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हेल्दी समझे जाने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर बन सकते हैं मौत की वजह
आज के समय में लोग आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन किसी ना किसी रूप में अवश्य करते हैं। सॉफ्ट ड्रिंक्स से लेकर स्नैक्स और अन्य कई फूड्स में आर्टिफिशियल स्वीटनर्स को शामिल किया जाता है। लेकिन यही आर्टिफिशियल स्वीटनर आपके हद्य पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। आज के समय में जिस तरह हार्ट अटैक के कारण मौतों की संख्या बढ़ रही है, उसके पीछे का एक कारण आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन भी है।
कुछ लोग तो हेल्थ कॉन्शियस होने के कारण शुगर के स्थान पर आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करना पसंद करते हैं। इन्हें शुगर का एक हेल्दी और लो कैलोरी विकल्प माना जाता है। यकीनन इनका कैलोरी काउंट काफी कम होता है, लेकिन लंबे समय तक इनका सेवन सेहत पर कई विपरीत असर डालता है। रिसर्च में यह साबित हुआ है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर हार्ट अटैक व स्ट्रोक के रिस्क को बढ़ा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में-

क्या कहती है रिसर्च
बीएमजे जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन में पाया गया है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर वास्तव में आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते है और संभावित रूप से हृदय रोग का कारण बन सकती है। दुनियाभर में हजारों खाद्य उत्पादों में आर्टिफिशियल स्वीटनर मौजूद हैं और लाखों नागरिकों द्वारा इसका सेवन किया जाता है। लेकिन रिसर्च के परिणाम बताते हैं कि आर्टिफिशियल स्वीटनर शुगर के सुरक्षित विकल्प नहीं हो सकते हैं। इसलिए, आर्टिफिशियल स्वीटनर के साथ शुगर को स्विच करना एक स्वस्थ विकल्प नहीं है।

स्टडी में यह आया सामने
शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन में एक लाख से अधिक लोगों की डाइट और आर्टिफिशियल स्वीटनर के इनटेक को 9 साल तक ट्रैक किया। जिसके पश्चात् यह सामने आया कि जिन लोगों ने ज्यादा मात्रा में आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन किया था, उन्हें अन्य लोगों की तुलना में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा 9 फीसदी और स्ट्रोक का खतरा 18 प्रतिशत तक बढ़ गया था।

आर्टिफिशियल स्वीटनर और हद्य रोग में संबंध
आर्टिफिशियल स्वीटनर ग्लूकोज को ठीक से मेटाबॉलाइज करने की शरीर की क्षमता को बाधित कर सकता है। जिसके कारण यह मधुमेह और हृदय संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक जोखिम कारक हो सकता है। विशेष रूप से दो स्वीटनर, सुक्रालोज़ और सैकरीन विशेष रूप से सेहत पर अपना विपरीत असर डालता है।

आर्टिफिशियल स्वीटनर से हो सकते हैं ये नुकसान
रिसर्च में यह साबित हुआ है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर हद्य रोग की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं। लेकिन इसके अलावा भी आर्टिफिशियल स्वीटनर से कुछ नुकसान हो सकते हैं। मसलन-
• यह शरीर के मेटाबॉलिज्म पर विपरीत असर डाल सकता है, जिससे वजन कम होने के स्थान पर वजन बढ़ता है।
• जब लगातार आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन किया जाता है, तो यह इंसुलिन हार्माेन को प्रभावित कर सकता है। जिसके कारण व्यक्ति को टाइप 2 डायबिटीज जैसी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है।
• यह व्यक्ति में मेमोरी लॉस, डिप्रेशन, सिरदर्द और माइग्रेन आदि की वजह भी बन सकता है।

अपनाएं यह तरीके
मांसपेशियों के संकुचन और सेलुलर फंक्शन देने के लिए कुछ चीनी की आवश्यकता होती है, लेकिन ऐसे में आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन करना अच्छा नहीं है। अगर आप खुद को हेल्दी रखना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए-
• आप अपने आहार में कितने आर्टिफिशियल स्वीटनर का सेवन कर रहे हैं, इसके बारे में आप अधिक जागरूक हो। इसे ट्रैक करने के लिए कुछ तरीके अपनाएं।
• डाइट सोडा या अन्य पेय और खाद्य पदार्थों में कटौती करें। इसके बजाय बिना स्पार्कलिंग वाटर, नारियल पानी और भरपूर पानी पीएं। साथ ही जंक फूड को भी कम से कम खाएं।
• फल, सब्जियां, मछली, प्रोटीन, फलियां, बीन्स और अन्य खाद्य पदार्थों से युक्त स्वस्थ संतुलित आहार का सेवन करें।
• नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। इससे आप अपने हार्ट को अधिक हेल्दी बनाए रख सकते हैं।
• अपने वजन को मेंटेन रखने की कोशिश करें।
• नियमित रूप से हेल्थ चेकअप करवाएं।



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