गर्म होती है हल्‍दी की तासीर, जानिए किन लोगों के ल‍िए हल्‍दी बन सकता है जहर

Turmeric (Haldi) is harmful of these people: इन लोगों के लिए ज़हर से कम नहीं हल्दी का सेवन | Boldsky

आपने अभी तक हल्दी के फायदों के बारे में सुना होगा और रोजमर्रा में आप हल्‍दी का उपयोग खाने और मसाले के तौर पर करते ही होंगे। हल्‍दी के फायदों से तो आप अच्‍छी तरह से वाकिफ हैं, लेकिन क्‍या आप इसके होने वाले नुकसान के बारे में जानते है? अगर आप वाकई नहीं जानते है तो हल्दी के नुकसान के बारे में भी आपको जानकारी होनी चाह‍िए। वैसे तो हल्‍दी हर आम भारतीय रसोई में मसाले के रुप में प्रयोग किया जाता है।

हालांकि इसके अनगिनत स्‍वास्‍थ्‍य लाभ हैं, पर फिर भी इसकी ज्‍यादा मात्रा के सेवन से कुछ साइड इफेक्‍ट भी हो सकते हैं। वो कहते है ना हर चीज की अति भी नहीं होनी चाहिए। कई महिलाएं इसे फेस पैक में मिलाकर चेहरे पर लगाती है तो कई लोग इसे दूध में डाल कर पीते हैं। शायद आपको मालूम हो कि हल्‍दी की तासीर गर्म होती है जिस वजह से इसे ज्‍यादा लेने से आपको कई मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है।

Side Effects of Turmeric to Know About Before You Take It

इसलिए हर किसी को इसे नहीं लेना चाहिए। खासकर उन लोगों को जिनकी बॉडी गर्म रहती है या जिन्हें नाक से खून आना या पाइल्स जैसी प्रॉब्लम्स रहती हैं। यह ब्लीडिंग को बढ़ा देता है। आइए जानते है कि किन लोगों को हल्‍दी के दूध पीने या ज्‍यादा हल्‍दी के सेवन से बचना चाह‍िए।

एलर्जी होने पर

एलर्जी होने पर

अगर आपको मसालों के सेवन से एलर्जी हो जाती है तो हल्दी का भी प्रयोग बंद कर दें। यह आपकी एलर्जी को और बढ़ा सकती है।

लो स्‍पर्म की वजह

लो स्‍पर्म की वजह

आप मानेंगे नहीं लेकिन हल्दी, टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के स्तर को कम कर सकता हैं। ये मेल हार्मोन होता है इसकी कमी की वजह से स्पर्म की सक्रियता में कमी आ जाती है। अगर आप अपनी फैमिली प्लान कर रहे हैं तो कोशिश कीजिए कि हल्दी का सेवन ज्‍यादा न करें।

एन‍िमिया हो सकता है

एन‍िमिया हो सकता है

हल्दी का बहुत अधिक सेवन करने से आयरन का अवशोषण बढ़ जाता है। जिन लोगों में पहले से ही आयरन की कमी है उन्हें बहुत सोच-समझकर हल्दी का सेवन करना चाहिए। इससे एनीमिया की समस्‍या बढ़ सकती है और खून भी पतला हो सकता है।

गर्भवती रहें जरा सावधान

गर्भवती रहें जरा सावधान

हल्दी को भोजन में कम मात्रा में लिया जाए तो गर्भावस्था के दौरान कोई परेशानी नही हैं। लेकिन इस समय पर ज्यादा सेवन या इसका दवाई के रूप में सेवन खतरनाक हो सकता है। इससे यह गर्भाशय को उत्तेजित कर सकता है जिससे गर्भ गिर भी सकता है और मासिक धर्म की अवधि को बढ़ा सकता है।

एसिडिटी और गैस के मरीज

एसिडिटी और गैस के मरीज

अगर किसी को एसिडिटी और गैस है या पेट का अल्सर है तो उन्हें हल्दी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसमें मौजूद करक्यूमिन गैस, एसिडिटी की समस्या बढ़ाता है।

नकसीर और बवासीर

नकसीर और बवासीर

जिन लोगों को नकसीर और पाइल्‍स यानी बवासीर की समस्‍या उन्‍हें तो हल्‍दी खाने से बचना चाह‍िए। क्‍योंकि हल्‍दी की तासीर गर्म होती है तो ये समस्‍याएं और बढ़ा सकती है।

पथरी होने पर

पथरी होने पर

अगर आप रोजाना ज्यादा हल्‍दी खाते हैं तो ये गालब्‍लेडर में किडनी बना सकते है। हल्दी में घुलनशील ऑक्सालेट के उच्च स्तर होते हैं जो आसानी से कैल्शियम से जुड़ सकते हैं और अघुलनशील कैल्शियम ऑक्सलेट बना सकते हैं। अघुलनशील कैल्शियम ऑक्सालेट 75% सभी किडनी स्टोन समस्याओं के कारण होता है। किडनी स्टोन बनाने की प्रवृत्ति वाले लोगों को रोजाना 40-50 मिलीग्राम से कम डाइटरी ऑक्सीलेट के सेवन को सीमित करते हैं, जिसका मतलब है कि हल्दी को संयमित मात्रा में खाना चाह‍िए।

सर्जरी के दौरान

सर्जरी के दौरान

हल्दी खून का थक्का जमने नहीं देता है, जिसकी वजह से खून का स्त्राव बढ़ जाता है। अगर आपकी किसी तरह की सर्जरी हुई है या फिर होने वाली है तो हल्दी के सेवन से बचें।

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