल मेल सिंड्रोम (आईएमएस) कहा जाता है। ईरिटबलिटी पुरुषों में खासकर हाई स्‍ट्रेस कोर्टिसोल के स्‍तर और निम्‍न टेस्‍टटोस्‍टेरोन के स्‍तर की वजह से होता है।

डिप्रेशन और मूड स्विंग में अंतर

अवसाद और मूड स्विंग्स में कुछ अंतर होते हैं जिन्हें समझना बहुत जरूरी है। अवसाद या डिप्रेशन का कारण बाहरी हालात होते हैं, शारीरिक समस्या, किसी निकट जन की मृत्यु, संबंध का टूटना या फिर कुछ ऐसा जो भावनात्मक रूप से आपको तोड़ दें। लेकिन मूड स्विंग का कारण सिर्फ हार्मोनल परिवर्तन ही होता है, जो कि पूरी तरह आंतरिक क्रिया है।


भावनाएं प्रकट न कर पाना

मर्द को दर्द नहीं होता है। हमारा समाज ये ही मानता आ रहा है कि एक मर्द कभी रोता नहीं है और वो बहुत ही मजबूत होता है। इसी वजह से पुरुष ना तो अपना दर्द और ना ही अपनी भावनाएं किसी को बता पाते हैं। महिलाएं अपनी फीलिंग्‍स जाहिर करने के ल‍िए रोकर,हंसकर या गुस्‍सा करके प्रतिक्रियाएं दे देती है। जिसकी वजह से उनका दिल बहुत हद तक हल्का हो जाता है, लेकिन पुरुष का रोना उसके कमजोर होने की निशानी मान ली जाती है।

आने लगता है गुस्‍सा

अगर आपके क्रोध की कोई सीमा नहीं रहती, आप अचानक से क्रोधित हो जाते हैं, तो यह बताता है कि आप भी मूड स्विंग के शिकार हैं।


ताने मारना

अक्‍सर कहा जाता है कि ताना मारना या छींटाकशी करना महिलाओं का काम होता है लेकिन अगर कोई पुरुष बात बात पर ताने मारने लगें और आपको कुछ भी सुनाने लगे तो समझने में देर ना लगाइए कि वो मूड स्विंग का शिकार है।

परेशानी में डूबे रहना

निराशा और चिंता में आप निरंतर डूबे रहते हैं और इस वजह आपको नींद भी नहीं आती तो यह मूड स्विंग की परेशानी दर्शाता है।

रहते है असुरक्षित

पागलपन या डर, आपको हर समय घेरे रहता है। आपके भीतर एक अजीब सा डर है जो आपको निरंतर परेशान करता जा रहा है। अचानक से आप असुरक्ष‍ित महसूस करने लगते हैं।

अत्याधिक लगाव

इसके अलावा किसी चीज या किसी व्यक्ति के प्रति अत्याधिक लगाव, जो कि पागलपन की हद भी पार कर रहा हो, एक बड़ी निशानी है कि आप मूड स्विंग्स के शिकार हैं।

एंडोपॉज की स्थिति होना

महिलाओं की तरह पुरुष भी रजोनिवृति की स्थिति से गुजरते है। जैसे जैसे उनका एंड्रोपॉज निकट आने लगता है, पुरुषों को मूड स्विंग होने लगता है।। पुरुषों में एंड्रोपॉज की वजह से इरर्टिबल‍िटी की समस्‍या उन्‍हें घेरने लगती है। खासकर जो पुरुष 40 से 60 वर्ष की आयु के बीच होते है।

योग और मेडिकेशन करें

पुरुषों में मूड स्विंग हार्मोनल बदलाव की वजह से होता है। इससे निजात पाने के ल‍िए पुरुषों को योगा करना, मेडिकेशन करना या फिर व्यायाम करना चाहिए। इससे पुरुषों के टेस्टोस्टेरोन की मात्रा सही रहती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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