ब्लैक टी या दूध की चाय, जानिए कि‍स चाय को पीकर करें हेल्दी शुरुआत

चाय एक ऐसा पेय पदार्थ है, जिससे अधिकतर घरो में लोगों के दिन की शुरूआत होती है। यूं तो चाय का सेवन दुनियाभर में किया जाता है, लेकिन भारत में चाय की खपत सबसे अधिक होती है। इतना ही नहीं, यहां पर बड़ी मात्रा में चाय का उत्पादन किया जाता है। भारतीय चाय बोर्ड के एक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक है। यहां खास बात यह है कि भारत में कुल चाय उत्पादन में से लगभग 80 प्रतिशत घरेलू खपत हो जाती है।

इतना ही नहीं, भारत में लोग तरह-तरह की चाय का सेवन करना पसंद करते हैं। जहां हेल्थ कॉन्शियस लोग बिना दूध की ब्लैक टी पीना पसंद करते हैं। वहीं, घर में मेहमानों के स्वागत में मिल्क टी विद शुगर सर्व की जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि ब्लैक टी और दूध वाली चाय के बीच क्या अंतर होता है। तो चलिए आज इस लेख में हम इन दो तरह की चाय के बीच के फर्क के बारे में आपको बता रहे हैं-

ब्लैक टी के स्वास्थ्य लाभ

ब्लैक टी के स्वास्थ्य लाभ

ब्लैक टी या काली चाय को हेल्थ के लिए काफी अच्छी मानी गई है। इससे व्यक्ति को कई बेहतरीन लाभ मिलते हैं।

यह कोरोनरी धमनी की बीमारी को ठीक करने में मदद करती है। इतना ही नहीं, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मुद्दों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।

अगर कोई दमा से पीड़ित है तो उसे ब्लैक टी पीने से बहुत अधिक फायदा होता है क्योंकि यह एयरवे को चौड़ा करती है, जिससे उन्हें अधिक बेहतर तरीके से सांस लेने में मदद मिलती है। साथ ही, इससे उन्हें काफी आराम भी महसूस होता है।

• वैसे यह महिलाओं को मेनोपॉज के चरण में कई तरह की समस्याओं से राहत दिलाती है।

• ब्लैक टी पाचन तंत्र के मुद्दों को ठीक करने में मदद करती है।

• ब्लैक टी आपको अधिक ऊर्जावान महसूस करवाती है।

• इसके सेवन से स्किन और बालों की अपीयरेंस भी बेहतर होती है।

• ब्लैक टी आपके मेंटल फोकस और रिजुविनेशन को बनाए रखने में मदद करती है। साथ ही, यह तनाव को भी कम करती है।

• यह हड्डियों की डेंसिटी को बढ़ाती है, जिससे गठिया का खतरा कम होता है।

जब पीएं ब्लैक टी

जब पीएं ब्लैक टी

काली चाय यूं तो सेहत के लिए लाभदायक है, लेकिन इसे सही समय पर पीना बेहद आवश्यक है। आपको खाने के तुरंत बाद ब्लैक टी पीने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें फिनोल नामक रसायन होता है। यदि भोजन के तुरंत बाद काली चाय का सेवन किया जाता है, तो चाय में मौजूद फिनोल भोजन में आयरन के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं।

हालांकि, जिन लोगों में पहले से ही आयरन की कमी है उन्हें खाना खाने के बाद ब्लैक टी पीने से बचना चाहिए। इसके बजाय, वे दो मील्स के बीच और दिन की शुरुआत में इसका सेवन कर सकते हैं।

दूध की चाय के स्वास्थ्य लाभ

दूध की चाय के स्वास्थ्य लाभ

काली चाय की तरह ही दूध की चाय के भी अपने लाभ है। साथ ही, चाय में दूध मिलाने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

• चाय के फ्री रेडिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट इसे पीने लायक बनाते हैं।

• एक अच्छी कप मिल्क टी शरीर को ताकत देती है। दूध में कैल्शियम की मात्रा विशेष रूप से हड्डियों को मजबूत करती है।

• यह ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत है और तनाव को कम करने में भी मदद करती है क्योंकि इसमें कैफीन होता है, जो शरीर को तरोताजा कर देता है।

• दूध की चाय में एक एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट होता है जो चाय में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी काम करता है।

• दूध की चाय वसा और वजन घटाने दोनों के अनुकूल है।

• अपने कार्बोहाइड्रेट, खनिज और कैल्शियम सामग्री के कारण, दूध की चाय को तेजी से एक स्वस्थ पेय माना जाता है।

दूध चाय के प्रतिकूल प्रभाव

दूध चाय के प्रतिकूल प्रभाव

हालांकि, दूध की चाय का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। बहुत अधिक दूध वाली चाय के सेवन से टाइप 2 मधुमेह, चिंता, अनिद्रा, ऑयली त्वचा और मुंहासे, कब्ज, डिहाइड्रेशवन, महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी और लत हो सकती है। दूध वाली चाय का सेवन करने का एक नुकसान यह भी है कि दूध चाय के आवश्यक स्वास्थ्य लाभों को पतला कर देता है।

Story first published: Wednesday, June 8, 2022, 14:30 [IST]
Desktop Bottom Promotion