For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

कोरोना वायरस: कैसे मिला इस खतरनाक वायरस को नाम, जाने कारण और बचाव

|
CoronaVirus : Why this Virus Called Corona and know its story | Boldsky

कोरोना वायरस का कहर चारों तरफ छाया हुआ है। चीन के बाद अब ये खतरनाक वायरस चारों भारत में अपना पैर पसारने लगा हैं। केरल में अभी तक इस वायरस के 3 मामले सामने आ चुके हैं। डब्‍लूएचओ ने इस वायरस को इंटरनेशनल इमरजेंसी जारी कर द‍िया है। चूंकि कोरोना वायरस का कहर जारी है इसलिए वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए चीन के कई शहरों में आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। वहीं, सबसे अधिक प्रभावित वुहान को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

लोगों में इस वायरस को लेकर भय का माहौल बना हुआ हैं। इस वायरस से जुड़ी हर छोटी सी छोटी अपडेट आपको अवेयर कर सकती हैं।

आइए जानते हैं क‍ि ये खतरनाक वायरस कहां से आया हैं और इसके लक्षण और बचाव क्‍या हैं? इसके अलावा इसका नाम कैसे पड़ा।

कहां से आया ये वायरस?

कहां से आया ये वायरस?

इस वायरस को लेकर अभी तक कई तरह के र‍िसर्च सामने आ चुके हैं। सीएनएन के मुताबिक पर्यावरण और स्वास्थ्य पर काम करने वाली एक गैरसरकारी संस्था से जुड़े एक डॉक्टर ने बताया है कि अगर आप कोरोना वायरस के जेनेटिक सिक्वेंस को गौर से देखेंगे तो ये चमगादड़ के करीब दिखता है। चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेशन की स्टडी में भी बताया गया है कि अब तक के जो डाटा मिले हैं, उसके मुताबिक कोरोना का वायरस पहले चमगादड़ में देखा गया है।

चीन के वैज्ञानिकों ने एक साल पहले दी थी 'महामारी' फैलने की चेतावनी चमगादड़ से फैलने वाली बीमारियों को लेकर चीन में लगातार रिसर्च चल रही है। यहां तक की चीन के वैज्ञानिकों ने एक साल पहले ही ये चेतावनी दे दी थी कि चीन में चमगादड़ के जरिए कोरोना वायरस फैल सकता है। खास बात ये है कि ये चेतावनी भी वुहान के वैज्ञानिकों ने ही जारी की थी।

ऐसे पड़ा नाम कोरोना

ऐसे पड़ा नाम कोरोना

जब सूर्य को ग्रहण लगता है यानी सूर्य ग्रहण के वक्त जब पृथ्वी सूर्य को पूरी तरह ढक देती है तो गोले के रूप में सूरज दिखना तो बंद हो जाता है लेकिन उसकी किरणों द्वारा हर तरफ फैल रही रोशनी दिखाई पड़ती है, जो तेजी से कहीं ब्रह्मांड में विलुप्त होती हुई दिखती है। इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि यह सूरजमुखी के फूल की तरह की संरचना बन जाती है। जो बीच से काली होती है और इसके वृत्त के चारों तरफ नर्म किरणों का प्रकाश फैल रहा होता है, जैसे सूरजमुखी की पंखुड़ियां होती हैं। पृथ्वी की छाया के चारों तरफ फैल रही सूर्य की इस रोशनी को कोरोना कहा जाता है। इसी कारण इस वायरस का नाम कोरोना दिया गया क्योंकि इसकी बनावट कोरोना जैसी ही है। दरअसल, यह वायरस गोल है और इसकी सतह पर पृथ्वी के कोरोना की तरह प्रोटीन की स्टेन्स यानी शाखाएं उगी हुई हैं। जो हर दिशा में फैलती हुई महसूस होती हैं।

 कारण

कारण

कोरोना वायरस को लेकर हर रोज नई-नई अपडेट्स आ रही हैं। पहले इस वायरस के बारे में कहा गया था कि यह इंफेक्टेड सी-फूड खाने से ही फैलता है। जबकि हालही डब्ल्यूएचओ ने इस बात की पूरी संभावना जताई है कि यह वायरस परिवार के लोगों में एक से दूसरे के संक्रमण में आने से फैल सकता है। किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने और फिर आपके मुंह, नाक या आंखों को छूने से भी वायरस का संक्रमण हो सकता है।

सी फूड से बनाएं दूरी

सी फूड से बनाएं दूरी

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर आप सी फूड का सेवन करते हैं तो तुरंत उससे बचना चाहिए, क्योंकि कोरोना वायरस के उत्सर्जन के लिए प्रमुख स्रोत के रूप में अभी सी फूड को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। चूंकि अभी कोरोनावायरस से बचने के लिए कोई वैक्सीन का ईजाद नहीं हुआ है तो सावधानी ही बचाव के लिए बेहतर उपाय है।

 बचाव

बचाव

कोरोना वायरस से संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टर लोगों को संक्रमित लोगों से दूर रहने की सलाह देते हैं। इसके अलावा भीड़ में जाने पर हाथ-मुंह धोना चाहिए, बुखार और खांसी होने पर घरेलू और सामान्य उपचार करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

English summary

How Coronavirus Got Its Name: All You Need To Know About Coronavirus Symptoms & Causes Explained in Hindi

How did coronavirus get its name? An all you need to know about coronavirus.
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Boldsky sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Boldsky website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more